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नई परेशानी : ठीक होने पर भी सिलिंडर नहीं लौटा रहे कई, दूसरे मरीजों की नहीं हो पा रही मदद

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नई परेशानी : ठीक होने पर भी सिलिंडर नहीं लौटा रहे कई, दूसरे मरीजों की नहीं हो पा रही मदद

 

 

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ऑक्सिजन की कमी से जूझ रहे कोरोना के मरीजों की जान बचाने के लिए कई लोग दिन-रात जुटे हुए हैं। मदद करने वाले जरूरतमंदों को ऑक्सिजन सिलिंडर और कंसेन्ट्रेटर मुहैया करा रहे हैं, ताकि मरीजों की सांसें चलती रहें। लेकिन अब इन मददगारों को भी दिक्कतों को सामना कर पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी है कि कई लोग सिलिंडर लेने के बाद उसे वापस नहीं लौटा रहे, जिसकी वजह से दूसरे नए मरीजों की सहायता नहीं हो पा रही है।

सांकेतिक

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सिलिंडरों की संख्या सीमित है, जिसमें ऑक्सिजन भरवाकर मरीज को राहत पहुंचाई जाती है। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना बताती हैं कि हमारे लिए दोनों तरफ से मुश्किल है। अगर इलाज के दौरान मरीज की डेथ हो गई है, तो उसके परिजन सदमे और दुख के चलते कुछ दिनों तक सिलिंडर नहीं लौटा पाते। वहीं दूसरे केस में, मरीज की हालत सुधरने के बाद परिवार को डर रहता है कि कहीं फिर हालत न बिगड़ जाए, इसलिए वे सिलिंडर रख लेते हैं।

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हमें बार-बार उन्हें कहना पड़ता है कि सिलिंडर लौटा दीजिए। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष अली मेंहदी को तो बाकायदा ट्वीट करके लोगों से अपील करनी पड़ी कि वे सिलिंडर लौटा दें, ताकि किसी और की जान बच सके।

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नैशनल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास ने बताया कि उन्होंने मरीजों के इलाज के लिए कई लोगों को सिलिंडर उपलब्ध करवाए। मरीज के ठीक होने के बाद लोग अपने घर पर सिलिंडर रख लेते हैं। हमारी टीम के लोगों को लेने जाना पड़ता है। ऐसे में दो-तीन दिन बर्बाद हो जाते हैं।

वहीं, भारतीय जनता युवा मोर्चा के सदस्य चारू प्रज्ञा और दिल्ली बीजेपी के पूर्व पदाधिकारी नीलकांत बख्शी के मुताबिक, केवल आशंका की वजह से सिलिंडर रखना जमाखोरी करने जैसा है। लोगों को खुद समय पर आकर इन्हें लौटा देना चाहिए।

 

 

 

 

Source : NBT

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