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मानूसन के लिए अब बस 48 घंटे इंतजार करना होगा। इसके बाद झमाझम बारिश होगी।

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मानूसन के लिए अब बस 48 घंटे इंतजार करना होगा इसके बाद झमाझम बारिश होगी
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बरसात की कमी के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत शुष्क बना हुआ है। जुलाई माह का पहला सप्ताह भी सूखा बीत गया। प्रदेश में इस पहले सप्ताह में सामान्य से 69 फीसदी कम बरसात दर्ज की गई है। लेकिन इसी बीच राहत भरी खबर यह है कि आने वाले 48 घंटे में मानसून हरियाणा में दाखिल हो जाएगा। जो अच्छी बरसात देगा। मौसम विभाग का मानना है कि हरियाणा सहित, पंजाब, दिल्ली व देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में अच्छी बरसात होगी। गर्मी व उमस की मार झेल के साथ सूखे की हालात का सामान कर रहे किसानों के लिए यह बरसात किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि बरसात की कमी के कारण धान रोपाई नहीं कर पाए हैं। 9 व 10 जुलाई को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बरसात होने की प्रबल संभावनाएं बनी हुई हैं।

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अचानक बढ़ी मानसून की सक्रियता का मिलेगा फायदा

मौसम विभाग का कहना है कि अब बरसात की गतिविधियां शुरू होने वाली हैं। मानसून की सक्रियता बढ़ी है। जो पूरे भारत में अच्छी बरसात देगा। इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है। एक टर्फ रेखा पंजाब से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा री है। झारखंड के पास एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ तराई वाले क्षेत्रों में बरसात बढ़ेगा। आने वाले 24 से 48 घंटे में पूरे उत्तर प्रदेश में मानसून की तेज बरसात शुरू हो जाएगी। हरियाणा, पंजाब व दिल्ली भी इससे अछूते नहीं रहेंगे। इस दौरान मानसून की अच्छी बरसात होगी।

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जुलाई के पहले सप्ताह में भी बरसात नहीं, 11 जिले येलो व सात जिले रेड जोन में

जुलाई माह में भी बरसात नहीं होने के कारण 11 जिलों में येलो अलर्ट है। यानि इन जिलों में सामान्य से 60 से 99 फीसद तक कम बरसात हुई। पूरी तरह सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। इसी प्रकार सात जिले रेड जोन में, इनमें सामान्य से 20 से 59 फीसद बरसात कम दर्ज हुई है। महज मेवात में अत्याधिक बरसात हुई है। यहां पर सामान्य से 446 फीसदी बरसात दर्ज की जा चुकी है।

रेड जोन में : जानिये जुलाई के पहले सप्ताह में किस जिले में कितनी होनी चाहिए थी बरसात।

जिला कितने प्रतिशत कम हुई

पलवल -57 प्रतिशत

भिवानी -50

पानीपत -43

सोनीपत -40

हिसार -38

झज्जर -33

महेंद्रगढ़ -25

येलो जोन में : जानिये जुलाई के पहले सप्ताह में किस जिले में कितनी होनी चाहिए थी बरसात।

जिला कितने प्रतिशत कम हुई

गुरुग्राम -94 प्रतिशत

फरीदाबाद -93

करनाल -88

जींद -66

कुरुक्षेत्र -97

यमुनानगर -96

अंबाला -99

पंचकुला -96

कैथल -73

फतेहाबाद -89

सिरसा -76

नोट : यह आंकड़े मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। रेवाड़ी जिले में सामान्य से महज 9 प्रतिशत कम बरसात दर्ज की गई है।

जानिये मौसम विभाग कैसे करता है बरसात का वर्गीकरण

जिन जगहों पर सामान्य से 60 से 99 फीसद तक कम बरसात होती है उसको येलो जोन में रखा जाता है। जहां पर सामान्य से 20 से 59 फीसद बरसात कम दर्ज की जाती है उसको रेड जोन में रखा जाता है। सामान्य बरसात यानि -19 प्रतिशत से लेकर 19 प्रतिशत तक यदि बरसात का आंकड़ा रहता है तो वह ग्रीन जोन में रहता है। जहां पर सामान्य 60 प्रतिशत से ऊपर बरसात हो जाती है उसको ब्लू जोन में रखा जाता है।

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