Connect with us

पानीपत

मोस्ट वांटेड बदमाश विकास गिरफ़्तार, भाई के दोस्त ने कटवाई फ़रारी

Published

on

Spread the love

पानीपत : ढाबे पर लूट करने के आरोपित और बांध गांव में दोस्त सतीश जागलान व मनीष की हत्या का बदला लेने की फिराक में घूम रहे गैंगस्टर बांध गांव के विकास घणघस और सोनीपत के लाठ गांव के रोशन को सीआइए-टू पुलिस ने अदालत में पेश किया। रोशन को जेल भेज दिया। वहीं विकास को छह दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

रिमांड के दौरान आरोपित विकास से फरार छोटे भाई अमित के दिल्ली व जयपुर के ठिकानों का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल हरिद्वार में छिपाई पिस्तौल और उत्तर प्रदेश के हरदोई से स्विफ्ट कार बरामद की जाएगी। सीआइए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने जागरण को बताया कि शिकायत के अनुसार 14 अगस्त की रात को विकास ने इसराना के सतीश जागलान व अन्य साथियों के साथ मिलकर बांध गांव के धर्मपाल के कोहंड स्थित धर्म ढाबा में तोड़फोड़ की। पिस्तौल के बल पर सोने की चेन व 60 हजार रुपये लूट लिए। इसके बाद धर्मपाल के स्वजनों ने विकास के पशुबाड़े में लगा सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया था। छोटे भाई अमित ने विकास को उकसाया कि धर्मपाल व उसके स्वजनों को सबक सिखाना है। 17 अगस्त की रात को विकास अपने दोस्तों के साथ धर्मपाल के घर पहुंचा। दोनों पक्षों में हुई गोलीबारी में विकास का दोस्त सतीश व मनीष मारा गया। विकास गाड़ी व हथियार समेत फरार हो गया। बाद में अमित भी घर से भाग गया। अमित के साथ सोनीपत के लाठ गांव का रोशन काम करता था। अमित ने रोशन से कहा कि वे भाई विकास की मदद करे। रोशन ही विकास को मुजफ्फरनगर, हरिद्वार, दिल्ली, हरदोई सहित कई ठिकानों पर ले गया और फरारी कटवाई। बाद में सीआइए-टू ने विकास और रोशन को दिल्ली से गिरफ्तार किया। रोशन इन दिनों पानीपत के विकास नगर में रह रहा था। 

आपराधिक रिकार्ड न होने से रोशन को ढूंढ़ना चुनौती थी इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया कि रोशन का पहले आपराधिक रिकार्ड नहीं था। इस वजह से उसका पता लगाना मुश्किल हो रहा था। विकास कमरे में रहता और खाने-पीने के सामान से लेकर अन्य जरूरी सामान रोशन ही दुकान से खरीद कर लाता था। आरोपित मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। अमित भी आरोपितों को रुपये व कपड़े देकर आया था।

विकास से बताया था जान का खतरा बांध गांव के सरपंत गुलाब सिंह ने एसपी को शिकायत देकर गुहार लगाई थी कि उन्हें सुरक्षा दी जाए। उन्हें, उनके बेटे सहित सात ग्रामीणों को विकास से जान का खतरा है। इसके बाद गांव में पुलिस का पहरा लगा दिया गया था। विकास पर 25 हजार रुपये का पुलिस ने इनाम भी घोषित कर दिया था। करनाल की घरौंडा थाना पुलिस को भी ढाबे में लूट के मामले में विकास की तलाश थी। विकास की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों ने अब राहत की सांस ली है।

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *