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किसानों के आंदोलन पर भिड़े हरियाणा व पंजाब के सीएम, कैप्टन अमरिंदर व मनोहर का वार-पलटवार

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किसानों के आंदोलन पर भिड़े हरियाणा व पंजाब के सीएम, कैप्टन अमरिंदर व मनोहर का वार-पलटवार

केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भिड़ गए हैं। काफी किसान इन कानूनों पर अपना विरोध जताने के लिए बुधवार से दिल्ली जाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हरियाणा ने पड़ोसी राज्यों की सीमाएं सील कर इन किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के तमाम बंदोबसत किए। कानून व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिहाज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली भी चौकस है, लेकिन किसानों के इस आंदोलन की वजह से पिछले दो दिनों से न केवल यातायात बुरी तरह प्रभावित है, बल्कि आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है।

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पंजाब के सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनाेहरलाल। (फाइल फोटो)

कैप्टन अमरिंदर बोले, देश का पेट भरने वाले किसानों को दिल्ली जाने से मत रोके हरियाणा

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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच बृहस्पतिवार दोपहर को उस समय विवाद बढ़ गया, जब कैप्टन ने एक के बाद एक चार ट्वीट किए। दो ट्वीट उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को संबोधित करते हुए किए, जबकि एक ट्वीट भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व को यह कहते हुए किया कि वह अपनी पार्टी की सरकारों वाले राज्यों को किसानों को दिल्ली पहुंचने देने के लिए अपील करें। मनोहर लाल ने कैप्टन के इन ट्वीट का लगातार जवाब दिया। मनोहर लाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण में कैप्टन अमरिंदर को भोले किसानों के ऊपर राजनीति करना शोभा नहीं देता।

कैप्टन अमरिंदर ने एक के बाद एक किए  ट्वीट, मनोहर लाल ने दिया जवाब

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कैप्टन अमरिंदर ने अपने पहले ट्वीट में कहा कि यह दुखद विडंबना है कि संविधान दिवस पर किसानों के संवैधानिक अधिकार को न केवल छीना जा रहा है, बल्कि उन्हें प्रताड़ित भी किया जा रहा है। किसानों को कंगाली के कगार पर मत धकेलो और उन्हें अपनी आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाने दो।

कैप्टन ने दूसरे ट्वीट में कहा कि पिछले दो माह से किसान बिना किसी समस्या के पंजाब में शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब वह जब हरियाणा पहुंचे तो बल प्रयोग कर उनकी आवाज को न केवल दबाया जा रहा है, बल्कि उन्हें हिंसक बनने के लिए उकसाया भी जा रहा है। कैप्टन ने इस ट्वीट में मनोहर लाल से पूछा कि क्या किसानों को सार्वजनिक राजमार्ग से शांतिपूर्ण तरीके से गुजरे का अधिकार नहीं है। कैप्टन ने अपने तीसरे ट्वीट में भाजपा हाईकमान से कहा कि पूरे देश का पेट भरने वाले किसानों के साथ इस तरह का अन्याय उचित नहीं है। भाजपा नेतृत्व को चाहिये कि वह अपनी पार्टी की सरकारों वाले राज्यों से कहे कि किसानों को अपनी बात कहने के लिए दिल्ली आने दें।

 

 

मनोहर का जवाब, किसानों पर राजनीति बंद कीजिये, एमएसपी नहीं मिला तो राजनीति छोड़ दूंगा

कैप्टन अमरिंदर के इन तीनों ट्वीट का हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तगड़ा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर जी, आपके झूठ, धोखे और प्रचार का समय खत्म हो गया है। लोगों को अपना असली चेहरा देखने दें। कृपया कोरोना महामारी के दौरान लोगों के जीवन को खतरे में डालना बंद करें। मैं आपसे लोगों के जीवन के साथ नहीं खेलने का आग्रह करता हूं। कम से कम महामारी के समय ऐसी सस्ती और घटिया राजनीति करने से बचें।

 

मनोहर लाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि मैं पिछले तीन दिनों से आप से बात करने-आप तक पहुंचने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन दुख की बात है कि आपने मुझसे मिलने या बात करने में कोई रुचि नहीं दिखाई। यह आपका फैसला है। इससे यह भी पता चलता है कि आप किसानों के मुद्दों के समाधान के लिए कितने गंभीर हैं। आप केवल ट्वीट करते हैं और भाग जाते हैं। आपको जवाब देना चाहिये कि आप बातचीत के लिए क्यों तैयार नहीं हैं।

 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने तीसरे और आखिरी ट्वीट में कहा कि मैं पहले भी कहता रहा हूं और आज भी कह रहा हूं कि तीनों कृषि कानूनों से किसानों को कोई नुकसान नहीं होने वाला है। किसानों की सारी फसल एमएसपी पर खरीदी गई है। मंडी व्यवस्था भी कायम है। आगे भी रहेगी। यदि किसानों को उनकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा। इसलिए आप निर्दोष किसानों को उकसाना बंद करें।

 

 

Source : Jagran

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