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पानीपत से हर दिन औसतन एक नाबालिग गायब हो रहा है

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पानीपत से हर दिन औसतन एक नाबालिग गायब हो रहा है
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साढ़े 4 साल में 214 बच्चे लापता हुए, शहर से हर दिन गायब हो रहा एक बच्चा

 

पानीपत से हर दिन औसतन एक नाबालिग गायब हो रहा है। पुलिस आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2017 से 29 जून 2021 तक (1640 दिन) में 18 साल से छोटे करीब 1682 बच्चे लापता हुए। इसमें से 1468 तो मिल गए, लेकिन 214 बच्चों की तलाश अब तक अधूरी है। पेरेंट्स दरवाजे पर टकटकी लगाए रहते हैं कि अगली आवाज शायद मेरे दिल के टुकड़े की है, लेकिन फिर वही उदासी।

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सवाल यह है कि इसका गुनहगार काैन है? शहर में बच्चों का अपहरण करने वाले गैंग सक्रिय हैं। इस पर प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज भी आशंका जाहिर कर चुके हैं और सरकार का हाल ऐसा है कि भरोसा देकर करीब सवा 3 साल बाद भी 14 साल की किशोरी के अपहरण की सीबीआई जांच शुरू नहीं करा पाई। डीजीपी को दो बार रिमांइडर भेजा जा चुका है।

मार्च 2020 में शहरी विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में कहा कि पिछले सवा 5 सालाें में गुम हुए 383 बच्चे नहीं मिले। तब सीबीआई जांच की कागजी कार्रवाई शुरू हुई, पर बंद हो गई। यह उदाहरण बच्चों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता दिखाता है। ऐसे बहुत से केस हैं।

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बाहरी कॉलोनियों से ज्यादा बच्चे लापता हो रहे: सबसे ज्यादा शहर की बाहरी कॉलोनियों से बच्चे लापता हो रहे हैं। एक जनवरी से 25 जून 2021 के दरम्यान 18 साल से छोटे बच्चों के आंकड़े देखें तो पुराना औद्योगिक थाना एरिया से 46 लड़का-लड़की लापता हुए। इसमें से 31 मिल गए, जबकि 15 का सुराग नहीं लगा।

वहीं किला थाना एरिया से 33, सेक्टर-29 थाना एरिया से 29, चांदनी बाग थाना एरिया से 26, समालखा थाना एरिया से 25, मॉडल टाउन थाना एरिया से 17 लड़का-लड़की लापता हुए। इसमें क्रमशः 6, 10, 8, 6, 2 बच्चों का सुराग नहीं लग पाया। सिटी थाना एरिया से 11 बच्चों में से 8 का कोई सुराग नहीं लग पाया। ग्रामीण एरिया सुरक्षित है, सनौली, बापौली, मतलौडा से बच्चे लापता हुए, लेकिन सारे मिल गए। सनौली थाना एरिया से 11 में से दो बच्चे नहीं मिले।

ये 3 केस, जो साबित करते हैं शहर में सक्रिय है बच्चा उठाने वाले गैंग

  • जुलाई 2018 में राजीव काॅलाेनी से विश्वास के डेढ़ वर्षीय बेटे सागर का अपहरण हाे गया। सहारनपुर में मुठभेड़ में दाे आराेपियाें काे काबू कर यूपी पुलिस ने बच्चे काे बरामद किया। दाेनाें उसे 5 लाख में बेचने जा रहे थे।
  • अगस्त 2019 काे साधु बनकर 3 युवकाें ने कांधला में विकास के 2 वर्षीय बेटे शंकर के अपहरण की काेशिश की। आराेपी पानीपत के राज नगर के रहने वाले थे।
  • दाे साल पहले जाटल राेड से एक बच्चे का अपहरण कर युवक बस से उसे यूपी ले जा रहा था। राेने पर यात्रियाें काे शक हाे गया। बलजीत नगर चाैकी के सामने बस राेककर लाेगाें ने बच्चे व युवक काे पुलिस काे साैंपा। तब सामने आया कि युवक बच्चे का अपहरण करके ले जा रहा था।

तीन परिवार: जो कई सालों से अपने बच्चों को तलाशने में जुटे हैं-

साढ़े 5 साल बाद भी लड़की नहीं मिली, सीबीआई जांच की उम्मीद

बिहार के नालंदा का एक परिवार 15 साल पहले पानीपत आया था। महादेव कॉलोनी में किराए पर रह रहे थे। 27 जनवरी 2016 को उनकी 14 साल की बेटी का अपहरण हो गया। मां ने आरोप लगाया था कि मकान मालिक व उसके रिश्तेदार ने बेटी से रेप किया। फिर अपहरण कर ले गए।

