Connect with us

पानीपत

एंबुलेंस वाले ने गुड़गांव से करनाल के मांगे 50 हजार रुपए, अग्रोहा में बेड न मिला तो 3 घंटे एंबुलेंस में दी ऑक्सीजन

Published

on

Advertisement

एंबुलेंस वाले ने गुड़गांव से करनाल के मांगे 50 हजार रुपए, अग्रोहा में बेड न मिला तो 3 घंटे एंबुलेंस में दी ऑक्सीजन

प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मरीजों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में ऑक्सीजन-वेंटिलेटर वाले बेड फुल हो चुके हैं। मरीजों को भर्ती होने के लिए भटकना पड़ रहा है। इसका बड़ा कारण दूसरे राज्यों के 170 से ज्यादा मरीजों का हरियाणा में भर्ती होना है। पंजाब, यूपी, राजस्थान, दिल्ली समेत अन्य जगह के मरीज हरियाणा में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इससे प्राइवेट अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है।

कोरोना मरीजों के परिजन बेड न मिलने से अस्पताल-दर-अस्पताल भटक रहे हैं। गुड़गांव से करनाल के लिए 157 किलोमीटर के एंबुलेंस वाले 50 हजार रुपए मांग रहे हैं। वह अपने मरीज को लेकर किसी तरह बॉर्डर तक पहुंचे, इसके बाद एंबुलेंस की व्यवस्था हुई। कोरोना संक्रमित अस्पतालों के चक्कर काटते-काटते दम तोड़ रहे हैं। यह हालात भयावह हैं।

Advertisement

हिसार| महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज के सामने एंबुलेंस में बेड मिलने का इंतजार करता कोरोना संक्रमित मरीज, जिसे सांस लेने में दिक्कत के चलते ऑक्सीजन की सपोर्ट दी गई है। उसे 3 घंटे बाद बेड मिला। - Dainik Bhaskar

 

Advertisement

हिसार के अग्रोहा में महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर में 150 बेड का आइसोलेशन सेंटर हैं, जिसमें से 100 बेड आईसीयू में हैं। इसमें 60 वेंटिलेटर के हैं। हालांकि सभी बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। 50 बेड आइसोलेशन वार्ड में हैं।

हालात ऐसे हैं कि सभी बेड पॉजिटिव मरीजों से फुल हो गए हैं। यहां एक मरीज को बेड न होने के चलते भर्ती नहीं किया गया। 3 घंटे तक उसे एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन देनी पड़ी। दूसरी ओर भिवानी के सिविल अस्पताल में शुक्रवार रात को कोरोना संक्रमित मरीज के उपचार व सुरक्षा को लेकर स्टाफ की लापरवाही सामने आई है।

Advertisement

शुक्रवार रात को एक कोरोना संक्रमित मरीज अस्पताल के बाहर बेसुध अवस्था में पड़ा मिला और स्टाफ सदस्य ड्यूटी पर सोते रहे। परिजनों ने उसे रात को ही दोबारा आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करवाया, लेकिन कुछ मिनट के बाद ही संक्रमित की मौत हो गई। कार्यवाहक सीएमओ कृष्ण ने पीएमओ को पत्र लिखकर जांच के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इधर, गुड़गांव के नागरिक अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। अब मरीजों का इलाज अस्पताल के बाहर जमीन पर किया जा रहा है।

यूपी, पंजाब और दिल्ली के मरीज आ रहे, बाहरी मरीजों को 1-2 दिन में भर्ती कराने का आश्वासन

हालत बिगड़ने युवक को अग्रोहा लेकर पहुंचे परिजनों को करना पड़ा इंतजार

हिसार के कैमरी रोड निवासी युवती ने बताया कि उसके भाई की हालत बिगड़ी तो शुक्रवार रात हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने खराब हालत के चलते अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया। वे अग्रोहा मेडिकल पहुंचे तो कहा गया कि सभी बेड फुल हैं। इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने 3 घंटे तक एंबुलेंस में ऑक्सीजन पर रखकर इंतजार किया। बड़ी मुश्किल से 3 घंटे बाद उन्हें एंबुलेंस से बेड नसीब हुआ। इसी तरह कई मरीजों को एंबुलेंस में रखा गया है।

पूरी ऑक्सीजन न मिलने से तोड़ा दम: दौलतपुर निवासी एक युवक ने बताया कि 2 दिन से उसके ससुर मेडिकल के कोविड हॉस्पिटल में भर्ती है, उसे बेड पर पूरी ऑक्सीजन नहीं मिल रही, जिससे हालत बिगड़ रही है, वह अपने मरीज को रेफर कराना चाहता है, ताकि मरीज को ऑक्सीजन पूरी मिल सके। वहीं, मेडिकल के नोडल अधिकारी राजू चौहान ने बताया कि के सभी मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। रेफर करने की नौबत नहीं आई।

