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पांच राज्यों ने नहीं दी हरियाणा रोडवेज की बसों को चलाने की मंजूरी, आज फिर होगी बैठक

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पांच राज्यों ने नहीं दी हरियाणा रोडवेज की बसों को चलाने की मंजूरी, आज फिर होगी बैठक

हरियाणा सरकार अइब अंतरराज्‍यीय बस सेवा शुरू करना चाहती है। राज्‍य सरकार हरियाणा रोडवेज की बस सेवा शुरू करना चाहती है। हरियाणा सरकार ने अन्‍य राज्‍यों को इस बारे में प्रस्‍ताव भेजा है। लेकिन, केंद्र सरकार द्वारा अंतर राज्‍यीय सीमाओं को खोलने के बावजूद चार पड़ोसी राज्यों ने हरियाणा को बसों के आवागमन की मंजूरी नहीं दी है। इसके चलते राज्य परिवहन को भारी घाटा हो रहा है। ताजा हालातों को देखते हुए हरियाणा के परिवहन मंत्री ने आज विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

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केंद्र सरकार के अंतरराज्‍यीय बार्डर खोलने पर भी नहीं मान रहे हरियाणा के पड़ोसी

अनलॉक-4 के तहत बीती 16 सितंबर से सरकार ने अंतरराज्यीय बसों का संचालन शुरू किया। राज्य परिवहन के बेड़े में कुल 3800 नियमित बसें तथा 470 किलोमीटर स्कीम वाली बसें हैं। अनलॉक-4 के तहत हरियाणा सरकार द्वारा 2300 बसें चलाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अभी 1700 बसें की सडक़ों पर हैं।

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हरियाणा रोडवेज अन्‍य राज्‍यों में अपनी बस सेवा शुरू करना चाहता है।

दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल व उत्तराखंड के मुद्दे पर होगी बैठक

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हरियाणा सरकार ने बसों का संचालन शुरू करने से पहले उत्तर प्रदेश, राजस्थान,दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तराखंड प्रशासन को पत्र लिखकर बसों के संचालन को एनओसी जारी करने की अपील की थी। उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ तथा राजस्थान सरकार ने हरियाणा सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

 

हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब तथा दिल्ली ने अभी हरियाणा को बसों के संचालन के लिए एनओसी नहीं दी है। इसके चलते हरियाणा सरकार द्वारा आईएसबीटी दिल्ली की बजाए चंडीगढ़ से कुंडली बार्डर तक ही बसें चलाई जा रही हैं। पड़ोसी राज्यों द्वारा मंजूरी नहीं दिए जाने से हरियाणा रोड़वेज को न केवल वित्तीय घाटा हो रहा है बल्कि पड़ोसी राज्यों में जाने वाले लोगों को भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।

” कुछ राज्यों द्वारा अभी तक बसों के आवागमन को मंजूरी नहीं दी गई है। हालांकि केंद्र के निर्देशों पर इंटर स्टेट सीमाओं को खोल दिया गया है। इस मामले को लेकर सीमावर्ती जिलों के रोडवेज महाप्रबंधकों से रिपोर्ट मंगवाई गई है। इसके अलावा परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा उक्त जिलों के साथ किए गए पत्राचार पर भी स्टेट्स रिपोर्ट मांगी गई है। मंगलवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। इसमें पड़ोसी राज्यों के संबंध में फैसला लिया जाएगा।

Source : Jagran

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