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पानीपत

बेटे की चाह में जिस बेटी काे 5 माह नहीं अपनाया, आज उसी काे पालने के लिए दिन-रात सिलाई करती है मां कविता

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बेटे की चाह में जिस बेटी काे 5 माह नहीं अपनाया, आज उसी काे पालने के लिए दिन-रात सिलाई करती है मां कविता

 

बेटे की चाह में जिस बेटी काे 6 साल पहले पूरे परिवार ने 5 माह तक नहीं अपनाया था, आज उसी बेटी काे पालने के लिए मां कविता दिन-रात सिलाई करती है। वहीं पिता अमित मजदूरी करता है। आज वही बेटी इस परिवार की सबसे बड़ी खुशी है।

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बेटी परी को दुलार करती मां कविता। - Dainik Bhaskar

 

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नवजात परी काे संभालने वाले अस्पताल के स्टाफ मेंबर्स व समाज सेवियाें ने उसे खुशी नाम दिया था। इसके बाद परिवार ने अपनाने के बाद परी नाम दे दिया। वार्ड-6 में बबैल राेड स्थित रामनगर निवासी अमित ने 17 जून 2015 काे अपनी गर्भवती पत्नी कविता काे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। उसने शिशु काे जन्म दिया। अस्पताल स्टाफ ने दादी कमला की गाेद में किसी और के बच्चे काे रख दिया। कुछ ही देर में बेटी काे दिया। इससे पूरा परिवार तैश में आ गया और हंगामा कर दिया। परी से बड़ी 2 और भी बहन थीं। पूरे 5 महीने तक जांच पड़ताल के बाद अंतिम डीएनए रिपाेर्ट आई थी। उसमें स्पष्ट हुआ की परी ही कविता व अमित की बेटी है। तत्कालीन सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत धनखड़ ने अपने कार्यालय में मां कविता, पिता अमित, दादा राजबीर और दादी कमला के सामने डीएनए रिपोर्ट पढ़कर सुनाते हुए कहा कि बायोलॉजिकल रूप से रामनगर की कविता पत्नी अमित ही परी की मां है।

सबकी लाडली छह वर्षीय परी पहली कक्षा में पढ़ती है

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6 साल की परी आज गली व अपने चाचा व ताऊ के बच्चाें के साथ खेलती है। अब ताे सब उस बात काे भुला भी चुके हैं कि कभी परी उनसे दूर रही थी। आज परी सबसे ज्यादा दादा-दादी के पास ही रहती है। एक निजी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ती है। आज उसका एक डेढ़ साल का भाई है, जिसे परी कान्हा कहकर दुलार करती है। शरारती कान्हा भी उसे बालाें काे पकड़कर खूब खींचता है। 2 बहन वंशिका व खुशी और छाेटी जाह्नवी है। चाराें बहनाें से छाेटा डेढ़ साल का भाई कान्हा है।

न पुलिस आई न 15 दिन में हुआ चेकअप

जिस समय परी काे उसके घर भेजा गया था, उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि पुलिस हर 15 दिनों के बाद सिविल अस्पताल में परी का मेडिकल चेकअप कराएगी। अब महीने में दो बार डॉक्टरों का बोर्ड बच्ची के स्वास्थ्य की जांच भी करेगा। मां कविता व दादी कमला का कहना है कि परी के स्वास्थ्य की जांच ताे दूर, काेई उसे देखने तक नहीं पहुंचा

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