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17 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, शादी समारोह में अब 11 लोगों की अनुमति

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17 मई तक बढ़ा लॉकडाउन, शादी समारोह में अब 11 लोगों की अनुमति

प्रदेश में लॉकडाउन का पहला दौर समाप्त होने से पहले ही रविवार देर शाम गृह मंत्री अनिल विज ने लॉकडाउन को 17 मई सुबह 5 बजे तक बढ़ाने का ऐलान कर दिया। उन्होंने इसे महामारी अलर्ट- सुरक्षित हरियाणा नाम दिया है। बढ़े हुए लॉकडाउन में भी पहले वाले ही नियम लागू रहेंगे। साथ ही विवाह- शादी जैसे कार्यक्रमों में भीड़ की संख्या को कम करके 11 कर दिया है।

पानीपत| बढ़ते मरीजों को देखते हुए बनाए जा रहे अस्थाई अस्पताल का काम अंतिम चरण में पहुंचा। - Dainik Bhaskar

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वहीं, अगर लॉकडाउन के पहले सप्ताह की बात करें तो नए केसों और मौतों की स्पीड पर ब्रेक लगता दिखा है। लॉकडाउन से पहले के सप्ताह के मुकाबले लॉकडाउन वाले पहले सप्ताह में मरीज बढ़ने की ग्रोथ 15.49% से कम होकर 7.89% रह गई है। प्रदेश में 4 मई को अब तक के सर्वाधिक 16,246 नए मरीज मिलेे।

इसके बाद धीरे-धीरे केस घट रहें हैं। रविवार को राज्य में 13,604 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो 163 की जान गई। 4 मई की तुलना में 16.26% नए केस कम मिले हैं। राज्य में कुल मरीजों का आंकड़ा 6,17,975 हो गया है। इनमें 5920 मरीजों ने दम तोड़ा है। रविवार को 12,639 मरीज ठीक भी हुए हैं।

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नो बैंड-बाजा-बारात: घर या कोर्ट में करनी होगी शादी, बारात निकालने की नहीं होगी मंजूरी़

सभी कार्यक्रमों के बदले नियम

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अब शादियों में सिर्फ 11 लोग ही शामिल हो सकेंगे। शादी मैरिज हॉल या किसी पार्क आदि में नहीं बल्कि घर में या कोर्ट में ही कर सकेंगे। बारात भी नहीं निकलेगी। लॉकडाउन के पहले सप्ताह में शादियों में इनडोर में 30 इर खुले में 50 लोगों की छूट थी। वहीं, अब अंतिम संस्कार में भी 20 की जगह 11 लोग ही शामिल हो सकेंगे।

सूखे पेड़ काटने की दी इजाजत

नगर निकायों व जिला प्रशासन के पास अब लकड़ियों की कमी पड़ने लगी है। इसलिए वन विभाग को सूखे पेड़ काटने की प्रक्रिया जारी रखने की स्वीकृति दी गई है। ताकि नगर निकायों को पर्याप्त मात्रा में लकड़ियां मुहैया हो सके। लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ने से श्मशानों में लकड़ियों की कमी हो गई है।

जेल में कैदियों को मिल सकता है पैरोल व फरलो

जेलों में कैदी भी संक्रमित हो रहे हैं। इसलिए अब सामान्य कैदियों व हवालातियों को एक बार फिर जेल से पैराेल या फरलों पर छोड़ा जा सकता है। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के भी निर्देश आ गए हैं। इसलिए अब जल्द ही इस कार्य से जुड़ी बैठक कर फैसला लेगी कि किन्हें छोड़ा जा सकता है और किसे नहीं। पिछले साल भी करीब तीन हजार कैदियों व हवालातियों को पैरोल व फरलो पर घर भेजा गया था।

सभी डीसी से पूछा-कितने स्टूडेंट्स की होगी जरूरत

प्रदेश में अब करीब 700 एमबीबीएस स्टूडेंट्स की सूची तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही सरकारी एवं प्राइवेट नर्सिंग कॉलेजों के चार हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स का नाम भी तय हो गया है। अब सरकार ने सभी जिलों के डीसी से जरूरत के अनुसार उनकी डिमांड पूछी गई है। ताकि उनकी ड्यूटी संबंधित जिलों में लगाई जा सके। नर्सिंग कॉलेजों के स्टूडेंट्स को रिजर्व में रखा जाएगा। जहां भी जरूरत होगी, उनकी तैनाती कर दी जाएगी।

SOURCE : JAGRAN

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