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पानीपत

कोरोना टेस्ट से डर कर अस्पताल से रफूचक्कर हुए विद्यार्थी, गुरुजी करते रह गए इंतजार

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कोरोना टेस्ट से डर कर अस्पताल से रफूचक्कर हुए विद्यार्थी, गुरुजी करते रह गए इंतजार’

कई दिनों के बाद सोमवार को स्कूल तो खुले लेकिन विद्यार्थी न के बराबर पहुुंचे। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में आने वाले बच्चों की सामान्य स्वास्थ्य जांच के आदेश दिए थे। परंतु स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों ने विद्यार्थियों की सामान्य जांच करने की बजाय उनके कोरोना के टेस्ट कर दिए। विद्यार्थियों को जब इसका पता चला तो कोरोना टेस्ट के डर कर भाग गए और वापस घर चले गए। क्योंकि विद्यार्थी कोरोना टेस्ट नहीं कराना चाहते थे। सभी को एक ही डर था कि कहीं उन्हें कोरोना बीमारी से ग्रस्त बताकर घर में ही कैद न कर दें। उनके कोरोना टेस्ट क्यों किए गए इसका जवाब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है।

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विद्यार्थियों की सामान्य जांच करने के आदेश।

सामान्य जांच करने के थे आदेश

शिक्षा विभाग ने आदेश दिया था कि क्षेत्र के पीएचसी, सीएचसी केंद्रों में स्कूल आने से पूर्व विद्यार्थियों की सामान्य स्वास्थ्य जांच कराई जाएगी। डाक्टर को उन्हें प्रमाण पत्र देना था कि उनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस प्रमाण पत्र को दिखाने के बाद ही विद्यार्थी को स्कूल में प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा उन्हें अपने माता-पिता से स्कूल जाने का अनुमति पत्र दिखाना था। सुबह विद्यार्थी जैसे ही स्कूल गेट पर पहुंचे तो उन्हें अस्पताल में भेज दिया गया। जहां उनके स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ कोरोना के टेस्ट भी शुरू कर दिए। विद्यार्थियों ने जब उनके कोरोना टेस्ट होते देखे तो वह बाहर से ही रफूचक्कर हो गए। कोरोना टेस्ट के बाद जब विद्यार्थी स्कूल पहुंचे तो कम संख्या देख कर टीचर भी हैरान रह गए। बाद में उन्हें पता चला कि कोरोना टेस्ट से बचने के लिए वह घर चले गए हैं।

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पहले दिन बहुत कम पहुंचे विद्यार्थी

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शिक्षा विभाग ने सोमवार से 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को ही स्कूल में बुलाया था। उनकी कक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक लगनी थी। परंतु पहला दिन होने के कारण विद्यार्थी बहुत कम संख्या में पहुंचे। कई स्कूलों में तो 10 विद्यार्थी भी नहीं आए। कहा तो जा रहा है कि यदि विद्यार्थियों का कोरोना टेस्ट किया जाता रहा तो आने वाले दिनों में इससे भी कम संख्या रह सकती है।

 

केवल जांच के आदेश थे : शिवकुमार धीमान

डिप्टी डीईओ शिवकुमार धीमान का कहना है कि विभाग की तरफ से केवल विद्यार्थियों की सामान्य जांच के आदेश थे। कोरोना टेस्ट क्यों किए गए इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक ही बता सकते हैं।

 

लक्षण मिलने पर ही जांच की : विजय दहिया

सिविल सर्जन डा. विजय दहिया ने बताया जिन विद्यार्थियों में कोरोना वायरस के लक्षण दिखे केवल उनका ही कोरोना टेस्ट किया गया है। कितने विद्यार्थियों के टेस्ट किए गए हैं इसकी रिपोर्ट देर शाम तक आएगी।

 

Source : Bhaskar

 

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