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पानीपत

कम पड़ गए उम्मीद के टीके, 45 प्लस वालों के लिए नहीं वैक्सीन

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कम पड़ गए उम्मीद के टीके, 45 प्लस वालों के लिए नहीं वैक्सीन

जिले में कोरोना वैक्सीनेशन स्टॉक अनुपलब्धता की भेंट न चढ़ जाए। हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 साल या इससे अधिक आयु वर्ग को पहली डोज के लिए वैक्सीन ही नहीं है। वैक्सीन नहीं होने के कारण दूसरी डोज ही लगेगी। स्टॉक न होने के कारण विभाग ने रविवार को चार केंद्रों में वैक्सीनेशन किया। नतीजा, मात्र 399 को डोज लगी। इनमें 18 से 44 साल आयु वर्ग के 159 लाभार्थी भी शामिल हैं।

16 जनवरी से शुरू हुए वैक्सीनेशन से लेकर अब तक दो मई ऐसा दिन रहा जब सबसे कम लाभार्थियों को टीका लगाया गया है। वैक्सीनेशन के तीसरे चरण का 18 से 44 साल आयु वर्ग के स्वागत किया है। टीका लगवाने के लिए युवाओं में उत्साह भी दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को एक केंद्र बतरा कॉलोनी में इस आयु वर्ग का टीकाकरण शुरू किया। केंद्र में युवाओं की कतार देखी गई। हालात ऐसे बने की 100 को टीके लगने थे, पहले दो घंटे में ही रजिस्ट्रेशन फुल हो गए। केंद्र में 159 लाभार्थियों ने टीका लगवाया।

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कम पड़ गए उम्मीद के टीके, 45 प्लस वालों के लिए नहीं वैक्सीन

वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डा. मनीष पासी ने बताया कि दूसरी डोज के लिए कोविशील्ड और को-वैक्सीन उपलब्ध है। 18 से 44 साल आयु वर्ग के लिए राज्य सरकार ने 1200 डोज मुहैया कराई हैं। ये डोज सभी 29 केंद्रों में वितरित कर दी गई हैं। रविवार को मात्र 399 को लगा टीका

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टीकाकरण केंद्र संख्या 04

हेल्थ वकर्स को डोज 10

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फ्रंटलाइन वर्कर्स को डोज 04

18 से 44 साल को डोज 159

45 से 59 साल को डोज 156

सीनियर सिटीजन को डोज 70 किस केंद्र में कितने को टीका

सिविल अस्पताल 170

बतरा कालोनी 159

समालखा 60

नारायणा 10 स्वास्थ्य विभाग की मुसीबत बढ़ी :

हेल्थ-फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 साल या इससे अधिक आयु वर्ग के लिए वैक्सीन केंद्र सरकार मुहैया करा रही है। 18 से 44 साल वर्ग के लिए हरियाणा सरकार उपलब्ध कराएगी। स्टाक रजिस्टर कंप्यूटराइज्ड मेंटेन करने में स्वास्थ्य विभाग को दिक्कत आने वाली है। कब कौन सी वैक्सीन खत्म हो जाए, इसकी भी चिता रहेगी। महिलाओं को रखना होगा ध्यान :

डा. पासी ने बताया कि वैक्सीन का ट्रायल गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर नहीं हुआ है। सीधा अर्थ, ऐसी महिलाओं को टीका नहीं लगवाना है। कॉलेज गोइंग और कामकाजी युवतियां-महिलाएं टीकाकरण में रुचि लें। मासिक धर्म के दौरान टीका से कोई दिक्कत नहीं है। किसी महिला को गंभीर बीमारी है तो टीका लगवाने से पहले डाक्टर को जरूर बताएं। टीका लगा, खुशी हुई :

शांतिनगर निवासी इलेक्ट्रिकल इंजीनियर राजेंद्र ने बताया कि गत माह मैं बड़े भाई के साथ सिविल अस्पताल में टीका लगवाने गया था। मेरी आयु 45 नहीं थी, टीका नहीं लगा तो मैं उदास हो गया था। हर बालिग को निश्शुल्क टीका लगाने का सरकार का निर्णय सराहनीय है। देर आए दुरुस्त आए :

खैल बाजार वासी तरुण ने कहा कि कोरोना वैक्सीन का ट्रायल 18 साल या इससे अधिक आयु वर्ग पर हुआ था। सरकार को 16 जनवरी से ही सभी बालिगों का टीकाकरण शुरू करना था। युवाओं में टीका के प्रति उत्साह है, वैक्सीनेशन स्पीड पकड़ेगा। अब भागेगा कोरोना :

बैंक कर्मी प्रिस ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में युवा अधिक संक्रमित मिल रहे हैं। जैसा कि डाक्टर बताते हैं कि वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 14 दिन बाद शरीर में एंटीबाडी बननी शुरू हो जाती है। वायरस फेफड़ों पर कम असर करता है। लगता है कि अब कोरोना खत्म होगा। कोरोना की चेन टूटे, टीकाकरण की नहीं :

भारत नगर निवासी दुकानदार हरिओम ने भी 18 प्लस के टीकाकरण पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अब कोरोना की चेन टूटनी चाहिए, वैक्सीनेशन की नहीं। यह तभी संभव है जब केंद्र और राज्य सरकार वैक्सीन का स्टाक भरपूर उपलब्ध कराती रहें। वैक्सीनेशन से मिला हौसला :

भारत नगर निवासी मधु ने कहा कि मुझे कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगी, मैं बहुत खुश हूं। मास्क पहनना, हाथों को बार-बार सैनिटाइज करने और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करूंगी। वैक्सीन ने मुझे एक हौसला दिया है कि कोरोना हारेगा। वैक्सीनेशन की कॉल को तुरंत करें डिस्कनेक्ट

डा. पासी ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए अभी किसी भी लाभार्थी को फोन कॉल नहीं की जा रही है। किसी व्यक्ति को इस प्रकार की कॉल आती है तो तुरंत डिस्कनेक्ट कर दें। साइबर क्राइम करने वाले आपसे आधार कार्ड का नंबर मांगेंगे, इसके बाद मोबाइल फोन में आए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मांगेंगे। जैसे ही आप ओटीपी बताएंगे, आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है।

 

SOURCE : JAGRAN

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