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नए साल में नए मालिक के पास होगी Air India, डील से क्या-क्या मिलेगा Tata को?

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नए साल में नए मालिक के पास होगी Air India, डील से क्या-क्या मिलेगा Tata को?

Tata Sons ने 18,000 करोड़ रुपये की बोली लगाकर Air India को अपने नाम कर लिया. सरकार का कहना है कि ये डील दिसंबर 2021 तक पूरी हो जाएगी. इस तरह नए साल में एअर इंडिया की नई मालिक टाटा संस होगी. इस डील के पूरा होने के साथ ही टाटा संस को एअर इंडिया के मैनेजमेंट कंट्रोल के साथ-साथ और क्या-क्या मिलने जा रहा है. जानें यहां…

नए साल में नए मालिक की होगी Air India

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Air India के मालिकाना हक के साथ सबसे पहले Tata Sons के हाथ उसके भारी भरकम कर्ज का एक हिस्सा आएगा. हालांकि ये 18,000 करोड़ की पूरी डील का ही पार्ट है. असल में एअर इंडिया सरकार के लिए एक ‘उड़ता’ नहीं बल्कि ‘क्रैश’ होता जहाज बन गई थी. इसलिए 2017 से ही वो इसके प्राइवेटाइजेशन की कोशिश कर रही है. Air India पर अगस्त 2021 तक कुल 61,562 करोड़ रुपये का कर्ज है. इसमें से Tata Sons के हिस्से में 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज जाएगा

Air India का कर्ज

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Air India के मालिकाना हक की डील में टाटा संस को ना सिर्फ एअर इंडिया का मैनेजमेंट कंट्रोल मिलेगा. बल्कि उसकी लो-एयर फेयर सर्विस देने वाली सब्सिडियरी Air India Express की 100% हिस्सेदारी और ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी  AI-SATS की मैनेजमेंट कंट्रोल के साथ 50% हिस्सेदारी भी मिलेगी. इस डील में इन कंपनियों के हवाई जहाज, इनके रूट्स, इंटरनेशनल ऑपरेशन, पार्किंग और लैंडिंग राइट्स, कुछ बिल्डिंग शामिल हैं. वहीं सरकार एक नए एसपीवी  एअर इंडिया एसेट होल्डिंग लिमिटेड (AIAHL) को Air India से जुड़ी 14,718 करोड़ रुपये की नॉन-कोर एसेट ट्रांसफर करेगी, जिससे वह उसका बकाया ऋण चुकाएगी.

Air India और उसकी सब्सिडियरी

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एअर इंडिया की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही Tata Sons देश की सबसे बड़ी एविएशन कंपनी होगी, क्योंकि उसके पास पहले से Vistara और AirAsia India में हिस्सेदारी है. इस डील के साथ टाटा संस को एअर इंडिया का बड़ा जहाजी बेड़ा मिलेगा, जिसकी सबसे अच्छी बात ये है कि इसमें से अधिकतर एअर इंडिया के खरीदे हुए विमान हैं ना कि लीज पर लिए हुए. नागर विमानन मंत्रालय की जानकारी के मुताबिक एअर इंडिया के नए मालिक को दोनों एयरलाइंस के 140 से ज्यादा विमानों का बेड़ा मिलेगा. विमानों की संख्या के मामले में सिर्फ Indigo ही एयर इंडिया से आगे है. Air India के ‘जहाजों का बेड़ा’

Air India की सेवाएं देश के लगभग सभी हवाई रूट पर है. वहीं Jet Airways के बंद होने के बाद विदेशी रूट्स पर भी उसकी अच्छी पकड़ है. मार्केट शेयर के हिसाब से देखें तो Air India और Air India Express का डोमेस्टिक लेवल पर मार्केट शेयर 13.20% है. वहीं इंटरनेशनल लेवल पर ये 18.8% है जो देश में सबसे अधिक है. इसके अलावा एअर इंडिया की डील में बिजनेस कंटीन्यूटी का क्लॉज भी है. ऐसे में कुछ वक्त के लिए टाटा संस को इन सभी रूट्स पर अपनी सेवाएं देनी होंगी.

मिलेगा बढ़िया मार्केट शेयर

विदेशों के लिए उड़ान भरने वाली एअर इंडिया देश की सबसे बड़ी कंपनी है. भारत से सिंगापुर, खाड़ी देशों, हांग कांग, लंदन, ढाका, काठमांडू जैसे सबसे ज्यादा पॉपुलर उड़ान मार्गों पर सेवाएं देने के साथ-साथ वह अमेरिका, यूरोप के कई देशों के लिए सीधी उड़ानों का संचालन करती है. इसके अलावा स्टार अलायंस का हिस्सा होने से उसकी पहुंच और भी बढ़ती है. पीटीआई की खबर के मुताबिक एअर इंडिया घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1,800 लैंडिंग और पार्किंग स्लॉट रखती है. साथ ही विदेशी हवाईअड्डों पर कंपनी के पास करीब 900 स्लॉट हैं. ये स्लॉट कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंच और उड़ानों के बारे में बताते हैं. जबकि एअर इंडिया की सब्सिडियरी Air India Express हर हफ्ते 665 उड़ानों का संचालन करती है.

एअर इंडिया के अंतरराष्ट्रीय स्लॉट

Air India के कर्मचारियों की संख्या करीब 12,000 है. ये पूरी तरह से ट्रेंड स्टाफ है और इसमें पायलट से लेकर मैनेजर तब सब शामिल हैं. वहीं डील के हिसाब से Tata Sons को इन सभी कर्मचारियों को 1 साल तक नौकरी पर रखना होगा और वो दूसरे साल से ही इन्हें वीआरएस ऑफर कर सकती है. ऐसे में देखना ये होगा कि ये ट्रेंड स्टाफ नए मालिक के लिए एसेट बनता है या लायबिलिटी.

Air India का स्टाफ, एसेट या लायबिलिटी ?

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