पुलिस ने अपहरण केस में किसी को नामजद नहीं किया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निर्देश पर पोस्को एक्ट में केस हुआ। मकान मालिक समेत 10 आरोपी गिरफ्तार हुए, पर लड़की नहीं मिली। मार्च 2018 में मंत्री विज ने सीबीआई जांच का निर्देश दिया। अब तक जांच शुरु नहीं हो पाई। मां ने कहा कि लगा था कि शायद बेटी मिल जाएगी, लेकिन गरीबों की सुनता कौन है।

4 साल से दो भाई भी नहीं मिले

शहर की मुखीजा कॉलोनी में रहने वाले मुमताज ने बताया कि 17 अगस्त 2017 को मेरा बेटा 14 वर्षीय शाहिद और 14 साल का भांजा अखलाक खेलने गए थे। इसके बाद लौटकर नहीं आए। 4 साल होने को हैं, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं लगा। परिवार यूपी, हरियाणा, दिल्ली में तलाश कर चुका है।

पुलिस से लेकर क्राइम ब्रांच ने जांच की, नहीं मिला बेटा

जाटल रोड पर आरके पुरम निवासी दीपक को लापता हुए 29 जून को 4 साल पूरे हो गए। तब वह 16 साल का था। पिता सुभाष गोस्वामी ने बताया कि बेटा 29 जून 2017 की शाम को घर के बाहर खेलने के लिए गया था। इसके बाद लौटकर नहीं आया। पढ़ने में होशियार था। पुलिस, एसआईटी, क्राइम ब्रांच ने जांच के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई की। सवा साल पहले गृहमंत्री ने बयान दिया कि सीबीआई जांच कराएंगे, वो भी अब तक शुरु नहीं हो पाई।

एक्सपर्ट व्यू : लाइन ऑफ इंवेस्टीगेशन ड्रा करें डीएसपी

बच्चाें के गुम हाेने पर सुप्रीम काेर्ट की गाइडलाइन है कि गुमशुदगी दर्ज न करके केस रजिस्टर किया जाए। जांच के पैमाने भी हैं, लेकिन जांच हवलदार और एएसआई करते हैं ताे कई बार जांच गंभीरता से नहीं हाे पाती।ऐसे मामलाें में एसएचओ और डीएसपी हर माह गाैर करें। आईओ से फाइल लेकर लाइन ऑफ इंवेस्टीगेशन ड्रा करें। क्या-क्या हुआ और आगे क्या-क्या करना है। रिपाेर्ट हाेते ही जितने जल्दी लाइन बना दी जाए बच्चे के ट्रेस हाेने के चांस उतने ही ज्यादा होते हैं। मंदबुद्धि बच्चाें काे शाम हाेने पर न निकलने दें। पुलिस बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन जैसी जगह पर तैनात की जाए। लगे कि काेई बच्चे से जबरदस्ती कर रहा है या शक हाे ताे ऐसे लाेगाें काे पकड़ा जाए।-राजपाल, रिटायर्ड आईजी, क्राइम हरियाणा

सीधी बात: शशांक कुमार सावन, एसपी-

Q. शहर से आए दिन एक बच्चा लापता हाे रहा है, पुलिस क्या कर रही है? A. इस वर्ष लापता हुए 14 साल से छाेटे करीब 80 प्रतिशत बच्चाें काे पुलिस ने ट्रेस किया है। अधिकतर मामलाें में बच्चाें काे मां या दादी अपने साथ लेकर गई है। 4 से 5 मामले हैं, जिनमें बच्चे गुम हुए हैं। उनकाे ढूंढ़ने की पूरी काेशिश की जा रही है।

Q. आशंका जताई जा रही है कि पानीपत में बच्चा उठाने वाला गिराेह सक्रिय है। पहले ऐसे गिराेह पकड़े भी गए? A.पहले का नहीं कह सकते। लेकिन इस समय काेई गिराेह नहीं है।

चेक कराता हूं कि ऐसा क्यों हुआ। साढ़े तीन साल का वक्त बहुत ज्यादा होता है। डीजीपी से इस बारे में रिपोर्ट ली जाएगी कि आखिर अब तक सीबीआई की जांच क्यों नहीं शुरू हुई है।-अनिल विज, गृहमंत्री, हरियाणा सरकार।

Source Bhaskar

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