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पानीपत

पार्क के घोटाले की जांच करने वाली टीम को निचले अधिकारियों ने नहीं दिया रिकॉर्ड

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पार्क के घोटाले की जांच करने वाली टीम को निचले अधिकारियों ने नहीं दिया रिकॉर्ड

वार्ड-15 के किशनपुरा में रेलवे लाइन किनारे वाले पार्क निर्माण में हुए घोटाले की जांच करने के लिए नगर निगम कमिश्नर सुशील कुमार द्वारा गठित टीम को निचले अधिकारी रिकॉर्ड नहीं दे रहे हैं। जांच अधिकारी का कहना है कि बिना रिकाॅर्ड वह कहां पर और किसकी जांच करें। इससे साबित हो रहा है कि अधिकारी घोटाले की जांच काे दबाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।

 

खुद पार्षद सुमन छाबड़ा व उनके पति अशोक छाबड़ा इस बात को सार्वजनिक तौर पर बोल चुके हैं कि उन्हें जांच कराने की मांग से पीछे हटने का बहुत दबाव बनाया जा रहा है। सोमवर को निगम हाउस की मीटिंग में पार्क की जांच कराने की मांग प्रमुखता से उठाई गई थी। ज्ञात हो कि किशनपुरा में रेलवे लाइन किनारे पार्क के निर्माण के लिए नगर निगम ने 2018 में 49.69 लाख रुपए के 2 अलग-अलग टेंडर निकाले थे।

 

ठेकेदार ने कागजों में पार्क निर्माण पूरा दिखाकर नगर निगम अधिकारियों से सारे बिल पास करवा लिए। नगर निगम के रिकॉर्ड में यह पार्क पूरा बन चुका है। हकीकत में नगर निगम अधिकारियों ने जिन सभी कामों की कंपलिशन रिपोर्ट तैयार करके ठेकेदार को पेमेंट कर दी है, वे आज तक पूरे नहीं हुए। इस तरह नगर निगम अधिकारी व ठेकेदार ने मिलकर खुलकर भ्रष्टाचार किया है।

यह बनी है जांच टीम

जांच टीम का अध्यक्ष पब्लिक हेल्थ एक्सईएन राजेश कौशिक को बनाया गया है। मेंबर में पब्लिक हेल्थ एसडीओ ओम सिंह राणा, एमई नगर निगम कूलभूषण, जेई अजय छौक्कर को शामिल किया गया है।

रिकॉर्ड मिलने पर ही करूंगा जांच

मुझे जांच टीम का अध्यक्ष बनाया गया है। मैं पूरी ईमानदारी से जांच पूरी करूंगा। किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं होगा, लेकिन जांच तो रिकॉर्ड के आधार पर ही होगी। अब तक मुझे रिकॉर्ड ही नहीं दिया गया है। राजेश कौशिक, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ।