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पानीपत में वैक्सीन का ड्राई रन, ज़िले में 8 जगह लगा टिका, सिविल में सबसे पहले

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पानीपत में वैक्सीन का ड्राई रन, ज़िले में 8 जगह लगा टिका, सिविल में सबसे पहले

 

 

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कोरोना वैक्सीनेशन के रिहर्सल में ही स्वास्थ्यकर्मी देरी से पहुंचे। सिविल अस्पताल के सेंटर में पहला टीका तय समय से 20 मिनट देरी से लग पाया। वैक्सीनेशन टीम को ड्यूटी के हिसाब से पूरी प्रक्रिया समझाई गई। यह टीम ही वैक्सीन मिलने पर टीकाकरण करेगी। टीम को समय का ध्यान रखने की हिदायत दी गई है।

कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन के लिए जिले में कुल 8 सेंटर बनाए गए थे। सभी सेंटरों पर 25-25 स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाकर वैक्सीनेशन में आने वाली परेशानियों को समझा गया। सिविल अस्पताल में ड्राई रन के लिए चयनित स्वास्थ्यकर्मी देरी से पहुंचे। जिस कारण यहां पहला टीका 11 बजे के स्थान पर 11:20 बजे लग पाया।

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वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डॉ. मनीष पासी ने वैक्सीनेशन की पूरी प्रक्रिया बताई। कहा कि वैक्सीन लेने वाले का दो बार वैरिफिकेशन किया जाएगा। उसके आधार कार्ड की डिटेल को डिजिटली मैच किया जाएगा। मिस मैच होने पर वैक्सीन नहीं लगेगी। वैक्सीन लेने वाले का मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। ताकि दूसरी डोज की उसे मैसेज के माध्यम से सूचना दी जा सके।

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उधर, CMO डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि सभी 8 सेंटरों पर वैक्सीनेशन का ड्राई रन किया गया। सभी सेंटरों पर स्थिति अच्छी रही। स्टाफ और लाभार्थी को समय का ध्यान रखना होगा।

टीके के बाद देने हैं चार की-मैसेज
नोडल अधिकारी ने बताया कि जिस सिरिंज से वैक्सीन लगेगी वह दोबारा यूज नहीं की जा सकती है। टीका लगाने के बाद संबंधी नर्स टीका लगने वाले को चार की-मैसेज देंगी। उनमें पहला होगा कि आपको कोविड-19 का टीका लगा है, इससे टीका लगने वाले स्थान पर सूजन व बुखार हो सकता है, आपको आधा घंटा ऑबजर्वेशन एरिया में बैठना है तथा 28 दिन बाद आपके मोबाइल पर दूसरे टीके का मैसेज आएगा।

ऑबजर्वेशन टाइम के दौरान दिखाई जाएंगी टीकाकरण की वीडियो
आधा घंटे के ऑबजर्वेशन के दौरान लाभार्थी को TV के माध्यम से वैक्सीनेशन की वीडियो दिखाई जाएगी। ताकि लाभार्थी का आधा घंटा भी कट जाए और वह वैक्सीनेशन की पूरी जानकारी से भी अवगत हो जाए।

परेशानी होने पर तुरंत दिया जाएगा उपचार
वैक्सीनेशन के बाद सूजन, बुखार और खुजली हो सकती है। इसके उपचार के लिए हर वैक्सीनेशन सेंटर पर AEFI मैनेजमेंट रूम बनाए गए हैं। यहां डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। रूम सभी उपकरणों से लैस है। एंबुलेंस भी स्टैंड बाई रखी गई। ऑक्सीजन का भी प्रबंध किया गया है।

 

 

Source : Bhaskar

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