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रोजाना औसतन 40 से 50 लाेग कोरोना संक्रमित मिल रहे, बाजाराें में बढ़ रही भीड़, लाेग जागरूक हाेने के बजाए लापरवाही बरत रहे

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रोजाना औसतन 40 से 50 लाेग कोरोना संक्रमित मिल रहे, बाजाराें में बढ़ रही भीड़, लाेग जागरूक हाेने के बजाए लापरवाही बरत रहे

जिले में कोरोना संक्रमण दिनों दिन बढ़ रहा है। रोजाना औसतन 40 से 50 लाेग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। फिर भी लोगों में कोरोना का भय समाप्त हो गया है। यही वजह है कि लोग बाजारों में बेखौफ होकर निकल रहे हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है। हालत यह है कि मास्क व सेनेटाइजर की मांग कम हो गई है। शुरुआती दौर में जिस तरह से मास्क की डिमांड थी, अब कोई उसे पूछने वाला नहीं है।

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मार्च माह में लॉकडाउन के साथ ही कोरोना को लेकर हालात कुछ अलग थे। उस 10 रुपए वाला मास्क 25 से 30, एन-95 मास्क 400 रुपए तक मिल रहा था। उस लाेग ब्लैक में भी मास्क खरीद रहे थे। लेकिन अब राेजाना एक मेडिकल स्टाेर पर 5 से 10 लाेग ही मास्क खरीद रहे हैं। अब उन्हीं मास्क काे काेई 5 से 10 रुपए में भी खरीदने काे तैयार नहीं है। सैनेटाइजर ताे अब काेई लेता ही नहीं।

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डाॅक्टर भी अब इसका इस्तेमाल नहीं करते। मार्च के दाैरान जिले में उस दौरान एक-एक करके 4 लाेग संक्रमित मिले थे, लेकिन कोरोना का खौफ इस कदर लोगों के अंदर रहा कि एक-दूसरे को छूने से परहेज करने लगे थे। बाहर से आने वाला हर व्यक्ति संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा था। लेकिन धीरे-धीरे जब जिले में कोरोना का संक्रमण हुआ और अनलॉक में बाजार आदि खुले तो लोगों ने कोरोना के भय को बिल्कुल ही भुला दिया है। मौजूदा समय में हालात अब अलग ही दिख रहे हैं। कहीं पर लोग कोरोना से भयभीत नजर नहीं आते। जबकि संक्रमण तो अब बढ़ा है।

जिले में 15 दिसंबर से पहले हाेंगे 10 हजार केस
जिले में संक्रमितों की संख्या 9300 के पार हाे चुकी है। रोजाना औसतन 50 लाेग संक्रमित मिल रहे हैं। जिले के सरकारी अस्पताल, प्राइवेट अस्पताल और खानपुर मेडिकल काॅलेज सहित 80 लाेगाें का इलाज चल रहा है। इनमें से 12 लाेग गंभीर है, जाे वेंटीलेटर पर हैं। आम लोगों के साथ ही सरकारी महकमे के लोग भी संक्रमित हो रहे हैं। फिर भी लोग कोरोना को लेकर सजग नहीं है। बाजारों में सुबह से लेकर शाम तक भीड़ उमड़ रही है। कहीं पर कोरोना से बचाव के लिए कोई नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। संक्रमण की वजह सिर्फ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करना है।

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अब बाजाराें में बढ़ रही भीड़, लाेग जागरूक नहीं
लॉकडाउन के दौरान सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को खोलने की छूट दोपहर तक मिली थी। उस दौरान बाजार में सन्नाटा दिखाई देता रहा है। इधर, अनलॉक में सब कुछ जब खोल दिया गया तो बाजारों में इस तरह से भीड़ उमड़ने लगी कि सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ने लगी। करीब 70 फीसदी लोग बिना मास्क लगाकर ही बाहर निकलने लगे। दुकानों में भी कोरोना से बचाव का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है। बैंकों में लगने वाली भीड़ भी संक्रमण को बढ़ाने का काम कर रही है। कई बैंककर्मी, डाॅक्टर, बिजनेसमैन इसी लापरवाही में संक्रमण का शिकार हो चुके हैं।

 

Source : Bhaskar

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