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दिल्ली किस रास्ते से जाए, जानिए रास्ते जो खुलें हैं, यूपी और हरियाणा वालों के लिए रास्ते

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दिल्ली किस रास्ते से जाए, जानिए रास्ते जो खुलें हैं, यूपी और हरियाणा वालों के लिए रास्ते

 

दिल्ली से सटे हरियाणा के टीकरी और सिंघु बॉर्डर के साथ दिल्ली-गाजियाबाद बॉर्डर पर भी किसानों का आंदोलन लगातार 17वें दिन जारी है। ऐसे में दिल्ली यातायात पुलिस ने लोगों को सावधानी बरतने के साथ वैकल्पिक रास्तों को अपनाने का सुझाव दिया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के ट्वीट किया है- ‘किसानों के आंदोलन के चलते सिंघु, औचंडी, पियाउ मनियारी और मंगेश बॉर्डर बंद है। ऐसे में वाहन चालक आवागमन के लिए लामपुर, साफियाबाद, सबोली और सिंघु स्कूल टोल टैक्स बॉर्डर के रास्तों का इस्तेमाल करें।’ इसी के साथ मुकरबा और  जीटीके रोड पर वाहनों का डायवर्जन किया गया है। वहीं, रिंग रोड, जीटीके रोड और नेशनल हाई-वे-44 से दूरी बनाने की सलाह दी गई है।

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किसानों के आंदोलन के चलते सिंघु, औचंडी, पियाउ मनियारी और मंगेश बॉर्डर बंद है।

वहीं, नोएडा और गाजियाबाद से दिल्ली आ रहे लोगों के लिए चिल्ला और गाजीपुर बॉर्डर बंद है, इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे दिल्ली आने के लिए आनंद विहार, डीएनडी, अप्सरा बॉर्डर और भोपुरा बॉर्डर के रास्तों का इस्तेमाल करें। पश्चिमी दिल्ली में टीकरी के साथ धासना बॉर्डर बंद है, जबकि झटीकरा बॉर्डर के जरिये दोपहिया वाहनों को ही आवागमन की अनुमति है।

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राहगीरों को हो रही परेशानी

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ढांसा में भले ही बॉर्डर पर किसान बैठे हैं लेकिन यहां पैदल निकलने के लिए पूरा रास्ता है, लेकिन टीकरी बॉर्डर पर स्थिति कुछ अलग है। यहां बैरिकेड इस कदर लगाए गए हैं कि आप यहां से पैदल भी नहीं निकल सकते हैं। ऐसे में टीकरी बॉर्डर पर पैदल राहगीरों को हरियाणा से दिल्ली के क्षेत्र में आने के लिए काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। राहगीर टीकरी बार्डर से करीब एक किलोमीटर पहले ही मुख्य सड़क छोड़कर गलियों से दिल्ली की सीमा में प्रवेश करते हैं। समस्या यह है कि यहां रास्ते संकरे हैं और कोई ऐसा संकेतक कहीं नहीं लगा है जिससे लोगों को यह पता चले कि गली उन्हें दिल्ली के क्षेत्र तक पहुंचा देगी। ऐसे में काफी लोग यहां भटक जाते हैं।

वहीं, इससे पहले नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर शुक्रवार को भी जारी रहा। क्षेत्र में टीकरी के बाद अब ढांसा में किसानों की संख्या बढ़ने लगी है। यहां दिल्ली देहात के विभिन्न गांवों के अलावा अब हरियाणा के विभिन्न गांवों से भी किसान जुटने लगे हैं। यहां किसान पिछले करीब छह दिनों से बॉर्डर पर आवाजाही रोककर सड़क पर डेरा जमाए बैठे हैं। समय -समय पर ¨सघु व टीकरी में जमे किसान भी यहां इनके बीच आकर अपनी बात रख रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह डागर का कहना है कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है। भले ही किसान सड़क पर बैठे हैं, लेकिन किसी भी जरूरी वाहन को बॉर्डर पार करने से नहीं रोक रहे हैं। समय- समय पर एंबुलेंस व पानी के टैंकरों को बॉर्डर पार कराया जा रहा है।

 

उधर टीकरी की बात करें तो यहां नारेबाजी के बीच किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। यहां बॉर्डर को पुलिस ने पूरी तरह से सील किया हुआ है। इसके बावजूद एंबुलेंस को जाने दिया जा रहा है। इस कार्य में पुलिस व किसान एक दूसरे का यहां सहयोग भी करते हैं, लेकिन एंबुलेंस के गुजरने के बाद यहां फिर से नारेबाजी शुरू कर किसान अपना विरोध जताने लगते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलोग स्थिति पर निगाह बनाए हुए हैं। हालात के हिसाब से जो भी उचित कदम उठाने की आवश्यकता होगी, उसे उठाया जाएगा।

 

पुलिस की चौकसी में नहीं कोई कमी नहीं

किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच पुलिस बॉर्डर पर अपनी चौकसी में कोई कमी नहीं छोड़ रही है। अभी भी बॉर्डर पर बैरिकेड की दीवार दो जगह पर खड़ी है। इसके अलावा क्रेन खड़ा करके सड़क पर जगह- जगह अवरोध बनाया गया है। दिल्ली की सीमा के भीतर क्रेन के अलावा टैंपो व ट्रक को आड़ा तिरछा इस कदर खड़ा किया गया है कोई भी वाहन लाख कोशिशों के बाद भी इन्हें पार नहीं कर सकता है। इसके अलावा वाटर कैनन की गाडि़यां भी यहां तैनात हैं।

 

 

Source: Jagran

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