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पानीपत

इंतजाम अधूरे, अस्पताल में नहीं बेड..खुद ही कोरोना से बचें

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इंतजाम अधूरे, अस्पताल में नहीं बेड..खुद ही कोरोना से बचें

जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। रोज औसतन 100 कोरोना पॉजीटिव मिल रहे हैं। हालात ये हैं कि ज्यादातर मरीजों को घर पर आइसोलेट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास इतने पुख्ता प्रबंध नहीं हैं कि सभी मरीजों को सरकारी व निजी अस्पतालों में रखा जा सके। पानीपत के सामान्य अस्पताल 200 बेड का है। इसमें 41 बेड कोरोना मरीजों के लिए हैं। इसी तरह से समालखा के सरकारी अस्पताल में 100 में से 76 बेड कोरोना मरीजों के लिए हैं। ईएसआइ अस्पताल में 70 में से 45 बेड कोरोना पॉजिटिव के लिए हैं। यानी, हमें खुद को ही सुरक्षित रखना होगा, क्योंकि सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए जगह नहीं है। निजी अस्पतालों में रोज का हजारों का खर्च है।

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Coronavirus: Indian, Pakistani students in Wuhan panic as Chinese officials set up hospitals in camp- The New Indian Express

74 कोरोना संक्रमितों की हो चुकी है मौत

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में कोरोना से 74 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 19 सितंबर तक 20 लोगों की मौत हुई।

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कहां कितने कोरोना मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था अस्पताल बेड

सरकारी अस्पताल पानीपत 41

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सरकारी अस्पताल समालखा 76

ईएसआइ अस्पताल 45

सीएचसी खोतपुरा 10

सीएसची ददलाना 20

एनसी कॉलेज इसराना 560

प्रेम अस्पताल (निजी) 94

प्रेम इंस्टीट्यूय (निजी) 50

 

Wuhan hospital chief dies of coronavirus; death toll climbs to 1,871, 72,500 infected - world news - Hindustan Times

महाराजा अग्रसेन अस्पताल (निजी) 14 एंबुलेंस व स्टाफ की भी है कमी सरकारी अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 13 एंबुलेंस हैं। ड्राइवरों की कमी की वजह से आठ या नौ एंबुलेंस ही चल पाती हैं। सरकारी अस्पताल पानीपत में चार, सब डिविजनल अस्पताल समालखा में दो, शहरी स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर-25, सामुदायिक सवास्थ्य केंद्र, बापौली, अहर, नारायणा, मतलौडा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौल्था और खोतपुरा में एक-एक एंबुलेंस हैं। कम से कम आठ और एंबुलेंस की जरूरत है। इसी तरह से आठ से ज्यादा ड्राइवरों की भी दरकार है। 910 बेड का प्रबंध, मरीज 1369

जिले में सरकारी और निजी अस्पतालों के मिलाकर कोरोना पॉजिटिव के लिए 910 बेड के प्रबंध हैं। मरीजों की संख्या ही इस समय 1369 हैं। यानि 459 और बेड की जरूरत है। इसी वजह से मजबूरी में मरीजों को घरों पर ही आइसोलेट किया गया है। इन मरीजों की देखरेख की व्यवस्था भी पूरी नहीं है। मरीज इधर-उधर घूमते रहते हैं।

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