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पानीपत

टोल पर उत्सव सा माहौल, किसानों में दिखा जोश

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टोल पर उत्सव सा माहौल, किसानों में दिखा जोश

 

 

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गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के लिए किसानों का जोश देखते ही बना रहा है। पानीपत टोल नाके पर हर मिनट में ट्रैक्टरों की लंबी कतार निकलती दिखी। इतनी तेज सर्द हवा है, उससे ज्यादा इन किसानों का जोश है। किसान एकता के लगते नारे और बजते गाने उस जोश को और बढ़ा रहे थे। छोटे व युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग किसान भी दिल्ली ट्रैक्टर रैली में भाग लेने के लिए निकले हैं। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि अपने पोते के साथ दादा भी ट्रैक्टर पर सवार हैं। कहते हैं, पैर से अच्छे से चल नहीं सकता तो क्या हुआ। जोश में कमी नहीं है। पोते के साथ ट्रैक्टर परेड में शामिल होने जा रहा हूं। दूसरी ओर टोल पर चल रहे धरने में सोमवार को बबैल गांव की दर्जनों महिला भी पहुंची। साध्वी देवा ठाकुर भी समर्थन देने धरना स्थल पर आई। गांव से भी निकले ट्रैक्टर

टोल पर उत्सव सा माहौल, किसानों में दिखा जोश

पानीपत जिले के भी बबैल, रजापुर, उग्राखेड़ी, बुड़शाम, कवी, सींक, नौल्था, डाहर, नारा, बलाना, छिछड़ाना, मांडी आदि गांव से भी सोमवार को सैकड़ों ट्रैक्टरों पर किसान सवार होकर रैली में शामिल होने के लिए निकले। भाकियू जिला प्रधान कुलदीप बलाना ने बताया कि जिले से तीन हजार के करीब ट्रैक्टर लेकर किसान शामिल होंगे। दो हजार से ज्यादा जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि इसराना में पूर्व कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से कार्यक्रम कर ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। टोल पर उत्सव सा माहौल

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पानीपत टोल प्लाजा पर उत्सव सा माहौल है। हर मिनट में करनाल की तरफ से ट्रैक्टर, कार व अन्य वाहनों में सवार होकर किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। टोल पर विशाल लंगर लगा है। जहां सोमवार को नमकीन व मीठे चावल के अलावा खीर से लेकर कड़ी चावल बने थे। चाय का स्टाल अलग से लगा था। कई किसान खड़े होकर आने वाले किसानों से हाथ जोड़कर लंगर लेने की अपील कर रहे थे। कोई हाथ जोड़कर सीधे निकला तो किसी ने रुककर लंगर लिया। हर ट्रैक्टर पर आंदोलन से संबंधित गाने बजते रहे। ठंड से बचाव के लिए अलाव तक का इंतजाम है। किसान के साथ तिरंगा

किसानों ने किसान यूनियन एकता के साथ तिरंगे को भी थाम लिया है। पानीपत टोल से जितने भी ट्रैक्टर, कार, बस व अन्य वाहन दिल्ली जाने के लिए निकले तो सभी पर किसान एकता के झंडे के साथ तिरंगा लहरा रहा था। किसानों ने पूछने पर कहा कि तिरंगा हमारी शान है। उसे देखकर हमारा जोश दोगुना हो जाता है। विशेष बसों से भी निकले किसान

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पंजाब के अलावा अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल से किसानों का दिल्ली की तरफ कूच जारी है। गणतंत्र दिवस पर निकलने वाली ट्रैक्टर रैली का हिस्सा बनने के लिए उतावले है। वो न केवल ट्रैक्टर, जीप, कार से निकले हैं, बल्कि विशेष बसें भी चल रही हैं। किसानों को लेकर दिल्ली बार्डर पर पहुंच रही हैं। बसों में ही पंजाबी गीत बज रहे थे। वहीं कई कई ट्रैक्टर को एक साथ जोड़कर या ट्राली में चढ़ाकर ले जाते भी दिखे। इस कनेक्शन पर किसानों ने कहा कि डीजल की बचत होगी। महिलाओं ने गाए गीत

टोल पर चल रहे धरने में सोमवार को बबैल गांव की महिलाएं भी शरीक हुई। बैठकर गीत गाती दिखी। आठवीं तक पढ़ी कृष्णा दिल्ली सिघू बार्डर पर भी गई थी। वहां के धरने पर बज रहे गानों की तरज पर खुद भी घर बैठे बैठे गीत बना दिया। कृष्णा ने बताया कि करीब तीन घंटे गीत को बनाने में लगे। धरने पर अन्य महिलाओं के साथ गाकर वो काफी खुश दिखी। पुलिस की एडवाइजरी

किसान संगठनों की ट्रैक्टर रैली के कारण यात्रियों को 25 से 27 जनवरी तक करनाल से दिल्ली और रोहतक से दिल्ली के बीच हाइवे पर यातायात संबंधी व्यवधानों का सामना करना पड़ सकता है। केएमपी-केजीपी एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित होगा और इन तारीखों पर कुंडली, असौधा और बादली में इंटरचेंजेस पर यातायात आवागमन सुलभ नहीं होगा। ऐसे में पुलिस ने यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए 25 से 27 जनवरी तक इन मार्गों का उपयोग न करने की सलाह दी जा रही है। पोते के साथ निकले दादा

करनाल के जुंडला के रहने वाले 75 साल के सिदर सिंह अपने पोत्र गुरप्रीत सिंह (14) व हरदीप सिंह (15) के साथ दिल्ली ट्रैक्टर रैली में शामिल होने के लिए निकले। घुटनों में दर्द के चलते ठीक से चल नहीं पा रहे थे। लेकिन जब उनसे पूछा तो जवाब हैरान करने वाला था। सिदर सिंह ने कहा कि घुटनों ने ही तो जवाब दिया है, हौसला तो बुलंद है। हक की लड़ाई के लिए दर्द को दरकिनार कर निकल पड़ा हूं। दो दो पोत्र मेरे संग है। वहीं दादा के साथ पोत्र भी बड़े खुश दिखे। पैदल निकला किसान, नहीं रुकने का संकल्प

मोहाली के गांव खजूर मंडी का रवि आंदोलन में शरीक होने के लिए पैदल निकला। पानीपत टोल प्लाजा पर पहुंचा, पर रूका नहीं। क्योंकि उसने आंदोलन स्थल से पहले न रुकने का संकल्प लिया था। रवि ने चलते चलते बताया कि वह छह घंटे में सौ किलोमीटर का सफर तय करके आया है। अगले छह घंटे में सौ किलोमीटर का सफर तय कर आंदोलन स्थल पर पहुंच जाएगा।

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