हरियाणा, दिल्‍ली सहित आसपास के राज्‍यों में एक जून से 11 सितंबर के बीच दिल्ली में 26 फीसदी अतिरिक्त बरसात हुई है। हरियाणा में 18 फीसदी अतिरिक्त बरसात हुई है। वहीं पंजाब में सामान्य से 18 फीसदी कम बरसात दर्ज की गई है। दरअसल इस मानसून सीजन में दिल्ली ने कई रिकार्ड तोड़े हैं। दिल्ली में पहले ही 1136.8 मिमी बरसात दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा 1975 के 1155.6 मिमी बारिश के रिकार्ड से कुछ ही कम है। सितंबर के महीने में अभी भी 17 दिन बाकी हैं। इसलिए 1975 की बारिश के आंकड़ों को पार करने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो दिल्ली में 1901 के बाद सबसे ज्यादा बरसात होगी। दिल्ली का अब तक का रिकार्ड 1933 में 1420.3 मिमी का है।

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मानसून सीजन में सात बार हुई तेज बरसात

मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त के महीने में ब्रेक मानसून स्थिति काफी दिनों तक बनी रही। अगस्त बरसात की कमी वाले महीने के रूप में समाप्त हुआ। दिल्ली व हरियाणा में इस मानसून के दौरान सात बार भारी बरसात हुई है। अगस्त में लंबे समय तक ब्रेक मानसून के बावजूद, इन भारी बरसात की घटनाओं ने दिल्ली व हरियाणा को रिकार्ड बरसात प्राप्त करने में मदद की है। दिल्ली से सटे हरियाणा राज्य के साथ-साथ कई मौकों पर भारी बरसात हुई। जिससे हरियाणा वह भी 18 प्रतिशत अधिक वर्षा मिल चुकी है। दूसरी ओर, दिल्ली और हरियाणा को प्रभावित करने वाली मौसम प्रणाली पंजाब तक पहुंचने में विफल रही और बारिश की कमी बनी रही।

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