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नगर निगम को पैसे देने के लिए, हरियाणा में बढ़ेंगे बिजली के दाम और महंगे बिल को तैयार

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नगर निगम को पैसे देने के लिए, हरियाणा में बढ़ेंगे बिजली के दाम और महंगे बिल को तैयार

 

हरियाणा में सरकार बिजली महंगी करने जा रही है। नगर निगम की खस्ता हालत को देखते हुए शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने यह प्रस्ताव बना कर भेजा है। विभाग के मंत्री इस बात से सहमत हैं, लिहाजा मामला मुख्यमंत्री की संस्तुति के लिए भेज दिया गया है। विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में बिल पर लगने वाला नगर निगम (एमसी) टैक्स 2 प्रतिशत के बजाय तीन प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है।

सांकेतिक तस्वीर।

यह टैक्स सरकार की ओर से लगाया जाता है। लिहाजा सरकार इसे अपने स्तर पर ही बढ़ाती है। बिजली नियामक आयोग तक यह मसला नहीं पहुंचता है। हरियाणा में अधिकतर स्ट्रीट लाइटें नगर निगम के अधीन आती हैं। इनका जो बिल आता है बिजली निगम वह बिल छोड़कर बाकी रिकवरी में से एमसी टैक्स का पैसा नगर निगमों को अदा कर देता है। जिसके माध्यम से निगमों की वित्तीय स्थिति मजबूत होती है।
फिलहाल निगम अपने अधीन आने वाले क्षेत्राें से प्रापर्टी टैक्स तथा अन्य टैक्सों की वसूली करता है लेकिन निगमों का ढांचा इतना बड़ा है कि इन टैक्सों के माध्यम से निगमों का खर्च चल पाना संभव नहीं हो पाता है। वर्तमान में प्रदेश में दस नगर निगम हैं। जिसमें फरीदाबाद, गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, हिसार, रोहतक, अंबाला शहर और पंचकूला नगर निगम शामिल हैं।

इनमें फरीदाबाद और गुरुग्राम नगर निगम का कार्य क्षेत्र काफी बड़ा है। जिसके कारण इन निगमों की आर्थिक स्थित उतनी खराब नहीं है, जितनी कि हरियाणा के अन्य नगर निगमों की है। मालूम हो कि शहरी ढांचागत व्यवस्था को बनाए रखने में नगर निगमों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क से लेकर साफ सफाई तक का सारा काम नगर निगम के पास है। कोरोना काल सैनिटाइजेशन जैसे अहम काम भी नगर निकाय के पास आ गए हैं।

 

Source : Amar Ujala