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पानीपत

ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की ऐसी हालत के लिए चार लोग दोषी, 17 में से दो ही सड़कें बनीं, वो भी अधूरीं

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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की ऐसी हालत के लिए चार लोग दोषी, 17 में से दो ही सड़कें बनीं, वो भी अधूरीं

 

एक तो सड़कें बन नहीं रहीं। जो बननी शुरू होती हैं, उन्हें भी बीच में छोड़ दिया जा रहा है। शहर ही नहीं, देश की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने वाले ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में यही हालात हैं। 17 सड़कें बनानी थीं। दो ही बनीं, वो भी अधूरी। यहां के लोगों ने तो कहना शुरू कर दिया है कि इससे अच्छा तो सड़कें उखाड़ते ही नहीं। पुरानी सड़क ही ठीक थी। पैदल निकल नहीं सकते। फैक्ट्रियों में मजदूर पहुंच नहीं पा रहे। वाहन भी चलाना आसान नहीं है। शहरवासियों और ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के लोगों ने इसके लिए विभागों के साथ ही पार्षद और विधायक को भी जिम्मेदार ठहराया है। सबसे बड़ा दोषी एचएसआइआइडीसी और ठेकेदार को ठहराया है। इसके बाद जनप्रतिनिधियों को कोसा है। क्यों नहीं कड़ा फैसला लिया जाता। क्यों अनदेखी की जा रही है। चार साल पहले तत्कालीन वित्त, उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने पानीपत में समाधान कार्यक्रम किया था। इंडस्ट्रियल विकास के लिए 31 करोड़ रुपये स्वीकृत हए थे। तीन साल तो टेंडर और वर्क आर्डर होने में ही लग गए। चौथे साल में विकास कार्य शुरू तो हुए, लेकिन बीच में ही छोड़ दिए गए। पिछले दो माह से यहां सड़कों व नाले का निर्माण बीच में लटका है। ठेकेदार 17 सड़कों में से दो सड़क बना सका है। नाला बीच में छोड़ दिया है। नाले अधूरे छोड़ने के कारण पानी की निकासी ठप हो गई। सड़क अधूरी होने के कारण हादसे हो रहे हैं। उद्योगों में माल की आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की ऐसी हालत के लिए चार लोग दोषी, 17 में से दो ही सड़कें बनीं, वो भी अधूरीं

सोमवार को ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के नारकीय हालातों को देखा। यहां के उद्यमियों, कारोबारियों से बात की। उद्यमियों ने कहा कि चार साल से यहां के हालात सुधारने के लिए उद्यमी संघर्ष कर रहे हैं। वर्ष 2012 में ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (एचएसआइआइडीसी) को सौंपा गया था। उम्मीद बनी थी कि अब यहां का विकास हो सकेगा, लेकिन विकास तो होना दूर, पहले से भी ज्यादा हालत बिगड़ गए हैं। कौन दोषी है, इस सवाल पर उद्यमी कहते हैं कि ठेकेदार बीच में काम छोड़कर भाग गया। सबसे बड़ा दोषी एचएसआइआइडीसी है। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाए : मनीष सिगला

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उद्यमी मनीष सिगला का कहना है कि आधी अधूरी सड़क और नाले छोड़ने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार हैं। ठेकेदार से बात करते हैं, तो ठीक से जवाब भी नहीं देता। पूरे इंडस्ट्रियल एरिया को खोद दिया गया है। आने-जाने के रास्ते भी बंद हो गए। हादसे हो रहे हैं। कई चोटिल हो चुके हैं। ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किया जाना चाहिए। सड़क नाले अधूरे छोड़ने की शिकायत सीएम विडो पर

उद्यमियों ने सड़क नाले अधूरे छोड़ने की शिकायत सीएम विडों पर दी है। अब एचएसआइआइडीसी के अधिकारी उद्यमियों से शिकायत वापस लेने के लिए कह रहे हैं। उद्यमियों ने स्पष्ट कह दिया है कि सड़क और नाले बनाओ, तभी शिकायत निपटेगी। माल की गाड़ियां पलट रही : राजीव अग्रवाल

