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Panipat Live न खांसी न जुकाम फिर भी पॉज़िटिव, पूछताछ से पता चला कितनों से मिला.. कहाँ कहाँ गया

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कोविड-19 का एसिमटोमैटिक केस सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग के हाथ पांव फूल गए हैं। एसिमटोमैटिक केस की हिस्ट्री को पता करना और वह कितने लोगों से मिला है। कहां-कहां रुका है, ये सब विभाग के लिए आसान नहीं है। करनाल के रसूलपुर गांव का जो युवक कोरोना पॉजिटिव मिला है। उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। वो बिल्कुल स्वस्थ था।

डॉक्टरों के अनुसार युवक के शरीर में कोरोना वायरस है लेकिन इम्युनिटी की वजह से वह उसे बीमार नहीं कर पाया। ऐसा केस आना बहुत खतरनाक है। क्योंकि लक्षण न होने पर ये नहीं पता लग सकता कि वो कोरोना का पॉजिटिव है या नहीं। वह लगातार लोगों से मिलता रहता है। इस केस में भी ये ही हुआ है।

अब विभाग उस युवक के संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस करने की रणनीति तैयार कर रहा है। दूसरी ओर बुधवार को सिविल अस्पताल से कोरोना के तीन संदिग्धों के सैंपल भेजे गए हैं। इनको अस्पताल में ही क्वारंटीन किया गया है। गुरुवार को इनके सैंपल की रिपोर्ट आएगी।

बाहर से आए 55 लोगों का क्वारंटीन पीरियड पूरा
तमिलनाडु, असम, दिल्ली व मुंबई से आए 55 लोगों का 14 दिन का क्वारंटीन पीरियड पूरा हो चुका है। इन सबकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसको लेकर विभाग ने राहत की सांस ली है। इन सबको समालखा व प्रेम मेडिकल इंस्टीट्यूट में शिफ्ट कर दिया गया है। लॉकडाउन खत्म होने के बाद इनकी जांच कर इन्हें वापस घर भेजा जाएगा। ईएसआई में फिलहाल चार युवक क्वारंटीन हैं।

मंगलवार रात को आई 40 रिपोर्ट नेगेटिव

मंगलवार रात को खानपुर मेडिकल कॉलेज से 40 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसको लेकर विभाग ने राहत की सांस ली है। अब तक 299 लोगों के सैंपल भेजे गए हैं। इनमें से 283 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 12 लोगों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

यूपी और पंजाब की ओर से कंबाइन में आ रहे लोग, बढ़ सकता है खतरा
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने यूपी और पंजाब से कंबाइन के साथ आने वाले लोगों को लेकर चिंता व्यक्त की है। डॉक्टरों ने बताया कि इन प्रदेश के कई जिलों में कंबाइन पर लोग आ रहे हैं। एक कबाइन पर 5 से अधिक लोग होते हैं। पानीपत से 200 से अधिक कंबाइन गुजर रही हैं। ऐसे में कोविड-19 का खतरा अधिक बढ़ सकता है। प्रशासन को इसको लेकर ठोस कदम उठाने चाहिए।

अब एमसिमटोमैटिक मरीजों का खतरा, इसलिए घरों से ना निकले
करनाल के रसूलपुर गांव का युवक कोरोना वायरस का पॉजिटिव मिला है। वो मध्य प्रदेश के कई गांवों में गेहूं की कटाई कर वापस लौटा है। पानीपत स्वास्थ्य विभाग ने उसके सैंपल लेकर जांच को भेजे तो वो कोरोना का पॉजिटिव मिला। डॉक्टरों के अनुसार उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। वो बिल्कुल स्वस्थ था।

अब ये पता लगाना कि युवक किसके संपर्क में आया था। कहां-कहां कितने लोग उसके संपर्क में रहें। उसने रास्ते में कितने ढाबों पर कंबाइन रोकी और खाना खाया। ये पता लगाना बहुत मुश्किल है। वो तीन माह तक कंबाइन लेकर प्रदेश से बाहर था। अगर किसी मरीज को कोरोना के लक्षण हो तो उससे बचा जा सकता है। अगर किसी को कोई लक्षण ही ना हो तो उससे बचना मुश्किल है। इसलिए अपने घरों में रहें और लोगों से ना मिलें।

कोरोना रोगी के लिए भेजा ना खाने योग्य भोजन, डॉक्टरों ने वापस भेजा
प्रशासन द्वारा सिविल अस्पताल में दाखिल कोरोना के रोगी के लिए ना खाने योग्य भोजन भेजा गया। डॉक्टरों व स्टाफ नर्स ने खाने की जांच की तो खाना देखने में बासी लगा। डॉक्टरों ने खाने को वापस भेज दिया और रोगी के लिए ताजा खाना लाने को कहा। इसको लेकर डॉक्टरों व स्टाफ ने शिकायत भी की है।

युवक में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं। ऐसा केस घातक हो सकता है। अब युवक कहां-कहां रहा कितने लोग उसके संपर्क में थे। वो किसके संपर्क में आकर संक्रमित हुआ। इन सबकी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल 12 सैंपल की रिपोर्ट आना है। 283 नेगेटिव आ चुकी हैं।-डॉ. संतलाल वर्मा, सिविल सर्जन पानीपत।

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