कोरोना मरीज की मौत, डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप

भिवानी, गांव खेड़ा सुल्तान जिला झज्जर निवासी हरीपाल को बुखार की शिकायत थी। शुक्रवार को परिजनों ने भिवानी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में मरीज को भर्ती किया। हरीपाल के भाई उमेद ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को कोरोना पॉजिटिव होने पर भिवानी के चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन देर रात किसी परिचित ने फोन कर बताया कि वह अस्पताल से बाहर बेसुध पड़ा है।

अस्पताल पहुंचा तो उसका भाई आइसोलेशन वार्ड के बाहर अचेत अवस्था में पड़ा था। वह उसे दोबारा वार्ड में भर्ती करवाने गया तो वहां पूरा ड्यूटी स्टाफ नींद में था और वार्ड के सभी दरवाजे खुले थे। उसने ड्यूटी स्टाफ को उठाकर भाई का उपचार शुरू हुआ। उसे सेंटर से बाहर निकाल दिया था। कुछ मिनटों बाद मौत हो गई। उमेद ने मौत के लिए डॉक्टरों व स्टाफ की लापरवाही को जिम्मेदार बताया।

गुड़गांव से करनाल पहुंचे लोग बोले- हम भी किसान, पर बॉर्डर पर गंभीर मरीजों को रास्ता मिले

करनाल में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब से भी मरीज इलाज लेने के लिए पहुंचे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में 50 से लेकर 100 मरीज इलाज के लिए वेटिंग में हैं। गुड़गांव से मरीज लेकर करनाल आए व्यक्तियों ने कहा कि गुड़गांव में उनके मरीज को ऑक्सीजन ही नहीं मिल रही थी। वहां वे अपने मरीजों को लेकर अमृतधारा अस्पताल में लेकर आए, जहां पर उनका इलाज चल रहा है।

गुड़गांव से मरीज लेकर करनाल आए लोगों का कहना है कि वे भी किसान परिवार से हैं, लेकिन जब गुड़गांव से अपने मरीज को करनाल ला रहे थे, तो रास्ते में एक घंटा दिल्ली बाॅर्डर पर लग गया है, जबकि उनके मरीज को ऑक्सीजन की शीघ्र जरूरत थी। सरकार बाॅर्डर से किसानों को जल्द हटाए, क्योंकि अब आंदोलन कोराेना जैसे आपातकाल में फंसे लोगों की जान पर जोखिम है।

उन्होंने कहा कि जब वे गुड़गांव से मरीज को करनाल ला रहे थे तो एंबुलेस सर्विस के तौर पर गुड़गांव में 50 हजार रुपए मांगे गए। वे जैसे-तैसे बाॅर्डर तक अपने मरीज को लाए और करनाल से एंबुलेंस को बुलाया गया।

पानीपत में 50 से ज्यादा बाहरी मरीज, 9 की मौत

पानीपत के 10 बड़े निजी अस्पतालाें में लाेकल मरीजाें काे बेड नहीं मिल रहे, क्योंकि दिल्ली व उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशाें के मरीज पानीपत आ रहे हैं। पिछले 1 सप्ताह में पानीपत में दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्याें व अन्य जिलाें के 50 से ज्यादा मरीज आए हैं। इनमें 9 लाेगाें की अब तक जान चुकी हैं। 15 वेंटीलेटर पर हैं। 24 ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। सिविल सर्जन डाॅ. संजीव ग्राेवर ने कहा कि मरीजाें काे आने से नहीं राेक सकते। लोग पहले फोन करें फिर मरीजाें काे लेकर आएं।

पूरे प्रदेश में जिंदल ग्रुप देगा निशुल्क ऑक्सीजन

ओपी जिंदल ग्रुप अग्रोहा मेडिकल कॉलेज समेत पूरे हरियाणा में निशुल्क ऑक्सीजन गैस उपलब्ध कराएगा। ग्रुप की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल का यह फैसला राहत देने वाला है। राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) डॉ. डीपी वत्स ने कहा कि वैश्विक महामारी के खिलाफ ऑक्सीजन संजीवनी है। वत्स ने किसानों से अनुरोध किया कि वे दिल्ली से हरियाणा के अस्पतालों में इलाज कराने आ रहे गंभीर मरीजों के लिए रास्ता छोड़ दें, यह मानवता की बड़ी सेवा होगी।

 

 

Source : Bhaskar

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *