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पानीपत

अन्याय- मांओं को इतनी बेरहमी से पीटा कि बिना सहारे चलने लायक भी नहीं रहीं

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अन्याय- मांओं को इतनी बेरहमी से पीटा कि बिना सहारे चलने लायक भी नहीं रहीं

 

`मृतक बच्चे की मां सुनीता अरुण और शकुंतला, लक्ष्य की मां तो दूसरे के कंधों पर चल पा रही हैं। अगर वे चलने में असहनीय दर्द के कारण चीखते हैं तो कई बार मुंह के इशारे से उनका दर्द महसूस होता है। जबकि तीसरे बालवंशी की मां निर्मला को मामूली चोट आई है।

तीनों का कहना है कि 22 दिनों से हम सिर्फ एक ही मांग कर रहे थे कि हमारे बच्चों की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लें। जब हमें न्याय नहीं मिला तो हम लघु सचिवालय के सामने बैठने वाले थे। लेकिन पुलिस ने हमें सड़कों पर रोककर बुरी तरह पीटा। हम न्याय मांगने गए थे।

पुलिस ने हमारी आवाज को दबाने के लिए यह गुंडागर्दी की है। हम गरीब हैं, इसलिए सुनवाई नहीं हो रही है। न्याय मांगने के बदले में पुलिस लाठी-डंडों का इस्तेमाल कर रही है। किसी को बताना चाहिए कि पुलिस 500 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर हत्या का प्रयास क्यों नहीं कर रही है।

गिरफ्तार भाई ने दवा भी नहीं दी
पुलिस ने गांव के अशोक को गिरफ्तार कर लिया। बहन प्रीति ने बताया कि भाई की बरामदगी हुई है। उसकी दवा चालन है । गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने रात में दवा नहीं दी। बीमारी के कागजात दिखाने के बाद भी वे राजी नहीं हुए। सुबह बहन जी भी दवा देने गई लेकिन पुलिस ने एक बात नहीं सुनी।