Connect with us

पानीपत

Oxygen Cylinder Shortage: पानीपत बचाएगा दिल्ली वालों की जान, जानिये, दूसरे काम बंद करके आक्सीजन ही बना रहे

Published

on

Advertisement

Oxygen Cylinder Shortage: पानीपत बचाएगा दिल्ली वालों की जान, जानिये, दूसरे काम बंद करके आक्सीजन ही बना रहे

 

आक्सीजन संकट के बीच पानीपत से राहत की बड़ी खबर आई है। पानीपत रिफाइनरी ने अपने दूसरे काम बंद करके आक्सीजन की सप्लाई दिल्ली और पंजाब में करने का फैसला किया है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा को 150 टन आक्सीजन फ्री में दी जाएगी। इसके लिए दिल्ली में दो से ज्यादा खेप भेजी जा चुकी हैं। जीवनरक्षक मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन का पहला बैच महा दुर्गा चेरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल, नई दिल्ली को भेजा गया। इसके बाद से लगातार टैंकर भेजे जा रहे हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी महसूस की जा रही है ।

Advertisement

COVID 19: India to airlift oxygen generation plants, containers from  Germany | India News – India TV

यह काम बंद किया 

पानीपत रिफाइनरी के साथ ही एयर लिक्विड नोर्थ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी आक्सीजन बनाती है। इसकी आपूर्ति पानीपत रिफाइनरी में की जाती है। मोनो एथिलीन ग्लाइकॉल (एमईजी) यूनिट में इस्तेमाल की जाने वाली उच्च शुद्धता ऑक्सीजन को डायवर्ट किया है। इसका उपयोग मेडिकल-ग्रेड तरल ऑक्सीजन का उत्पादन करने के लिए किया जाता है।

Advertisement

Health Department in UP probes irregular oxygen cylinder prices at COVID-19  hospitals | Business Insider India

इसके लिए यूनिट के थ्रूपुट को भी कम कर दिया गया है ताकि देश में मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। यानी, पानीपत रिफाइनरी ने इस समय दाना उत्पादन बंद कर दिया है। इस दाने से प्लास्टिक के उत्पाद बनते हैं। रिफाइनरी प्रबंधन का कहना है कि अन्य उत्पाद तो बाद में भी बनाए जा सकते हैं।  इसलिए उन्हें जो आक्सीजन की सप्लाई होती है, वह राज्यों को उपलब्ध कराएंगे।

Advertisement

पानीपत रिफाइनरी से ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई तेज।

मास्क और पीपीई का कच्चा माल बना रहे

पानीपत रिफाइनरी में नान वूवन सर्जिकल मास्क और पीपीई किट के लिए कच्चा माल बनता है। इस समय उसका भी उत्पादन बढ़ा दिया है, ताकि कहीं भी मास्क और किट की कमी न रहे।

दिल्ली को देंगे ज्यादा आक्सीजन

पानीपत रिफाइनरी से दिल्ली को ज्यादा आक्सीजन दी जाएगी। दिल्ली को कुल उत्पादन का 58.33 फीसद अलाट किया जाएगा। यहां पर रोजाना 240 टन आक्सीजन का रोजाना उत्पादन होता है।

Source : Jagran

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *