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पानीपत

कोई युवक खुद को बिजली बिल कैशियर बता बिल जमा कराता है ताे सावधान हो जाएं…

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कोई युवक खुद को बिजली बिल कैशियर बता बिल जमा कराता है ताे सावधान हो जाएं…

 

 

आपके घर या आसपास में कोई युवक खुद को बिजली बिल कैशियर बता बिल जमा कराता है ताे सावधान हो जाएं। कोराेना महामारी में ठगों ने बिजली बिल जमा कराने के नाम पर भी ठगी शुरू कर दी है। ऐसे बिल कैशियर के पास तभी बिल जमा करवाएं, जब उसे आपके एरिया के पार्षद या गांव के सरपंच कन्फर्म कर लें। इसके लिए पार्षद, सरपंच या पंच को बिल कलेक्शन करने आए कैशियर की फोटो व डिटेल अपने एरिया के संबंधित एसडीओ को भेजनी होगी। एसडीओ कन्फर्म करेगा कि बिल कलेक्शन के लिए आया कैशियर बिजली निगम द्वारा ही भेजा गया है।

शहर में 20 व ग्रामीण क्षेत्रों से मिली 50 से ज्यादा शिकायतें : लॉकडाउन व कोरोना महामारी के कारण सार्वजनिक स्थलों व सरकारी कार्यालयों में जाने से उपभोक्ता बहुत ज्यादा परहेज कर रहे हैं। इसी का ठगों ने लाभ उठाया और घर-घर जोर बिल राशि कलेक्ट करना शुरू कर दी। लॉकडाउन से अब तक शहर में 20 व ग्रामीण क्षेत्र में 50 से ज्यादा ऐसी ही ठगी की शिकायतें मिल चुकी हैं।

Electricity Theft Offences Punishments for In India- iPleaders

ठगी की शिकायतों के बाद बनाई नई व्यवस्था

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम अधिकारियों ने बताया कि ठगी की शिकायतें मिलने के बाद नई व्यवस्था बनाई है। बिजली बिल कलेक्शन का कार्य निजी कंपनी ईपी को दिया गया है। बिजली निगम की ओर से ग्रामीण उपभोक्ताओं से बिल कलेक्शन के लिए गांव में ही व्यवस्था बनाई है। निगम की ओर से एक कैशियर की ड्यूटी लगाकर गांव में भेजा जाता है। उपभोक्ता प्रिंटर से निकली हुई रसीद ही लें।

प्रिंंटर से निकली रसीद ही लें उपभोक्ता

एसडीओ आदित्य कुंडू ने बताया कि ईपे कंपनी का जो भी कैशियर कॉलोनी या गांव में बिल कलेक्शन के लिए आएगा तो उसके पास लैपटॉप और प्रिंटर होना जरूरी है। जब उपभोक्ता ईपे कंपनी के कैशियर को बिल और राशि दे तो उपभोक्ता को केवल प्रिंटर से निकली हुई रसीद लेनी है। कंपनी की ओर से किसी भी प्रतिनिधि का कोई भी स्टांप नहीं दी है। हाथ से बनाई हुई रसीद या हस्ताक्षर किए गए बिल की कोई जिम्मेदारी निगम और ईपे कंपनी की नहीं होगी।

बिजली गई तो कार्यालय में ही जमा कराएं बिल

कॉलाेनी या गांव में लाइट चली जाए, इनवर्टर कलेक्शन या इंटरनेट नेटवर्क भी काम करना बंद कर दें तो ऐसी स्थिति में गांव में बिजली बिल जमा न कराएं। निगम कार्यालय में ही बिल जमा कराएं।

ठगी हुई तो शिकायत दें

बिजली निगम द्वारा नियुक्त कैशियर के अलावा कोई और ठग आपके गांव या कॉलोनी आता है तो उसकी शिकायत तुरंत कार्यालय में दें। शिकायत पर तुरंत प्रभाव से कार्रवाई होगी। ठग के खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। आदित्य कुंडू, एसडीओ, सब अर्बन सब डिविजन, बिजली निगम।