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आस्ट्रेलिया में फंसे सैकड़ों भारतीय, उन्‍हें हरियाणवी बांट रहे दाल-चावल, बोले- हम हैं ना

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 आस्ट्रेलिया, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा सहित अन्य देशों में पढ़ाई व रोजगार के लिए गए हजारों भारतीयों में ज्यादा संख्या छात्रों की है और इनके सामने खाने का संकट बना हुआ है। इनकी मदद के लिए पहले से स्थापित हरियाणवी सहारा बने हुए हैं, जो इन्हें  आटा, दाल व चावल फ्री मुहैया करा रहे हैं।

सहायता करने वालों में हरियाणवी कुनबा एडीलेड, जाट महासभा साउथ आस्ट्रेलिया, चाहत रेस्टोरेंट के गुरजिंदर सिंह व रॉयल ग्रोसरीज प्रमुख हैं। इसी तरह दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर का संचालन करने वाली स्वामी नारायण संस्था और पंजाब के लखवीर सिंह भी आटा, दाल व चावल के मुफ्त पैकेट बांट रहे हैं। आस्ट्रेलिया में अभी भारत की तरह कंप्लीट लॉकडाउन नहीं है, लेकिन बंद जैसा माहौल ही है। कहीं भी दो से ज्यादा लोग इकïट्ठे नहीं हो रही हैं। पार्क, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स व कम्युनिटी सेंटर बंद हैं।

स्थानीय निवासी भी करने लगे नमस्ते, भारतीय मसालों की डिमांड बढ़ी

आस्ट्रेलिया में भारतीयों को देखकर लोग अब हैंडशेक करने के बजाय हाथ जोड़कर नमस्ते करने लग गए हैं। अमेरिका में रह रहे भारतीयों ने अपनी रसोई में हल्दी, लहसुन, अदरक की मात्रा बढ़ा दी है। भारतीय ग्रोसरी स्टोर पर इन भारतीय मसालों की डिमांड बढ़ गई है। वहीं, न्यूजर्सी में इन भारतीय मसालों की ज्यादा कीमत वसूलने पर कई स्टोर पर जुर्माना लगाकर 15 दिन के लिए बंद भी कर दिया है।

आस्ट्रेलिया में फंसे भारतीय यहां संपर्क करें

हरियाणवी कुनबा एडिलेड के संयोजक और आस्ट्रेलिया के सिटी आफ वेस्ट टोरेंस में काउंसलर जींद के गांव जाजवान के सुरेंद्र चहल बताते हैं कि कोई भी भारतीय खाने-पीने की जरूरत के लिए उनके फोन नंबर 006-433108620 पर संपर्क कर सकते हैं। इनके अलावा भारतीय उच्चायुक्त के हेल्पलाइन नंबरों, जिनमें एक्ट व क्वींसलैंड के 61432585493, एनएसडब्ल्यू व साउथ आस्ट्रेलिया में 61420277261, विक्टाोरिया व तस्मानिया में 61430020828 और वेस्टर्न आस्ट्रेलिया व नार्दर्न टेरिटरी में 61431743681 पर संपर्क कर सकते हैं।

भारत के बारे में बढ़ रही चिंता: कुंडू

अमेरिका के न्यूजर्सी में रह रहे रोहतक के टिटौली के बालेंद्र कुंडू कहते हैं कि भारत के बारे में चिंतित है। न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, शिकागो, बोस्टन में हजारों लोग कोरोना से पीडि़त हैं। यहां ट्रंप सरकार देर से जरूर जागी है, लेकिन हर व्यक्ति का फ्री स्वास्थ्य बीमा कर दिया है। भारत में स्वास्थ्य सेवाएं यहां के मुकाबले काफी कमजोर हैं। इसलिए बेहतर यही है कि लोग घरों में ही रहें।kk

फ्रांस में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, फिर भी संभालना मुश्किल: फूल कुमार

फ्रांस के लिल शहर में रह रहे जींद के गांव निडाना के इंजीनियर फूल कुमार मलिक कहते हैं कि यहां रह रहे भारतीयों की मदद की जा रही है। भारत में उनके घरों लोग चिंता न करें और घरों में रहें।

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