Connect with us

पानीपत

हरियाणा के सेफ हाउस बने प्रेमी युगलों के लिए यातना गृह, रोंगटे खड़े कर देने वाले हालात

Published

on

Advertisement

हरियाणा के सेफ हाउस बने प्रेमी युगलों के लिए यातना गृह, रोंगटे खड़े कर देने वाले हालात

 

सेफ हाउस। माने सुरक्षित आवास। लेकिन वास्तव में पिंजरा। ऐसा पिंजरा जहां परिवार वालों से विद्रोह कर विवाह रचाने वाले प्रेम के पंछी बंद हैं। कहने को तो यहां उन्हें पनाह दी गई है, लेकिन उनके लिए यह यातनाकक्ष है। कैथल के सेफ हाउस को ही देखें। एक बुजुर्ग इमारत के एक कमरे में यहां नौ युवा प्रेमी जोड़े रखे गए हैं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शारीरिक दूरी का नियम भी सिसक रहा है।

Advertisement
हरियाणा के सेफ हाउस बने प्रेमी युगलों के लिए यातना गृह, रोंगटे खड़े कर देने वाले हालात

भोजन, चाय नाश्ते की व्यवस्था खुद से करनी पड़ती है। खुद लेने के लिए बाहर जा नहीं सकते। कर्मचारियों से मंगवाना मजबूरी है। इसके लिए उन्हें संबंधित वस्तु के मूल्य के अलावा कर्मचारियों को अलग से भुगतान करना पड़ता है । बाथरूम और टायलेट भी पर्याप्त नहीं। कपड़े धोना चाहें तो तीन-चार दिन बाद नंबर आता है। कारण सुखाने के लिए जगह ही नहीं। सॢदयों में ओढऩा- बिछौना न होने से ठिठुरते हुए रातें काटते हैं। पुलिसकर्मी भी सहानुभूति भरी नजरों के बजाय उपहास करती नजरों से देखते हैं।

Love couple

Advertisement

कैथल का एक युवक प्रेम विवाह करके पत्नी को गोवा ले जाना चाहता था। लेकिन दोनों परिवार वालों के क्रोध को देखते हुए पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस सेफ हाउस में ले आई, वहां पहले से ही आठ जोड़े थे। जगह कम थी। टायलेट के आगे ही इनका गद्दा बिछा दिया गया। पूरा दिन एक-दूसरे से फोन पर बात करने वाला ये जोड़ा अब आमने-सामने होकर भी बात करने को तरस गए हैं। गुमसुम रहते हैं। युवक ने बताया कि अब तो किसी तरह इस पिंजरे से बाहर आना है। इसके लिए शपथपत्र भी उन्हेंं ही लिखकर देना होगा। युवक बताता है कि यहां के कर्मचारी भी चाहते हैैं कि प्रेमी जोड़े चले जाएं। इसलिए शपथपत्र देने के लिए जोर देते हैं।

कमरा है या पिंजरा

Advertisement

हिसार में रहने वाला एक युवक बताता है। छह महीने पहले साथ लगते गांव की सवर्ण युवती से प्रेम विवाह किया। युवती के परिवार वालों को यह मंजूर नहीं था। दोनों साथ जिंदगी गुजारने का निश्चय कर चुके थे। हिसार के सनातन धर्म ट्रस्ट के चेयरमैन संजय चौहान से मिले। पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्हे हिसार के सेफ हाउस में भेज दिया। लगा कि पुलिस सुरक्षा में ही सही, दोनों एक दूसरे को अंक में भरकर प्यार करेंगे। एक दूसरे के प्रति प्रेम का प्रदर्शन करने के लिए कोई पल नहीं छोड़ेंगे। लेकिन जब उन्होंने कमरा देखा तो वह पिंजरा लगा। वहां पहले से ही चार जोड़े मौजूद थे। दूरी के लिए कोई परदा नहीं, सिरहाने को सीमा रेखा की तरह रखा गया। दो सिर एक सिरहाने पर टिक सकें, बस इतनी ही दूरी थी सभी जोड़ों में। मोबाइल रिपयेरिंग करने वाले इस युवक ने बताया, सेफ हाउस से बाहर आए छह महीने हो गए हैं। जेल से कम नहीं थी वह जगह। खाने-चाय के लिए पैसे देने पड़ते थे।  इस हालात में रहने से बेहतर था, बाहर निकलना। छह दिन बाद ही अपने एक परिचित को बुलाया। हजार रुपये खर्च करके बाहर निकले। अब गांव से दूर शहर में रहते हैं। ऐसा ही अनुभव सेफ हाउस से बाहर आने वाले हर प्रेमी जोड़े का है। लेकिन करें तो क्या? प्रेम किया है। कहते हैं-प्रेम के लिए हर कष्ट झेलेंगे।

Love couple safe house

मनोज-बबली प्रकरण के बाद बने सेफ हाउस

कैथल के मनोज-बबली ने सन 2007 में प्रेम विवाह किया था। दोनों की हत्या कर दी गई । दोषियों को उम्रकैद की सजा हो चुकी है। तब से सेफहाउस की मांग उठने लगी थी। इसके बाद भिवानी की आशा ने अपने और अपने प्रेमी के लिए सुरक्षा दिए जाने की मांग के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका लगाई। याचिका का निपटारा करते हुए हाई कोर्ट ने 25 जुलाई 2012 को घर वालों की मर्जी के खिलाफ विवाह करने की सुरक्षा के लिए पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ को आदेश दिए थे। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार सभी जिला मुख्यालयों में अलग से कमरे होने चाहिए।

हाई कोर्ट में रोजाना सौ से ज्यादा केस

सुरक्षा के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में रोजाना सौ से ज्यादा केस आ रहे हैं। केसों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब हाई कोर्ट ने गाइडलाइन बनाई है। इसके मुताबिक सबंधित जिले के सेशन जज, एसपी या डीसी से मदद मांग सकते हैं। खंडपीठ का कहना था कि इन प्रेमी जोड़ों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी सरकार पर है कि वह इन्हेंं सुरक्षा के साथ-साथ उचित कानूनी सहायता भी प्रदान करे।

 

Advertisement

Continue Reading
Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *