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मानसून की झमाझम बारिश, सड़कें डूबीं, घरों में घुसा, तस्‍वीरें खोल रहीं प्रशासन की पोल

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बरसात ने गर्मी और उमस से लोगों को राहत दिलाई। मौसम विभाग के अनुसार अभी अगले चार दिन तक लगातार बरसात होने की संभावना बनी है। बारिश और प्रशासन की लापरवाही की वजह से जगह-जगह जलभराव हो गया है।

कैथल में रात से शुरू हुई बारिश

रात करीब पौने एक बजे शुरू हुई बारिश लगातार जारी है। तेज बरसात से शहर पानी से लबालब हो गया है। शहर के ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां पर जलभराव न हुआ हो। सबसे अधिक परेशानी भगत सिंह चौक, कबूतर चौक, शहर में स्थित जींद रोड और खनौरी-जींद रोड बाइपास पर पानी भर गया है। इस मानसून में शुरू हुई बरसात में जिला प्रशासन की तैयारियां असफल रही हैं।वहीं किसानों के लिए यह बरसात काफी फायदेमंद साबित होगी। बरसात के बाद बासमती धान के कार्य ने तेजी पकड़ ली है।

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Rain Kurukhetra

बरसात से किसान हुए खुश

धान की पिछेती किस्म बासमती की रोपाई का कार्य जोर से चल रहा है। क्षेत्र के किसान अपने सभी कार्यों को छोड़कर पानी से लबालब भरे खेतों में धान की रोपाई में जुट हुए है। इस बार कैथल में सैकड़ों किसान धान की सीधी बुआई भी कर रहे है, नतीजतन उनका कहना है कि धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को भी बरसात का जबरदस्त फायदा मिलेगा और उमदा फसल पैदा होगी।

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तीन दिनों से बढ़ रही थी उमस

पिछले तीन दिनों से तापमान में बढ़ोतरी हो रही थी। आज फिर मौसम परिवर्तन होने से गर्मी से राहत मिली है। रविवार शाम को आसमान में बादल छा गए थे। 12:50 बजे के करीब बरसात शुरू हुई। बरसात ने मौसम को खुशनुमा बना दिया है।

Rain

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जींद में सुबह से ही बारिश हो रही है। जींद में सुबह चार बजे से सवा 11 बजे तक करीब 100 एमएम बारिश हो चुकी है और उसके बाद भी बारिश जारी है। भारी बारिश से शहर और आसपास के इलाकों में तेज बारिश से जलभराव हो गया है। शहर में ज्यादातर सड़कों और गलियों में कई फीट तक पानी भर चुका है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है। जिससे लोगों को चिंता सता रही है कि उनका क्या होगा। अमरूत योजना के तहत बिछाई बरसाती पानी की लाइन शुरू नहीं हुई है। जिससे शहर के हालात और बिगड़ गए हैं। बहुत से घरों में बारिश का पानी घुसा हुआ है। जिससे लोग प्रशासन को कोस रहे हैं।

शहर में अमरूत योजना के तहत बरसाती पानी की निकासी के लिए और पटियाला चौक पर सीवर लाइन डाली जा रही है। इस पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बरसाती पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन डालने का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। ये काम एक साल में पूरा होना था, लेकिन आज भी काम अधूरा पड़ा है। परियोजना में हुई देरी से शहरवासी परेशानी झेल रहे हैं। वहीं जहां अमरूत लाइन डाली गई। वहां गहरी खोदाई होने के कारण सड़क धंस रही हैं। रोहतक रोड और सफीदों रोड पर सड़क धंस चुकी हैं। लोगों को डर है कि जब इस लाइन में बरसाती पानी छोड़ा जाएगा, तो कहीं आसपास के मकान भी ना धंस जाएं। 31 मार्च तक ठेकेदार को काम पूरा करना था। लेकिन अब मुख्यालय से ठेकेदार को 30 सितंबर तक का और समय मिल गया है। जिससे इस बरसाती सीजन में लाइन शुरू होने की उम्मीद बहुत कम है।

Rain

बुधवार तक बारिश की संभावना

कृषि विज्ञान केंद्र से मौसम विशेषज्ञ डा. राजेश कुमार ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बारिश का सिलसिला बुधवार तक जारी रह सकता है। इसलिए किसान अपने खेतों की निगरानी रखें। कपास की फसल और सब्जियों में निकासी की व्यवस्था रखें। फसलों के लिए ये बारिश फायदेमंद है। जहां पानी की उपलब्धता कम होने के कारण किसान धान नहीं लगा पाए थे, वहां किसान अब रोपाइ करें।

कुरुक्षेत्र में सोमवार अल सुबह शुरू हुई बारिश, 27 डिग्री सेल्सियस तक आया तापमान

धर्मनगरी में सोमवार अल सुबह बारिश शुरू हो गई। सुबह तीन बजे से ही बदरा बरसने लगे और बारिश के चलते अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक आ गया। वहीं मौसम विभाग की माने तो अगले 36 घंटे अच्छी बारिश होने की संभावना है, जबकि अगले तीन दिन और आसमान पर बादल छाए रहेंगे और बारिश होगी। इससे पहले पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद दो दिन तक उमस भरी गर्मी ने लोगों को खूब सताया था, जिससे सोमवार को बारिश के बाद राहत मिल गई। मगर कई निचले क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जिसकी वजह से दुकानें में पानी घुस गया।

धान की फसल को होगा बारिश का फायदा

अत्याधिक गर्मी की वजह से धान वाले खेतों में दरारें पड़ने लगी थी। बारिश नहीं होने की वजह से खेत सूख गए थे, जिससे किसानों को धान की फसल में नुकसान होने की चिंता सताने लगी थी। मगर बारिश होते ही किसानों के चेहरे भी खिल उठे हैं। किसानों ने कहा कि अगर अच्छी बारिश हुई तो अगले दस दिन तक ट्यूबवेल चलाने की जरूरत नहीं होगी, जिससे बिजली भी बचेगी और फसल को भी फायदा होगा।

शहर में हुआ जलभराव

जहां एक तरफ बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली और किसानों के चेहरे भी चमक गए। वहीं दूसरी ओर निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और दुकानदारों की मुसीबत बढ़ गई। बूंदाबांदी होने के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया। खासकर अंबेडकर चौक, रेलवे रोड, चौधरी देवीलाल चौक, महाराणा प्रताप चौक, जाट धर्मशाला, मोहन नगर, राजेंद्र कालोनी सहित कई कालोनियों व क्षेत्रों में जलभराव हो गया। जिससे दुकानों व घरों में पानी भर गया। यह तब है जब शनिवार को सांसद नायब सैनी और विधायक सुभाष सुधा ने अधिकारियों की बैठक लेते हुए शहर में निकासी के प्रबंध करने के लिए दो दिन का समय दिया था।

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