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जींद

घर में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से 50 हजार में करते थे भ्रूण लिंग जांच, दो गिरफ्तार, 2 फरार

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घर में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से 50 हजार में करते थे भ्रूण लिंग जांच, दो गिरफ्तार, 2 फरार

 

 

जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करनाल के असंध में जिस भ्रूण लिंग जांच गिरोह को पकड़ा है। उसके पीछे स्वास्थ्य विभाग की टीम 15 दिनों से लगी हुई थी। दरअसल पिछले काफी दिनों से जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिल रही थी कि सफीदों क्षेत्र की काफी महिलाओं की असंध में भ्रूण लिंग जांच हो रही है। वहां पर एक बड़ा गिरोह इस अवैध कारोबार में शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और गिरोह का भंडाफाेड़ कर दिया। इस दौरान 2 आरोपी धर्मगढ़ का विनोद और असंध के कृष्ण को गिरफ्तार किया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इस पर जब काम करना शुरू किया तो सामने आया कि धर्मगढ़ गांव का विनोद भट्ठी नामक व्यक्ति बिचौलिया है। जो महिला ग्राहकों को भ्रूण लिंग जांच के लिए असंध ले जाता है। इसके बाद सफीदों क्षेत्र की ही एक फर्जी महिला ग्राहक को गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए तैयार किया गया।

विनोद भट्ठी के पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ है कि वह कई साल से भ्रूण लिंग जांच गिरोह से जुड़ा हुआ है। 27 मई 2016 को करनाल जिले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेरठ-शामली रोड पर जब दबिश दी तो उस भ्रूण लिंग जांच में बिचौलिये की भूमिका में धर्मगढ़ का विनोद ही था। इसके बाद उसके खिलाफ केस भी दर्ज हुआ। लेकिन विनोद भट्ठी इसके बाद भी भ्रूण लिंग जांच गिरोह से जुड़ा रहा। हालांकि विनोद धर्मगढ़ गांव में झोलाछाप डॉक्टर है और गांव में छोटी सी दुकान भी किए हुए है। उसका भाई गांव का पूर्व सरपंच भी है। इसी तरह से महिला व उसकी सास को असंध में भ्रूण लिंग जांच के लिए जो युवक सालवन चौक से बाइक पर बैठाकर रत्तर रोड पर एक मकान में लेकर गया। वह युवक असंध का ही रहने वाला अमरदीप है और प्राइवेट एंबुलेंस चलाता है।

विनोद व अमरदीप ढूंढ़ते थे महिला ग्राहक, मिलता था मोटा कमीशन

स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि विनोद भट्ठी व अमरदीप भ्रूण लिंग जांच के लिए महिला ग्राहकों को लेकर आते थे। इसके बदले उन्हें 15 से 20 हजार रुपए का मोटा कमीशन मिलता था। बुधवार देर शाम को भी भ्रूण लिंग जांच के लिए महिला द्वारा दी गई 50 हजार की राशि में से विनोद को 15 हजार रुपए का कमीशन मिला था। स्वास्थ्य विभाग की रेड की सूचना मिलने पर वह बाइक पर फरार भी हो गया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे पीछा कर सफीदों के खानसर चौक पर पकड़ लिया। जब उसकी तलाशी ली गई तो 14 हजार 500 रुपए की राशि बरामद हुई। विनोद ने टीम को बताया कि 500 रुपए का उसने असंध से आते समय बाइक में तेल डलवा लिया था।

पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से संजय करता है अल्ट्रासाउंड

पूछताछ में यह भी सामने आया कि पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से अल्ट्रासाउंड करने वाला असंध के पास के गांव फफड़ाना का रहने वाला संजय है जो पहले असंध के एक प्राइवेट अस्पताल में नौकरी करता था। गांव के साथ-साथ अन्य लोग उसे डॉक्टर संजय के नाम से जानते हैं। जिस मकान में ले जाकर महिला का भ्रूण लिंग जांच किया गया उसके मालिक कृष्ण ने शुरुआत में की गई पूछताछ में स्वास्थ्य विभाग की टीम को गुमराह किया। लेकिन जब पुलिस के सामने पूछताछ की गई तो उसने बताया कि संजय ने ही उसके मकान पर महिला का अल्ट्रासाउंड किया था।

पहले भी यूपी से पकड़ा था विनोद को

भ्रूण लिंग जांच करने वाले इस गिरोह का बिचौलिया धर्मगढ़ का विनोद भट्ठी है जो गांव में झोलाछाप डॉक्टर है। 4 साल पहले भी विनोद भट्ठी को करनाल टीम ने यूपी के मेरठ-शामली रोड पर दी गई दबिश के दौरान बिचौलिये के रूप में पकड़ा था। इसी तरह से असंध का अमरदीप प्राइवेट एंबुलेंस चलाता है। डाॅ. प्रभुदयाल, डिप्टी सिविल सर्जन जींद।