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न होगी बत्‍ती गुल, न बिजली बिल की टेंशन, हरियाणा में सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सभी सरकारी कॉलेज

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न होगी बत्‍ती गुल, न बिजली बिल की टेंशन, हरियाणा में सौर ऊर्जा से रोशन होंगे सभी सरकारी कॉलेज

 

 

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प्रदेश भर के सरकारी कॉलेज सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। भीषण गर्मी के समय कालेजों में विद्यार्थियों को बिजली कटों की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसे लेकर अक्षय ऊर्जा विभाग ने सभी कॉलेजों को पत्र लिखकर कॉलेजों की सहमति और एस्टीमेट मांगा है। सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद कालेज प्रबंधन को भारी-भरकम बिजली का बिल नहीं भरना पड़ेगा और विद्यार्थियों को भी काफी राहत मिलेगी।

सरकारी कॉलेजों में सोलर पावर प्लांट स्थापित करने की योजना है। अब तक कालेजों द्वारा हर महीने हजारों रुपए की राशि बिजली बिल के रूप में भरी जा रही है। निदेशालय ने कालेजों को पत्र जारी कर सौर ऊर्जा पावर प्लांट पर आने वाले खर्च का एस्टीमेट भेजने को कहा है। सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद कालेजों की बत्ती गुल नहीं होगी। दरअसल सरकार ने सभी सरकारी भवनों में सोलर पावर सिस्टम लगाना जरूरी किया हुआ है, इसलिए प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, कालेजों, अस्पतालों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे

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विद्यार्थियों को मिलेगी राहत, कालेज प्रबंधन को नहीं भरना पड़ेगा बिजली बिल

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अगर कालेजों में सोलर सिस्टम स्थापित करने की योजना सिरे चढ़ जाती है तो सरकार की यह योजना लाखों विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत होगी। भीषण गर्मी के दौरान विद्यार्थियों को बिजली कटों से मुक्ति मिल जाएगी और कालेजों में निर्बाध बिजली सप्लाई रह सकेगी। कुछ जिलों के सरकारी कॉलेजों में तो गर्मी के दिनों में बिजली सप्लाई गुल होने के चलते बाहर पेड़ों के नीचे कक्षाएं लगानी पड़ती हैं। इसके अलावा सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद कालेज प्रबंधन को हर महीने भारी-भरकम बिजली का बिल नहीं भरना पड़ेगा। कॉलेजों में गर्मी के सीजन में औसतन 40 से 50 हजार रुपये बिजली बिल आता है।

हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में सोलर सिस्‍टम लगेगा।

 

पहले भी होती रही है घोषणा

ऐसा नहीं है कि सरकार ने पहली बार कालेजों से सोलर सिस्टम स्थापित करने को लेकर एस्टीमेट मांगा हो। तीन सालों से हर बार कालेजों से सोलर पैनल सिस्टम लगाने को लेकर एस्टीमेट मांगा जाता है। कालेज द्वारा एस्टीमेट दे भी दिया जाता है, लेकिन इससे आगे कभी बात ही नहीं बढ़ पाई। इस बार फिर से कालेज प्रबंधनों से सोलर पैनल स्थापित करने को लेकर एस्टीमेट मांगा है। देखने वाली बात होगी कि सरकार इस बार गंभीर है या फिर इस साल भी एस्टीमेट से आगे बात नहीं बढ़ पाएगी।

 

विभाग द्वारा मांगी जानकारी उपलब्ध करवाई : राजेश्वरी कौशिक

जींद के राजकीय महिला कालेज की प्रचार्या राजेश्वरी कौशिक ने बताया कि एस्टीमेट बनाकर विभाग के पास भेजा जा चुका है। आगे की कार्रवाई अक्षय ऊर्जा विभाग को करनी है। अगर कालेज को बजट मिलता है, तो कालेज में सोलर सिस्टम स्थापित कर दिया जाएगा।

 

 

 

 

Source : Jagran

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