Connect with us

पानीपत

दिनभर पीपीई किट में कपिल के पांवाें में बने घाव, फिर भी काेविड मृतकाें की बेकद्री नहीं हाेने देते ये वीर याैद्धा

Published

on

Advertisement

दिनभर पीपीई किट में कपिल के पांवाें में बने घाव, फिर भी काेविड मृतकाें की बेकद्री नहीं हाेने देते ये वीर याैद्धा

 

आपके परिवार में से किसी की चिता न जले। हर किसी काे अपनाें की अर्थी में कंधा देने व संस्कार करने का सौभाग्य प्राप्त हाे। ऐसी दुआएं आपके लिए पानीपत के ये तीन असली काेराेना वीर कपिल मल्हाेत्रा, विक्रम राणा व चमनलाल गुलाटी कर रहे हैं। राेजाना काेविड से मरने वालाें के 15 से 20 संस्कार करते हुए ये एक ही सलाह दे रहे हैं हर काेई भीड़ में जाने से बचे। मास्क पहनकर ही घर से निकलें। अब ताे दिनभर पीपीई किट में कपिल मल्हाेत्रा के पांवाें में घाव बन चुके हैं।

Advertisement

कोरोना वीर कपिल मल्होत्रा, विक्रम राणा व चमन गुलाटी। - Dainik Bhaskar

विक्रम ने अपनी 4 माह की नई-नवेली दुल्हन काे खुद से दूर कर दिया है। वहीं, चमन गुलाटी की भी दिनभर पीपीई किट में रहने से सांसें फूलने लगी हैं। तीनाें काे अपने परिवार वालाें पर पूरा नाज है। कहते हैं कि संकट की इस घड़ी में हिम्मत देने वाला हमारा परिवार ही हमारी ताकत है।

Advertisement

कपिल मल्हाेत्रा ने बताया कि दिल्ली के एक जैन परिवार नीरज के घर में काेविड से माैत हाे गई थी। मृतक का संस्कार पानीपत में ही किया था। मृतक की अस्थियां एकत्रित कर नीरज काे फाेन किया ताे वह बाेला कि हमारी परंपरा अनुसार मृतक की अस्थियां दूध में धाेकर जमीन में दबाई जाती हैं। हमने यही परंपरा निभाई और वीडियाे काॅल करके नीरज व उसके परिवार काे पूरी प्रक्रिया भी दिखाई।

अस्थियां दूध से धाे जमीन में दफना जैन परिवार की इच्छा पूरी की, वीडियो काॅल से रस्म प्रक्रिया दिखा तसल्ली भी दी

Advertisement

22 दिन से दुल्हन मेरे आने का इंतजार कर रही : विक्रम

कपिल मल्हाेत्रा का गीता काॅलाेनी में ढाबा है। वहीं, चमन गुलाटी की कपड़ाें की दुकान है। दाेनाें काे ही अपनी दुकानाें पर गए हुए 20 दिन से ज्यादा हाे चुके हैं। वहीं, विक्रम राणा का कहना है कि वह ताे घर जाता ही नहीं है। घर में नई नवेली दुल्हन 22 दिनाें से मेरे आने का इंतजार कर रही है। समय मिलता है ताे वीडियो काॅल से ही बात कर लेता हूं।

15 साल की बेटी व एक परिवार की 3 चिताएं जला राेया मन

कपिल मल्हाेत्रा ने बताया कि वैसे ताे काेविड महामारी का यह दाैर बड़ा ही भयावह है। हमारी भी रूह कांप रही है। फिर भी हिम्मत जुटाकर सेवा कर रहे हैं। नूरवाला की 15 साल की बेटी का संस्कार करते हुए सबसे ज्यादा दिल राेया। वहीं, दिल्ली निवासी मेडिकल संचालक देवेंद्र की 60 वर्षीय मां और 45 वर्षीय भाई की मंगलवार काे माैत हाे गई। इससे 7 दिन पहले ही देवेंद्र के बीच वाले 42 वर्षीय भाई की माैत हुई थी। देवेंद्र ताे यही बाेल रहा है कि काेविड ने उसका सब कुछ लूट लिया। काेई ऐसी गलती न करे, जाे देवेंद्र के परिवार ने की थी। देवेंद्र का कहना है कि सभी मास्क व सैनिटाइजर का प्रयाेग करें। भीड़ में बिल्कुल न जाएं।

 

 

Source : Bhaskar

Advertisement