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हरियाणा सरकार ने बिजली कट को लेकर बड़ा फैसला‍ लिया है।

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हरियाणा सरकार ने बिजली कट को लेकर बड़ा फैसला‍ किया है। राज्‍य में अब अघोषित बिजली कट लगे तो संबंधित क्षेत्र के एसडीओ जूनियन इंजीनियर और शिफ्ट इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई होगी व उन्‍हें इसके लिए चार्जशीट किया जाएगा।

 

हरियाणा में अघोषित बिजली कट के मद्देनजर राज्‍य सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब बिजली कट के लिए अधिकारी और कर्मचारी जिम्‍मेदार होंगे। ऐसी हालत में संबंधित क्षेत्र के एसडीओ, जूनियर इंजीनियर (JE) और शिफ्ट इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनको चार्जशीट किया जाएगा।

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हरियाणा में 1966 के बाद पहली बार 11 हजार 732 मेगावाट बिजली की खपत

दरअसल हरियाणा में बेहद गर्मी और इंडस्ट्री का पहिया घूमने की वजह से बिजली की मांग एकाएक बढ़ गई है। हरियाणा बनने के बाद से सबसे अधिक 11 हजार 732 मेगावाट बिजली की खपत पहुंच गई है। यूनिट में यह बिजली 25 करोड़ यूनिट बनती है। राज्य सरकार के पास बिजली की उपलब्धता 12 हजार मेगावाट की है। इसके बावजूद यदि बिजली की खपत बढ़ी तो सरकार अपने मित्र राज्यों से अतिरिक्त बिजली की खरीद करेगी।

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इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने अधिकारियों को बिजली के कट न लगाने के निर्देश दिया है। सरकार ने कहा है कि यदि बिजली के लिए आंदोलन या प्रदर्शन होते हैं तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एसडीओ, जेई और शिफ्ट अटेंडेंट की होगी। उन्हें चार्जशीट किया जाएगा।

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गुरुग्राम में 34 फीसद खपत बढ़ी, सरकार के पास 12 हजार मेगावाट की उपलब्धता

हरियाणा सरकार ने बिजली अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी जिले में बिजली के कट बिल्कुल भी न लगाए जाएं। पंजाब में न केवल बिजली के कट लग रहे हैं, बल्कि चंडीगढ़ में भी बिजली की सप्लाई बाधित हो गई है। पंजाब में कार्यालयोंका समय सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक कर दिया गया है। हरियाणा में भी बिजली की भारी किल्लत चल रही है। लोगों को उनकी मांग के अनुरूप बिजली नहीं मिल रही है, लेकिन बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है।

रणजीत चौटाला के अनुसार हरियाणा में 12 हजार मेगावाट बिजली की उपलब्धता है। जब से हरियाणा बना है, इस बार बिजली खपत सबसे अधिक हो गई है। हरियाणा के इतिहास में आज तक इतनी बिजली का इस्तेमाल नहीं हो पाया है। हमारे पास सरप्लस बिजली है। इसके बावजूद यदि जरूरत पड़ी तो हम दूसरे राज्यों से बिजली खरीदकर अपनी प्रदेश की जनता को देंगे।  चौटाला ने बताया कि अब से पहले गुरुग्राम में सबसे अधिक 1147 मेगावाट बिजली की खपत हुई थी, लेकिन बृहस्पतिवार को यह 1500 मेगावाट तक पहुंच गई, जो 34 फीसद अधिक है। वहां एक बार भी ब्रेकडाउन नहीं हुआ।

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बिजली मंत्री के अनुसार हमारा कट लगाने का कोई इरादा नहीं है। सभी एसडीओ, जेई, शिफ्ट अटेंडेंट और एएलएम को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके इलाके में बिजली की कमी, सप्लाई में बाधा या कट के लिए कोई प्रदर्शन हुआ तो इसकी जिम्मेदारी इन्हीं अधिकारियों की होगी। उन सभी को सरकार की तरफ से चार्जशीट किया जाएगा।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि यदि बिजली कार्यालय में कोई अधिकारी या कर्मचारी शिकायतकर्ता के फोन नहीं उठाए तो ऐसे अफसरों की शिकायत सीधे हरियाणा सरकार से आधिकारिक फोन नंबरों पर की जाए। उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

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