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कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बाजार चिंतित

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कोरोना की तीसरी लहर को लेकर बाजार चिंतित, बैंकों में डिपाजिट घटे, लोन बढ़ गए, यह होगा असर

पिछले वर्ष कोविड की दूसरी लहर का असर उद्योग व्यापार पर पड़ा। बाजारों में पूर्व की भांति रौनक नहीं बन पाई। तीसरी लहर को लेकर भी बाजार चिंतित है। बैंकों में बीती तिमाही में डिपाजिट घट गए हैं, जबकि लोन 17 प्रतिशत बढ़ गए हैं। बैंकों में डिपाजिट में पांच प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जून 2020 की तिमाही में डिपाजिट 14,960 लाख रुपये हुआ था। जून 2021 में 14,252 लाख रुपये डिपाजिट हुआ। अर्थात पिछले साल की तुलना में पांच प्रतिशत डिपाजिट कम रहा। जून 2019 में 10862 लाख रुपये का डिपाजिट जून तिमाही में हुआ था।

लोगों का मानना है कि बैंकों से लोन लेना अब मुश्किल हो गया है।

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लोन बढ़ गया

बीती तिमाही में लोन बढ़ गया है। पिछले वर्ष जून 20 तिमाही में 13074 लाख रुपये का एडवांस था जो अब बढ़कर 15236 लाख पर पहुंच गया है। अर्थात ऋण में 17 प्रतिशत अधिक की मांग हुई। ऋण की बढ़ती मांग को कारोबार में बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।

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नए उद्योग लग रहे

नए-नए उद्योग पानीपत में लग रहे हैं, इसीलिए बैंक ऋण की डिमांड बढ़ गई है। ऋण की बढ़ती मांग औद्योगिक विकास की परिचायक है। पिछले एक वर्ष में मिंक, पोलर व 3डी चादर के अनेक नए-नए यूनिट स्थापित किए गए। एलडीएम कमल गिरधर ने बताया कि बताया कि इस बार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 74 लोगों ने आवेदन दिया। विभिन्न बैंकों में दिए गए आवेदन में से 19 लोगों का ऋण स्वीकृत कर लिया गया। 30 लोगों के आवेदन रद कर दिए गए।

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लोन मिलने में दिक्कत

वैसे आम लोगों का कहना है कि अब बैंकों से लोन भी मिलना मुश्किल हो गया है। पहले लोन आसानी से मिल जाता था। लेकिन, अब लोन रिजेक्ट ज्यादा हो रहे हैं। सरकारी स्कीमों के तहत बताया जाता है कि लोन मिल जाता है लेकिन बैंक के मैनेजर इन्कार कर देते हें। यहां तक कि मुद्रा लोन भी आसानी से नहीं मिलता।

 

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