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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन के महासचिव राजीव अग्रवाल का कहना है कि सड़कें नहीं बनने से माल की गाड़ियां पलट रही हैं। यहां से माल ले जाने वाले ट्रांसपोर्टरों ने भाड़ा बढ़ा दिया है। कई सड़कों पर गड्ढे अधिक होने के कारण आए दिन कोई न कोई चोटिल हो रहा है। एचएसआइआइडीसीइसके लिए दोषी है। 2012 में इंडस्ट्रियल एरिया उन्हें सौंपा था। आज तक न तो वे मेंटनेंस कर पा रहे हैं। सरकार से फंड लाकर सड़क नाले बनाने के लिए उन्हें दिया गया। उसके बाद काम नहीं हो रहा। अधूरी सड़क नाला छोड़ा : धमीजा

निर्यातक विनोद धमीजा ने बताया कि दो माह से सड़क नाले का निर्माण कार्य बीच में छोड़ा हुआ है। उद्योग विभाग के ठेकेदार के भुगतान पर भी साइन करवा दिए गए हैं। कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नाले अधूरे छोड़ दिए गए हैं। पानी भरा होने के कारण उद्योगों में आने जाने में भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। सड़क बनाने से पहले हालत बेहतर थे। जल्द से जल्द सड़क नाले बनाए जाने चाहिए। एक साल से पेमेंट नहीं मिली

ठेकेदार गुलशन नरवाल का कहना है कि एक साल से काम चल रहा है। एक पैसा भी पेमेंट का नहीं मिला। चार करोड़ का काम कर चुका हूं। वर्क ऑर्डर के मुताबिक रनिग पेमेंट होती है। पहले उद्योग केंद्र साइन नहीं कर रहा था। 10 दिन पहले साइन किए हैं। पैसे मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। काम जल्द शुरू होगा, एक सप्ताह में होगा भुगतान : एक्सईएन

एचएसआइआइडीसी के एक्सईएन वीरेंद्र कादियान का कहना कि एक सप्ताह में ठेकेदार का भुगतान होगा। जल्दी ही सड़क नाले का काम शुरू करवाया जाएगा। इनकी वजह से जनता भुगत रही परेशानी

1-ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के ज्यादातर उद्यमी सड़क नाले अधूरे छोड़ने के लिए एचएसआइआइडीसी को दोषी मान रहे हैं।

2-दूसरा नंबर ठेकेदार को दे रहे हैं। क्योंकि काम बीच में छोड़ दिया

3-तीसरे नंबर पर दोषी है जिला उद्योग केंद्र। क्यों नहीं सुध ली गई।

4- चौथा नंबर जनप्रतिनिधियों को दे रहे हैं। क्यों नहीं बैठक बुलाते। क्या ये दिन देखने के लिए वोट दिए थे। 19 उद्यमियों ने कहा, जनप्रतिनिधि क्यों हैं शांत

22 उद्यमियों से बात की गई। उनमें से 19 उद्यमियों ने कहा कि एचएसआइआइडीसी की लापरवाही को उद्यमी भुगत रहे हैं। ठेकेदार ने काम बीच में छोड़ा, इस पर कार्रवाई विभाग को करनी चाहिए थी। विभाग जब कुछ नहीं कर रहा तो जनप्रतिनिधियों का आगे आना चाहिए, लेकिन सभी शांत हैं। उद्यमी भुगत रहे हैं। तीन उद्यमियों ने कहा कि यहां का टेंडर बालाजी कंस्ट्रक्शन ने लिया था। उसने सबलेट ठेकेदार को काम सौंप दिया। यह जिस ठेकेदार ने टेंडर लिया था, उसकी लापरवाही है। उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया के बारे में जानिए

-1952 में बना सबसे पुराना औद्योगिक क्षेत्र

-200 से अधिक यूनिट लगी हैं

-पानी की आपूर्ति नहीं, अपने सबमर्सिबल पर निर्भर

-सफाई के लिए कोई व्यवस्था नहीं

-सड़कें-नाले टूटे पड़े हैं

-सीवर की सफाई कारोबारी पैसे इकट्ठा करके करवा रहे।

-10-12 बड़े निर्यात उद्योग लगे हुए

-हर वर्ष लाखों रुपये टैक्स की अदायगी

-डाइंग उद्योग, ढलाई के कारखाने, स्पिनिग मिल, कंबल उद्योग, टैक्सटाइल उद्योग लगे हुए

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