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20-20 के बैच में स्कूलों में आएंगे विद्यार्थी, कंधे पर रिबन और हाथ में उसी रंग का होगा बैंड, ऑक्सीजन लेवल जांचा जाएगा, फोन में आरोग्य सेतु एप भी जरूरी

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20-20 के बैच में स्कूलों में आएंगे विद्यार्थी, कंधे पर रिबन और हाथ में उसी रंग का होगा बैंड, ऑक्सीजन लेवल जांचा जाएगा, फोन में आरोग्य सेतु एप भी जरूरी

छह माह से बंद पड़े स्कूलों को खोलने से पहले व्यापक तैयारियां करनी होंगी। कक्षाओं में आने वाले विद्यार्थियों के बबल बनाने होंगे। एक बबल में 20 विद्यार्थी होंगे। हर विद्यार्थी को कंधे पर अपने बबल के कलर का रिबन लगाना होगा। इनमें रेड, ब्ल्यू, ग्रीन, येल्लो, पिंक आदि शामिल होंगे। विद्यार्थी को अपने बबल के कलर का बैंड भी कलई में पहनना होगा। एक बबल के विद्यार्थी दूसरे बबल के विद्यार्थियों से नहीं मिल पाएंगे।

तीन गेट से एंट्री होगी और इन्हीं से लौटकर घर चले जाएंगे। करनाल के निगदू में 12वीं कक्षा के और सोनीपत के बाजीदपुर में 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए 4 दिनों तक वीडियो शूट किए जाएंगे। हरियाणा शैक्षणिक सत्र चालू करने के लिए समूचे देश का मार्गदर्शन करेगा, क्योंकि यह वीडियो केंद्र सरकार को भेजे जाएंगे। हर विद्यार्थी के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर दी है, जबकि स्कूल में विद्यार्थियों के ऑक्सीजन स्तर को नापने के लिए आक्सीमीटर होंगे।

हर बच्चे का पूरा रिकार्ड रखा जाएगा, फिर उसे शिक्षा निदेशालय को भेज दिया जाएगा। अभिभावकों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। यह वीडियो सभी विद्यार्थियों व अभिभावकों को भेजे जाएंगे। इसमें केंद्र द्वारा जारी एसओपी का पालन किया जाएगा। संबंधित विभागों की टीमों ने शुक्रवार को निगदू के राजकीय स्कूल का निरीक्षण किया और हर व्यवस्था का जायजा लिया। शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक नंद किशोर वर्मा ने निगदू स्कूल में हर व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंप दी है। टीमें चारों दिन स्कूल में मौजूद रहेंगी।

सबके जूते होंगे सेनिटाइज, थर्मल स्कैनिंग भी जरूरी

आज से निगदू के राजकीय स्कूल में 12वीं कक्षा के लिए 120 विद्यार्थियों को शूटिंग के लिए बुलाया जाएगा। इनमें छह बबल बनाए गए हैं। प्रति बबल 20 विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। हर बबल के विद्यार्थियों के जूते स्कूल में एंट्री से पूर्व ही सेनेटाइज होंगे। यही नहीं हाथों को भी सेनेटाइज करना होगा। थर्मल स्कैनिंग के बाद ही एंट्री मिलेगी। 40-40 मिनट के पीरियड होंगे, जबकि कुल तीन घंटे पढ़ाई कराई जाएगी।

हेल्थ व स्वच्छता विशेषज्ञों की टीम ने लिया जायजा

शुक्रवार को निगदू में स्टेट मुख्यालय व जिले से टीमों को भेजा गया, ताकि कोई कमी न रहे। इस टीम में हेल्थ विशेषज्ञ, स्वच्छता विशेषज्ञों सहित शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी विषयों के टीचर्स को अपनी तैयारी करके आने को कहा गया है। साथ ही हर टीचर को बताया गया है कि उनको किस तरह के शिक्षा देनी है। हर बबल के विद्यार्थी आएंगे, पढ़ेंगे और जाएंगे। उनके वीडियो शूट होंगे।

एक-दूसरे से मिल नहीं पाएंगे बबल के विद्यार्थी

सबसे खास बात यह है कि स्कूल के टीचर्स और प्रोटोकॉल अधिकारी यह ध्यान रखेंगे कि एक बबल के विद्यार्थी दूसरे बबल के विद्यार्थियों के संपर्क में नहीं आएंगे। यानी एक कलर के विद्यार्थी ही एक जोन में रहेंगे। दूसरे जोन में जाने की किसी को जाने की इजाजत नहीं होगी। इस अवधि में जहां विद्यार्थियों के हाथ धुलवाए जाएंगे, वहीं उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की हिदायत दी जाएंगी।

सरकार लेगी निर्णय, किन कक्षाओं की होगी पढ़ाई

फिलहाल यह तय नहीं किया गया है कि 9वीं से 12वीं कक्षा तक स्कूल खाेले जाएंगे या नहीं। ऐसी संभावना है कि पहले 10वीं व 12वीं कक्षा की पढ़ाई शुरू हो सकती है। यह अक्टूबर में ही होने की संभावना है। वहीं, इसके बाद 9वीं व 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया जा सकता है। सरकार को निर्णय करना है कि किन कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाया जाए।