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पानीपत

आईएएस बनने की परीक्षा में 4 बार असफल रहीं पानीपत की अनुज, यूपीपीएससी की परीक्षा में बन गईं टॉपर, गुड़गांव की संगीता सेकंड

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आईएएस बनने की परीक्षा में 4 बार असफल रहीं पानीपत की अनुज, यूपीपीएससी की परीक्षा में बन गईं टॉपर, गुड़गांव की संगीता सेकंड

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-2018 का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया। पहले तीन स्थानों पर छात्राओं ने कब्जा किया है। पानीपत की अनुज नेहरा पहले, गुड़गांव की संगीता राघव दूसरे व मथुरा की ज्योति शर्मा तीसरे स्थान पर रहींं। अनुज के पिता अशबीर सिंह मूलरूप से सोनीपत के गांव जौली के हैं। वे सेना की जाट रेजिमेंट में हवलदार पद से रिटायर हैं। अनुज की मां ऊषा गृहिणी हैं।

भाई विकास रोहतक पीजीआई में सर्जन हैं। परिवार कई साल से पानीपत के सेक्टर-18 में रह रहा है। अनुज ने पहली बार में ही इस परीक्षा में टॉप किया है। अनुज ने कहा, ‘परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले मैं रो रही थी। हरियाणा के कैंडिडेट को यूपी में अच्छे नंबर मिलेंगे या नहीं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता होगी या नहीं। यह बातें दिमाग में चल रही थीं। तब मां ने शांत कराया। कहा जो होगा अच्छा होगा। परिणाम आया कि खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मैं यूपीएससी की परीक्षा में 4 बार प्रयास कर चुकी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिली।

भाई को हर परीक्षा में अव्वल आते देख प्रेरणा ली कि मुझे भी कुछ करके दिखाना है

मेरी लाइफ का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मेरा बड़ा भाई विकास है। उन्होंने शुरू से अब तक अपनी पढ़ाई बेहद समर्पित होकर की है। उन्होंने रोहतक पीजीआई से मास्टर ऑफ सर्जरी पूरी की है। भाई जब भी किसी डिग्री में अव्वल आते तो लगता था कि मुझे भी कुछ करके दिखाना है। मैंने पानीपत के केंद्रीय विद्यालय से 12वीं की परीक्षा पास की। दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से साइंस में ग्रेजुएशन की। शुरू से यूपीएससी क्लियर करने का सपना था, लेकिन चार बार अटेंप्ट किए।

दो बार मेन्स एग्जाम भी दिया, लेकिन क्लियर नहीं हो सका। इस बीच यूपी लोक सेवा आयोग की परीक्षा की भी तैयारी की तो यह क्लियर हो गया। अभी मेरा सपना आईएएस बनने का है। इसके लिए प्रयास जारी रहेगा। 2014 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन की थी तो हिस्ट्री, पॉलिटिकल व दूसरे सामान्य विषय को पढ़ने में समय देना पड़ा। इसके लिए 12 से 13 घंटे तक पढ़ाई की। यूपीएससी के लिए कोचिंग भी ली। हालांकि, पिछले कुछ समय से घर पर ही तैयारी कर रही थी।

यूपी लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए कोई कोचिंग नहीं ली। यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी ही इसमें काम आ गई। मेरी पढ़ाई की रणनीति एक दम क्लियर थी। ज्यादा से ज्यादा और बार-बार विषय को पढ़ना ही इस परीक्षा को क्लियर करने का मूलमंत्र है। इसके अलावा टाइम मैनेजमेंट का भी पूरा ख्याल रखा। करंट अफेयर्स पर पैनी नजर रखी ताकि पहले पढ़े गए विषयों में जानकारी जोड़ी जा सके। मां-बाप व भाई का हमेशा पूरा सपोर्ट रहा है। परिवार वालों ने बार-बार यूपीएससी की परीक्षा में नाकाम होने पर भी आगे पढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया। मेरा संदेश सभी को यही है कि ईमानदारी से मेहनत करें, सफलता जरूर मिलेगी।

(जैसा कि टॉपर अनुज नेहरा ने भास्कर को बताया)