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युवाओं पर बड़ी मार, बुख़ार की जगह दिखाई दे रहें है ये लक्षण

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युवाओं पर बड़ी मार, बुख़ार की जगह दिखाई दे रहें है ये लक्षण

देश और दुनिया भर के लोग कोरोना वायरस (Corona vIrus) की दूसरी लहर से जूझ रहे हैं। कोविड के डबल म्यूटेंट (Double mutant )के आने से सभी की चिताएं और बढ़ा दी हैं। भारत में हर रोज ढाई लाख से ज्यादा नए मामले आ रहे हैं। कोविड पीड़ितों की मौंतों का सिलसिला भी रुकने का नाम से रहा है। हाल के दिनों में कोरोना बच्चों और युवाओं को ज्यादा संक्रमित कर रहा है। दिन प्रतिदिन संक्रमित युवाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।

विशेषज्ञों की मानें तो इस बार युवा कोविड के अलग-अलग लक्षणों का शिकार हो रहे हैं। वैज्ञानिक भी इसके अलग-अलग वेरियंट को लेकर खोजबीन में लगे हैं। हाल ही में डायग्नोस्टिक लैब जेनस्ट्रेक्स डायग्नोस्टिक सेंटर के संस्थापक-निदेशक डॉक्टर गौरी अग्रवाल ने बताया कि ‘बुजुर्गों की तुलना में इस बार बहुत से युवा कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं। सभी युवाओं में कोरोना के अलग-अलग लक्षण हैं।

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​कोविड संक्रमित युवाओं को नहीं है बुखार पर हो रहीं ये दिक्कतें

डॉक्टर गौरी अग्रवाल ने बताया कि इस बार कोविड से यंग लोग ज्यादा परेशान हैं। कई युवा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, लाल आंखें, सिरदर्द समेत कई बीमारियों की शिकायत कर रहे हैं। हालांकि, किसी ने बुखार आने का जिक्र नहीं किया है।’ यही वजह है कि अब सरकार की ओर से कोविड टेस्टिंग प्रक्रिया को बढ़ाया गया है और 1 मई ये 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन लगने भी आदेश जारी हो चुके हैं।

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मालूम हो कि हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि राज्य में 65 प्रतिशत नए मरीज 45 साल के कम आयु के हैं।
(फोटो साभार: TOI)

​बच्चों के लिए खतरनाक है दूसरी लहर

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मुंबई के पीडी हिंदुजा नेशनल हॉस्पिटल के एक सलाहकार और महाराष्ट्र के Cidid-19 के सदस्य खुसरव बजान ने बताया, ‘हम 12-15 साल से कम उम्र के बच्चों में कोरोना का संक्रमण के लक्षण देख रहे हैं। दूसरी लहर में जानलेवा वायरस वे बच्चों को अपनी चपेट में लिया है। जबकि पिछले वाला कोरोना वायरस बच्चों के लिए प्रोटेक्टिव था लेकिन दूसरी लहर वाला कोविड मासूमों के लिए खतरा बन चुका है।’

तेजी से फैल रहा इस बार का संक्रमण

हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि भारत में कोविड मामलों को लेकर महत्वपूर्ण सबूतों का समर्थन करने के लिए अधिक डेटा की जरूरत है, जिसमें नमूनों की जीनोम अनुक्रमण (Genome sequencing) एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कोविड-19 के लिए नैशनल क्लिनिकल रजिस्ट्री (NCR) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना की पहली और दूसरी लहर में आयु वर्ग के लिहाज से संक्रमितों में काफी हद तक समानता देखने को मिल रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, पहली लहर में अस्पताल में भर्ती होने को मजबूर कोरोना मरीजों की औसतम उम्र 50.4 वर्ष थी और इस वर्ष यह 48.9 वर्ष है। वायरोलॉजिस्ट शाहिद जमील (virologist Shahid Jameel) का कहना है कि इस बार का संक्रमण म्यूटेंट है जो काफी तेजी से लोगों में फैल रहा है। ऐसे में आप आप कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं। इससे बचने के लिए आपको मास्क पहनना चाहिए और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए।

​डॉक्टर ने दी लंबा लॉकडाउन लगाने की सलाह

ANI से बातचीत में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर श्याम अग्रवाल ने कहा कि आणविक आधार (molecular basis) के एक अध्ययन के अनुसार, देश के 60 फीसदी लोग डबल म्यूटेंट से संक्रमित हुए हैं जो पुराने वायरस से बेहद खतरनाक है।
इस सिचुएशन को ध्यान में रखते हुए कई राज्य सरकारों ने वीकेंड पर लॉकडााउन और नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। डॉक्टर के अनुसार, कोरोना वायरस की ट्रांसमिशन चैन को सिर्फ लंबी ड्यूरेशन वाला लॉकडाउन की तोड़ सकता है।

Source : NavBharat

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