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‘स्वस्थ मुस्लिम्स को सुई लगाकर कोरोना पेशेंट बना देंगे’- ये फ़ेक मैसेज पढ़ डॉक्टरों को पीट दिया

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मध्य प्रदेश का इंदौर. यहां टाटपट्टी इलाका. काफी घना बसा हुआ है. 1 अप्रैल को डॉक्टर्स की टीम यहां पहुंची. कोरोना वायरस के संदिग्धों का पता लगाने. एक परिवार से बातचीत चल ही रही थी कि सैंकड़ों की भीड़ वहां जमा हो गई. डॉक्टर्स के ऊपर पत्थर फेंके गए. खदेड़कर भगाया गया. इसी बीच किसी ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. फिर जमकर बवाल हुआ, मामला मीडिया में आया. सवाल उठे की पत्थरबाजी क्यों हुई? छानबीन हुई, तो जवाब भी मिला. जवाब था वॉट्सऐप पर वायरल होने वाले फेक मैसेज और वीडियो.

कैसे मैसेज और वीडियो?

भड़काऊ मैसेज. टाटपट्टी इलाके में रहने वाले लोगों के बीच ये मैसेज वायरल हुए थे कि डॉक्टर्स हेल्दी मुस्लिमों को लेकर जा रहे हैं. उन्हें जांच के बहाने ले जाकर फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट तैयार की जा रही है. उन्हें अस्पताल न ले जाकर, कहीं और ले जाया जा रहा है. फिर इंजेक्शन लगाया जा रहा है. कोरोना पॉजिटिव बनाया जा रहा है. जब व्यक्ति मरने की कगार पर आ रहा है, तो उसे जहर का इंजेक्शन देकर मार दिया जा रहा है.

इन मैसेज में लोगों से अपील की गई थी कि जब डॉक्टर्स की टीम जब जांच करने पहुंचे, तो उनसे कहा जाए कि यहीं पर जांच हो. रिपोर्ट भी घर पर ही लाई जाए. अगर वो कोरोना पॉजिटिव निकलेंगे, तो खुद अपने आप को घर में ही क्वारंटीन कर लेंगे.

इस मामले में ‘द लल्लनटॉप’ ने DIG हरीनारायण चारी से भी बात की. उन्होंने बताया कि टाटपट्टी इलाका, रानीपुरा इलाका सब पास-पास है. वहां तीन-चार दिन पहले से ही इस तरह के भड़काऊ मैसेज वायरल हो रहे थे. इसके अलावा टाटपट्टी के कुछ लड़कों ने भी इस मैसेज का सहारा लेकर लोगों को उकसाने का काम किया. लोगों ने उनकी बातों पर यकीन कर लिया. इसी वजह से जब डॉक्टर्स की टीम वहां पहुंची, तो उनके ऊपर हमला किया गया.

DIG ने बताया,

‘पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है. मैसेज फैलाने और लोगों को भड़काने के आरोप में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. डॉक्टर्स पर पत्थर फेंकने के आरोप में 13 की गिरफ्तारी हुई है. चार पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत केस दर्ज हुआ है. सुरक्षा और पुख्ता कर दी गई है.’

किन डॉक्टर्स पर हमला हुआ था?

डॉक्टर आनंद राय. इंदौर के हेल्थ एक्टिविस्ट हैं. कोविड-19 कॉम्बैट टीम के मेंबर हैं. इन्होंने जानकारी दी कि पांच हेल्थ वर्कर्स की टीम टाटपट्टी इलाके में गई थी, इनमें से दो डॉक्टर्स थे. एक डॉ तृप्ति कटदरे और एक डॉ ज़ाकिया सईद. इसी टीम पर हमला हुआ था. हालांकि थोड़ी दूरी पर पुलिस तैनात थी, लेकिन बस्ती के बाहरी तरफ थी. डॉ आनंद ने बताया,

‘जागरूकता की कमी की वजह से लोगों ने वायरल मैसेज पर विश्वास कर लिया. टाटपट्टी मुस्लिम बहुल इलाका है. उन्हें लगा कि डॉक्टर्स की टीम आएगी, उन्हें लेकर जाएगी और कोरोना पॉजिटिव कर दिया जाएगा. हालांकि डॉक्टर्स अपना काम कर रहे हैं. वो दोबारा उस इलाके में गए और लोगों का चेकअप कर रहे हैं.’

वहीं डॉक्टर तृप्ति, जो लोगों की पत्थरबाजी का शिकार हुई थीं, उन्होंने बताया कि वो दोबारा अपनी साथी डॉक्टर के साथ टाटपट्टी इलाके में गईं. इस बार लोगों ने उनका साथ दिया और थैंक्यू भी कहा.

वॉट्सऐप पर वायरल हुआ फेक मैसेज.

रानीपुरा में भी डॉक्टर के सामने थूका गया

इसके पहले इंदौर के ही रानीपुरा इलाके से भी इस तरह की घटना सामने आई थी. यहां कोरोना के लक्षण वाले लोगों का पता करने गए डॉक्टर के सामने थूका गया था. उन्हें धमकी दी गई थी. उनसे कहा गया था कि उनकी डॉक्टरी भुला दी जाएगी. ये वीडियो भी काफी वायरल हुआ था.

मध्य प्रदेश में अब तक कोरोना के 107 पॉजिटिव मामले आए हैं. इनमें से 89 इंदौर से ही हैं. ज्यादातर मामले टाटपट्टी, रानीपुरा, खजराना, नयापुरा, दौलतगंज इलाके से ही आए हैं. अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है.

देखिये भारत में कोरोना कहां-कहां और कितना फैल गया है.

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