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पानीपत

नाॅन काेविड अस्पतालाें की ऑक्सीजन राेकी, सांस, दिल के 300 मरीजाें की जान खतरे में

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नाॅन काेविड अस्पतालाें की ऑक्सीजन राेकी, सांस, दिल के 300 मरीजाें की जान खतरे में

 

पानीपत में अब नाॅन काेविड अस्पतालाें के लिए भी बड़ा संकट हाे गया है। संकट इसलिए क्याेंकि जिला प्रशासन ने सभी नाॅन काेविड अस्पतालाें की ऑक्सीजन की सप्लाई राेक दी है। जिले के 300 से ज्यादा सांस, दमा व दिल के मरीजाें की जान खतरे में आ गई है। जिले में आईएमए (इंडियन मेडिकल एसाेसिएशन) के तहत करीब 130 निजी अस्पताल हैं। जिनमें 10 बिस्तराें से लेकर 100 बिस्तराें की कैपेसिटी है।

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पानीपत. सिविल अस्पताल में बने टैंक में ऑक्सीजन डालते हुए। - Dainik Bhaskar

इनमें 100 से ज्यादा अस्पताल नाॅन काेविड हैं। इन अस्पतालाें में बच्चाें, गर्भवती, हड्डी राेगी, राेड एक्सीडेंट, घबराहट वाले मरीज, सांस के राेगी, दिल के मरीज सहित अन्य तरह के मरीज एडमिट हैं। कई अस्पतालाें के डाॅक्टराें का कहना है कि अगर यही हालात रहे ताे अस्पतालाें पर ताले लगाने हाेगें।

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आईएमए के प्रधान डाॅ. वेद प्रकाश ने बताया कि नाॅन काेविड अस्पतालाें काे ऑक्सीजन नहीं मिलेगी, हम मरीजाें काे कैसे एडमिट करेंगे जिनकाे तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत हाेती है। हमें मजबूरन हाथ जाेड़कर सांस राेगी, दमा राेगियाें सहित अन्य मरीजाें काे भी मना करना पड़ रहा है क्याेंकि हमारे पास ऑक्सीजन ही नहीं है। एक दाे दिन के अंदर प्रशासन से इस बारे में मिलेंगे।

डीसी धर्मेंद्र सिंह ने दावा किया है कि नॉन-कोविड अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई नहीं रोकी गई है। हैं, जितनी वह पहले लेते थे। अगर किसी को कोई दिक्कत आ रही है कि जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी से संपर्क करें।

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सिविल अस्पताल में डाॅक्टराें के साथ झगड़ा

सिविल अस्पताल में मंगलवार रात 4 लाेगाें की काेराेना आइसाेलेशन में माैत हाे गई। सुबह की शिफ्ट में इमरजेंसी में काम कर रही डाॅ. साेनिया के साथ मरीजाें के परिजनाें ने झगड़ा किए। इसके बाद डाॅ. साेनिया ने डाॅ. शालिनी काे बुलाया जिन्हाेंने दाे दिन पहले ही एमएस डाॅ. आलाेक जैन के पाॅजिटिव हाेने के बाद उनका चार्ज संभाला है। अब डाॅक्टराें ने सुरक्षा के लिए पुलिस को मांग पत्र लिखा है।

पाॅजिटिव हाे रहे डाॅक्टर, फील्ड से बुलाएंगे स्टाफ

सिविल अस्पताल के एम डाॅ. आलाेक, डिप्टी एमएस डाॅ. अमित सहित अब तक करीब 12 डाॅक्टर पाॅजिटिव आ चुके हैं। कई डाॅक्टराें का वर्क लाेढ़ बढ़ गया है। इमरजेंसी वार्ड में मरीजाें की देख-रेख के लिए डाॅक्टराें की कमी पड़ी रही है। अब इसके लिए फील्ड से डाॅक्टराें काे बुलाया जा रहा है, लेकिन काेई जॉइन करने काे तैयार नहीं है। वहीं स्टाफ नर्साें काे भी फील्ड से लाने के लिए पत्र लिखा गया है।

पुलिस के पहरे में सिविल अस्पताल पहुंची ऑक्सीजन

सिविल अस्पताल में बुधवार को पुलिस की निगरानी में ऑक्सीजन टैंकर पहुंचा। एसआई राेशनलाल ने बताया कि हेडकांस्टेबल नरेंद्र साथ बैठकर आए। इसमें 6 टन ऑक्सीजन गैस थी। जिसमें एक टन सिविल अस्पताल, एक टन प्रेम अस्पताल और एक टन सेक्टर-29 में एक सेंटर पर उतारी है।

 

 

Source : Bhaskar

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