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जींद

55 हजार रुपए लेकर सिर्फ अल्ट्रासाउंड कर आरोपियों ने कहा- जाओ लड्डू बांट दो

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55 हजार रुपए लेकर सिर्फ अल्ट्रासाउंड कर आरोपियों ने कहा- जाओ लड्डू बांट दो

 

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाल भवन के पास स्थित एक निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच करने का मामला पकड़ा है। टीम ने दलाल के मार्फत (डिकोय) गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा।

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आरोपियों ने भ्रूण लिंग जांच के लिए 55 हजार रुपए लेकर सिर्फ अल्ट्रासाउंड किया और महिला को कहा कि चिंता करने की जरूरत नहीं। जाओ और लड्डू बांट दो। इसके बाद महिला ने टीम को बताया कि उसका अल्ट्रासाउंड हो गया है। उसे लड्डू बांटने के लिए कहा गया है।

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सिविल सर्जन डाॅ. मंजीत सिंह, डिप्टी सिविल सर्जन डाॅ. पालेराम कटारिया ने शशि शर्मा के अस्पताल पर दबिश दी। भनक लगते ही अस्पताल की संचालिका आैर दलाल फरार हो गए। देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल संचालिका व दलाल पर केस दर्ज कराया है।

सिविल सर्जन ने बताया कि जांच में टीम को अल्ट्रासाउंड का कोई भी रिकाॅर्ड नहीं मिला। न अल्ट्रासाउंड के लिए महिला से कोई आईडी ली गई। अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के सीसीटीवी भी बंद मिले। टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया है।

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अस्पताल की तलाशी के लिए अभी तक सर्च वारंट नहीं मिल पाया है। जिले में घटते लिंगानुपात को सुधारने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम की 18 दिन के अंदर यह दूसरी रेड है। 25 दिसंबर को टीम ने गाजियाबाद में रेड कर भ्रूण लिंग जांच गिरोह का खुलासा किया था। गिरोह में निडानी गांव की आशा वर्कर अनीता देवी शामिल पाई गई थी।

करनाल में 25 हजार रुपए में भ्रूण लिंग जांच करने वाली अाशा वर्कर गिरफ्तार
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेक्टर-14 स्थित टैगोर अस्पताल में रेड कर भ्रूण लिंग जांच करने के मामले का खुलासा किया है। इस नेटवर्क में स्वास्थ्य विभाग की एक आशा वर्कर भी मिली है। टीम ने गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर भेजा।

जैसे ही आशा वर्कर महिला टैगोर अस्पताल से अल्ट्रासाउंड कराकर निकली, उसे नागरिक अस्पताल चौक पर पकड़ लिया। सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच के लिए 25 हजार में सौदा तय हुआ था। उसके पास से 500-500 के आठ नोट बरामद किए हैं।

टीम ने रसूलपुर की आशा वर्कर किरण व दलाल विक्रम पर केस दर्ज किया है। मुख्य आरोपी एजेंट विक्रम फरार हो गया है। अस्पताल की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया है। अस्पताल के रजिस्टर व दस्तावेज कब्जे में ले लिए, ताकि इस नेटवर्क में उसकी संलिप्तता की जांच की जा सके।

 

 

Source : Bhaskar

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