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चंडीगढ़

सरकार ने उठाया बड़ा कदम, प्रॉपर्टी टैक्स में बंद होगी हेराफेरी, खत्म होंगे अवैध निर्माण और कब्जे

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सरकार ने उठाया बड़ा कदम, प्रॉपर्टी टैक्स में बंद होगी हेराफेरी, खत्म होंगे अवैध निर्माण और कब्जे

प्रॉपर्टी टैक्स में धोखाधड़ी अब हरियाणा के शहरों में बंद हो जाएगी। प्रदेश की सभी 86 नगर पालिकाओं, परिषदों और निगमों में स्थित करीब 32 लाख संपत्तियों में से 29 लाख का जियो डाटा बेस तैयार किया गया है। शेष तीन लाख संपत्तियों की मैपिंग का काम तेजी से चल रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने का रास्ता आसान हो जाएगा। जियो मैपिंग के कारण झज्जर के बेरी और जींद में टैक्स कैलकुलेशन दो से तीन गुना बढ़ गया है। यह अब हर जिले में संभव होगा और प्रॉपर्टी टैक्स लगाने से लेकर वसूली तक कहीं भी गलत नहीं होगा। 86 शहरों की 32 लाख संपत्तियों में से 29 लाख का जियो डाटा बेस अब तक तैयार है, जीआईएस मैपिंग न होने के कारण नगरीय निकाय यह नहीं जान पा रहे थे कि कौन सी संपत्ति कहां है और कितना टैक्स बनाया गया है।

सरकार ने उठाया बड़ा कदम, प्रॉपर्टी टैक्स में बंद होगी हेराफेरी, खत्म होंगे अवैध निर्माण और कब्जे

इस कारण टैक्स में काफी धांधली हुई। सेटिंग के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स के बिल भेजे जा रहे थे और सेटिंग के आधार पर उन्हें एडजस्ट भी किया गया। हरियाणा अब प्रॉपर्टी मैपिंग और टैगिंग करने वाला पहला राज्य बन गया है। शहरी निकाय मंत्री अनिल विज, अपर मुख्य सचिव एसएन राय और महानिदेशक अमित अग्रवाल की टीम ने इस कार्य में विशेष रुचि दिखाई है। जियो मैपिंग से बेरी और जींद में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन दो से तीन गुना बढ़ गया है, ताकि शहरी इलाकों में आने वाली प्रॉपर्टी की सीमा तय की जा सके। एयर ड्रोन से संबंधित टैक्स की शिकायतें खत्म हो जाएंगी। पुराने सर्वे के आंकड़ों में ६० प्रतिशत मामलों में संपत्ति के मालिक और ९० प्रतिशत मामलों में पिता के नाम का जिक्र नहीं था । अब विभाग द्वारा कंसल्टेंसी फर्म याशि कंसल्टिंग द्वारा तैयार संशोधित आंकड़ों के आधार पर टैक्स नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। पहली बार शहरों में 20 लाख से ज्यादा सड़कों के यूनिक आईडी नंबर खास हैं, पहली बार शहरों में 20 लाख से ज्यादा सड़कों के यूनिक आईडी नंबर दिए गए हैं। 32 लाख से अधिक संपत्तियों को यूनिक आईडी दी जाएगी। यशी कंसल्टिंग के अध्यक्ष संजय गुप्ता के मुताबिक, प्रॉपर्टी, बिजली पानी के बिल और प्रॉपर्टी की खरीद के टैक्स नोटिस में भविष्य में यह यूनिक आईडी अनिवार्य होगी।

 

इससे संपत्ति मालिक की संपत्ति सुरक्षित हो जाएगी और वह कब्जा और अवैध निर्माण नहीं कर पाएगा। प्रॉपर्टी टैक्स कितना हो गया, यह जानना संभव होगा, दोनों मुख्यमंत्री मनोहर लाल और शहरी निकाय मंत्री अनिल विज प्रॉपर्टी टैक्स में फैली गड़बड़ी को दूर करना चाहते थे। जियो मैपिंग के कारण कोई भी व्यक्ति अपने प्रॉपर्टी टैक्स की जानकारी लेने के लिए मोबाइल या टैक्स आईडी का इस्तेमाल कर सकता है। यह टैक्स ऑनलाइन मोड के जरिए जमा किया जा सकता है। सभी शहरों में वार्ड, कॉलोनी और सेक्टरों की सीमाएं जीआईएस के नक्शे पर निर्धारित की गई हैं। सभी परिसंपत्तियों का सीरियल नंबर दिया गया है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, एचएसआईआईडीसी, हाउसिंग बोर्ड से संबंधित कॉलोनियों में पुराने मकान नंबर रखे गए हैं। अनिल विज पूरे प्रोजेक्ट की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यह पूरा प्रोजेक्ट स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज की देखरेख में चल रहा है। कंसल्टेंसी फर्म यशी कंसल्टिंग और नगरीय निकायों के निदेशक अमित अग्रवाल के नेतृत्व में निकायों की टीम द्वारा संपत्ति कर के आंकड़े राज्य स्तरीय पोर्टल पर डाले जा रहे हैं। प्रोजेक्ट पूरा होने पर प्रॉपर्टी टैक्स की गणना समान रूप से की जा सकती है, जिससे टैक्स चोरी और टैक्स अनियमितताओं की सभी शिकायतें खत्म हो सकती हैं।