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ऑफ द रिकॉर्डः ‘अब एक राष्ट्र एक ड्राइविंग लाइसैंस’

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ऑफ द रिकॉर्डः ‘अब एक राष्ट्र एक ड्राइविंग लाइसैंस’

 

काफी अलग फैसले लेने के बाद मोदी सरकार अब एक और नई पहल करने जा रही है। यह चाहती है कि पूरे देशभर में सभी ड्राइविंग लाइसैंसों की निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत पोर्टल होना चाहिए।

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देश के किसी भी राज्य से ड्राइविंग लाइसैंस रखने वाले अपराधी वाहन चलाने में सक्षम नहीं होंगे अगर देशभर में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक केंद्रीकृत इलैक्ट्रॉनिक पोर्टल से जुड़े हों।
किसी भी राज्य और कोने में किसी भी व्यक्ति को जारी किए गए ड्राइविंग लाइसैंस को इलैक्ट्रॉनिक रूप से सिस्टम में फीड किया जाएगा जो उस व्यक्ति को ट्रैक करेगा।

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यदि कोई वाहन चोरी हो जाता है या यात्री का अपहरण हो जाता है या किसी दुर्घटना में शामिल होता है और भाग जाता है, तो उसे इस स्वचालित प्रणाली के माध्यम से ट्रैक किया जाएगा। हालांकि कई राज्यों ने जिले और राज्य स्तर पर अपने स्वयं के सिस्टम का सहारा लिया है, लेकिन राज्य अपने द्वारा जारी किए या रद्द किए ड्राइविंग लाइसैंस के डेटा को केंद्रीय पूल के साथ शेयर नहीं कर रहे हैं। क्यों? क्योंकि किसी ने भी देश में ऐसा डेटा बनाने के बारे में नहीं सोचा था। यदि किसी व्यक्ति को किसी अपराध का दोषी पाया जाता है, तो वह अपना ड्राइविंग लाइसैंस भी खो देगा।

दूसरे,यदि एक राज्य में ड्राइविंग लाइसैंस रद्द कर दिया जाता है, तो व्यक्ति अन्य राज्य से दूसरा बना सकता है, लेकिन अब ऐसा और नहीं। प्रधानमंत्री ने सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात की और इस तरह का एक पोर्टल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए सी.आर.पी.सी. में भी संशोधन किया जाएगा और दोषी साबित अपराधी भी अपना लाइसैंस खो देंगे।

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परिवहन मंत्रालय ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है और वह व्यक्ति अपनी टैक्सी या थ्री व्हीलर या अपने वाहन का संचालन करने में सक्षम नहीं होगा, उसे पूरी तरह से पंगु कर दिया जाएगा। सभी राज्यों को ऐसा पोर्टल बनाने और राष्ट्रीय पोर्टल के साथ एकीकृत करने के लिए विशेष फंड्स भी दिए जाएंगे।

 

 

Source : Dailyhunt

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