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पानीपत

अस्पताल में थी फिर भी बच्चों से कहा- दीवाली मनाओ, इससे अलग शक्ति मिली व 10 दिन में ठीक होकर घर लौटी

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अस्पताल में थी फिर भी बच्चों से कहा- दीवाली मनाओ, इससे अलग शक्ति मिली व 10 दिन में ठीक होकर घर लौटी

 

“अस्पताल में भर्ती मरीज के लिए बाहर इंतजार कर रहे परिजनों की सोच बहुत मायने रखती है। मैं तो बहुत घबरा गई थी, लेकिन परिवार वालों ने कभी दूर होने ही नहीं दिया। इससे मुझमें हिम्मत आई। मैं दिल्ली के अस्पताल में भर्ती थी, फिर भी बच्चों से कहा- घर में दीवाली मनाओ। इससे अलग शक्ति मिली और मैं 10 दिन में ठीक होकर घर लौट आई। नवंबर की बात है, तब तो यह बात भी सामने नहीं आई थी कि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं।

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संगीता रेवड़ी | कोरोना वॉरियर  - Dainik Bhaskar

बुखार आया तो डॉ. जगजीत आहूजा के पास गए। कोरोना की जांच कराई, रिपोर्ट निगेटिव आई तो डॉक्टर के अनुसार दवा लेती रही। 12 दिन बीत गए, लेकिन बुखार नहीं उतरा। सब कुछ जांच करा ली। डेंगू, निमोनिया, लेकिन कुछ नहीं आया। बुखार उतर नहीं रहा था तो सभी चिंतित हो गए। फिर से मैं डॉक्टर के पास गई। इस बार डॉ. आहूजा ने कहा कि सिटी स्कैन कराओ। सिटी स्कैन कराया तो पता चला कि कोरोना से फेफड़ों में 45% तक इंफेक्शन हो चुका था। फिर दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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12 दिन तक जो शरीर ठीक से काम कर रहा था, कोरोना का पता चलते ही कहां से इतनी वीकनेस आ गई, समझ नहीं आ रहा था। शरीर में असहज दर्द। घबराहटों ने चारों ओर से मुझे घेर लिया। डॉक्टर ने मेरे पति रमेश रेवड़ी को बताया। फिर, परिवार वालों ने अजीब तरकीब निकाली। वे लोग रोजाना अस्पताल आने लगे। कमरे में आ नहीं सकते थे, इसलिए बाहर से घर वाले हमें खिड़की में देखते थे। खिड़की के पास मैं घंटों खड़ी रहती। दिन में मैं बाहर खड़े परिवार को देखती। वहीं, रात को वे लोग मुझे कमरे में देखते थे। परिवार से रोजाना वीडियो कॉलिंग और फोन से जुड़ा रहा। सब एक-दूसरे को हौसला देते रहे।

दीवाली के दिन मैं अस्पताल मेें एडमिट थी और बच्चे घर में मायूस। हमने फोन पर कहा कि घर में दीवाली मनाओ, बच्चों ने दीवाली मनाई। शायद उसी सकारात्मक शक्ति से मैं 10 दिन के अंदर ही ठीक होकर घर आ गई। अगर मेरे घर वाले मुझे उसी हाल में छोड़ देते तो शायद आज में यहां नहीं होती। मैं तो सभी कोरोना पॉजिटिव मरीजों और उनके परिवार वालों से यहीं कहूंगी कि सोच हमेशा पॉजिटिव रखें। इससे मरीज के शरीर को आंतरिक शक्ति मिलती है।- संगीता रेवड़ी | कोरोना वॉरियर

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Source : Bhaskar

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