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पानीपत में हरियाणा का दूसरा मैनलेस आटोमेटिक सब स्टेशन बनकर तैयार, जानिए क्या है खासियत

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पानीपत में हरियाणा का दूसरा मैनलेस आटोमेटिक सब स्टेशन बनकर तैयार, जानिए क्या है खासियत

पानीपत की नई अनाज मंडी में करीब 12 करोड़ की लागत से 33 केवी सब स्टेशन बनकर तैयार है। जोकि प्रदेश का दूसरा मैनलेस आटोमेटिक सब स्टेशन है। उम्मीद है कि मौजूदा सप्ताह के आखिर में ही इससे बिजली सप्लाई मिलने लगेगी। सब स्टेशन पूरी तरह से मैनलेस रहेगा, जहां केवल एक चाैकीदार तैनात होगा। एक आपरेटर सर्कल कार्यालय में बैठकर ही उसे चलाएगा। इससे पहले ऐसा सब स्टेशन करनाल में जाटव गेट के पास लगा है।

पानीपत में मैनलेस आटोमेटिक सब-स्टेशन बनकर तैयार।

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फ्रांस की कंपनी के लगे है उपकरण

प्रदेश के दूसरे मैनलेस आटोमेटिक 33 केवी सब स्टेशन में फ्रांस की श्नाइडर इलेक्ट्रिक कंपनी से आए उपकरणों को लगाया गया है। प्रयोग होने वाले उक्त कंपनी के उपकरण बेहतर माने जाते हैं। जहां एक विशेष तरह का कंट्राेल पैनल तैयार किया गया है। एसडीओ नरेंद्र जागलान ने बताया कि इसी तर्ज पर दिल्ली में बने 20 बिजली घराें काे एक ही ऑपरेटर हैंडल कर लेता है।

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सामान्य की तुलना में बहुत अच्छा

सर्कल में अनेक सामान्य सब स्टेशन चालू हैं। लेकिन सामान्य सब स्टेशनों के मुकाबले उक्त मैनलेस आटोमेटिक सब स्टेशन में काफी समानताएं हैं। सामान्य सब स्टेशन से निकलने वाले फीडरों की लाइन में फाल्ट आने पर कर्मचारियों को उसे काफी देर तक तलाशना पड़ता है। लेकिन इससे जुड़े फीडर की लाइन में जहां फाल्ट होगा। उसकी लोकेशन का तुरंत पता चल जाएगा। ऐसे में कर्मचारी फाल्ट को जल्द ठीक करा वहीं से चालू करा सकेंगे। पूरा कंट्राेल पैनल गैस इंसुलेटेड सब स्टेशन (जीआइएस) पर आधारित है। वीसीबी आटोमेटिक काम करेगी। फाल्ट आते ही डाउन हाे जाएगी। जबकि सामान्य में वीसीबी पर मैन्युअल काम करना पड़ता है। सामान्य सब स्टेशन में एक शिफ्ट में दो शिफ्ट अटेंडेंट तैनात रहते हैं। इसे सर्कल कार्यालय से ही एक कर्मचारी चला सकेगा। मैनलेस आटोमेटिक सब स्टेशन एक हजार वर्गगज में तैयार हुआ है। जहां बिल्डिंग की बजाय एक कंटेनर में ही पूरा कंट्राेल पैनल लगा है। जबकि सामान्य के लिए करीब एक एकड़ जमीन की जरूरत होती है।

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करीब 12 करोड़ आएगा खर्च

सामान्य सब स्टेशन के मुकाबले उक्त सब स्टेशन में जहां सुविधाएं ज्यादा होंगी। वहीं इसकी लागत भी सामान्य के मुकाबले कई गुणा ज्यादा है। अधिकारी के मुताबिक सामान्य सब स्टेशन के निर्माण में करीब तीन करोड़ की लागत आती हैं। वहीं इसमें करीब 12 करोड़ रुपये की लागत आएगी। उक्त सब स्टेशन से सेक्टर-25, अनाज मंडी, अनाज मंडी एरिया, विकास नगर, हुडा, शिव नगर व आइटीआइ एरिया सहित आठ फीडरों को जोड़ा जाएगा।

ट्रायल के बाद करेंगे चालू

एसई एसएस ढुल ने दैनिक जागरण को बताया कि नई अनाज मंडी स्थित मैनलेस आटोमेटिक 33 केवी सब स्टेशन बनकर तैयार है। एकाध दिन में उसे ट्रायल के तौर पर चालू किया जाएगा। इसके बाद फीडरों की लाइन को जोड़कर वहां से सप्लाई चालू कर दी जाएगी। सर्कल में यह प्रोजेक्ट सफल हुआ तो ऐसे अन्य सब स्टेशन भी लगाए जाएंगे।

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