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पानीपत

मैक्स प्लस, शोभित अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, 57 मरीजों की जान पर बनी

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मैक्स प्लस, शोभित अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, 57 मरीजों की जान पर बनी

 

राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के कोरोना संक्रमितों से पानीपत के निजी अस्पताल भी फुल हो गए हैं। ऑक्सीजन-वेंटीलेटर का संकट गहरा गया है। रविवार शाम मैक्स प्लस व शोभित अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने से हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को सूचना दी। 57 मरीजों की जान पर बनी तो दोनों अस्पतालों को आनन-फानन चार सिलेंडर (28 क्यूबिक मीटर) ऑक्सीजन उपलब्ध कराई।

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दोनों अस्पताल के प्रबंधन ने ऑक्सीजन किल्लत की जानकारी दी है। मैक्स प्लस अस्पताल में 37 ऑक्सीजन बेड और तीन वेंटीलेटर हैं। सभी बेड पर कोरोना संक्रमित-आशंकित सहित दूसरे 32 मरीज भर्ती किए गए हैं। शोभित अस्पताल में 20 ऑक्सीजन के बेड हैं, सभी फुल हैं। शाम चार बजे दोनों अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत होती दिखी। महज आधा-पौना घंटे का स्टाक था। सप्लायर गैस की आपूर्ति नहीं कर सका था।

मैक्स प्लस, शोभित अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, 57 मरीजों की जान पर बनी

हालात बेकाबू देख अस्पताल प्रबंधन ने जिला प्रशासन को सूचना दी। प्रशासनिक अधिकारियों ने जिला औषधि नियंत्रक विजया राजे को कॉल कर गंभीर हालात की जानकारी दी। इसके बाद दोनों अस्पतालों में 28 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई। सप्लायर को कड़े निर्देश दिए कि जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करें।

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बता दें कि जिला के डेडिकेडेट कोविड अस्पतालों को रोजाना 22 टन ऑक्सीजन की जरूरत है। इसकी पूर्ति करने के लिए संबंधित अधिकारी रिफाइनरी सहित सभी सप्लायर्स से संपर्क कर रहे हैं। प्रेम अस्पताल में खत्म हुई थी ऑक्सीजन

रविवार को डा. प्रेम अस्पताल में भी ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। उस समय करीब 20 मरीज ऐसे भर्ती थे, जिन्हें हर पल ऑक्सीजन चाहिए थी। अस्पताल निदेशक डा. पंकज मुटनेजा ने डीसी धर्मेंद्र सिंह सहित मुख्यमंत्री मनोहर लाल व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद अस्पताल को 14 क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई गई थी। इसलिए खत्म हो गई थी ऑक्सीजन :

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प्रेम अस्पताल के निदेशक डा.पंकज ने बताया कि हमारे पास 1000 लीटर और 300 लीटर के दो टैंक हैं। इसके अलावा सिलेंडर भी हैं। बड़े टैंक की ऑक्सीजन खत्म होते ही डिमांड भेज देते हैं। फिलहाल टैंक दिन में दो बार रिफिल हो रहा है। गैस की आपूर्ति करनाल स्थित एक ठेकेदार करता है। वहां के जिला प्रशासन ने हमारी गैस पर रोक लगाते हुए, रूड़की से मंगाने के निर्देश दिए थे। आज के हालात में वहां से ऑक्सीजन मंगवाना बहुत मुश्किल है, समय भी बहुत लगेगा। इस कारण रविवार को ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। अब रिफाइनरी पानीपत से आपूर्ति होगी। इन अधिकारियों को दी जिम्मेदारी :

 

-प्रेम अस्पताल-एसडीएम स्वप्निल पाटील

-महाराजा सिग्नेस अस्पताल- जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी

-शोभित अस्पताल-निगम के संयुक्त आयुक्त अश्वीर सिंह

-रेनबो अस्पताल-हशविप्रा की कार्यकारी अधिकारी अनुपमा मलिक

-गैलेक्सी अस्पताल-डीईटीसी सूरत सिंह

-बद्रीदास अस्पताल एवं आईसीयू केयर सैंटर-डीटीपी धीरेंद्र सिंह

-एपेक्स अस्पताल-कृषि विभाग के उप निदेशक वीरेंद्र आर्य

-आइबीएम अस्पताल-पशुपालन विभाग के उप निदेशक डा. संजय आंतिल

-मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल-डीआइसी के संयुक्त निदेशक क्षितिज कपूर

-पार्क अस्पताल-जीएम रोडवेज विकास नरवाल ये भी रखेंगे निगरानी :

डिप्टी सिविल सर्जन डा. शशि गर्ग, डा. नवीन सुनेजा, डा.निशि जिदल, आइएमए से डा. राकेश कालड़ा, डा. देवानंद झा, डा. अभिनव, डा. कनव गुप्ता, डा. मोहित आनंद, डा. नवदीप और डा. अजय

 

 

 

Source : Jagran
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