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जींद

दोस्त की बहन से छेड़छाड़ को लेकर खूनी संघर्ष, एक युवक को चाकू से गोदा

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दोस्त की बहन से छेड़छाड़ को लेकर खूनी संघर्ष, एक युवक को चाकू से गोदा

 

 

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दोस्त की बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर मनचलों ने जींद बस स्टैंड पर गांव रूपगढ़ के 19 साल के नवीन को चाकुओं से गोद डाला। एक चाकू उसकी छाती में लगा और मौत हो गई। नवीन के तीन अन्य साथियों को भी चाकू लगे हैं, लेकिन वे खतरे से बाहर हैं। नवीन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसने इसी साल 12वीं पास की थी और उचाना के राजीव गांधी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ता था।

दरअसल, मौत ही नवीन को जींद खींच लाई। वह तीन दिन से वायरल से पीडि़त था। इसके चलते वह घर पर ही आराम कर रहा था। बुधवार दोपहर पिता सुल्तान से पैसे लेकर निजी अस्पताल में दवाई लेने के लिए जींद आया था। जब वह जींद पहुंचा तो गांव में उसके साथ कबड्डी खेलने वाले युवक जितेंद्र का फोन आ गया और बस स्टैंड पर बुला लिया। नवीन जब बस स्टैंड पर पहुंचा तो वहां जितेंद्र के साथ प्रवीन व तीन अन्य युवक भी मिले।

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जींद में युवक को चाकू मारकर हत्‍या कर दी।

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खूनी संघर्ष में घायल युवक जितेंद्र ने बताया कि उनके साथ कबड्डी खेलने वाले उसके दोस्त का फोन आया कि कॉलेज में पढऩे आने वाली उसकी बहन को कई दिन से गांव नंदगढ़ निवासी आशीष व बॉक्सर नामक युवक अपने साथियों के साथ परेशान कर रहा है। इसलिए उन युवकों को समझाना है। जब वह बस स्टैंड पर पहुंचे तो लड़की बस में बैठकर जा चुकी थी। उनकी आरोपित आशीष व बॉक्सर से बातों-बातों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान आशीष गुट के चार-पांच युवक आ गए और उग्र हो गए। वे उनके साथ मारपीट करने लगे।

 

जब जितेंद्र के साथ मौजूद नवीन, प्रवीन व दूसरे लोगों ने विरोध किया तो आरोपितों ने अपने पास मौजूद चाकुओं को निकाल लिया और नवीन की छाती में चाकू मार दिया। इसके बाद जितेंद्र व प्रवीन पर भी चाकू से हमला कर दिया। इसी दौरान हुई धक्का मुक्की में आशीष के सिर में भी चोट आई। इसी दौरान जितेंद्र व उसे साथी नवीन को घायल अवस्था में उठाकर नागरिक अस्पताल में ले आए, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे गुट के लोग आरोपित आशीष को निजी अस्पताल में ले गए। बाद में जब उसके घायल होने का पता चला तो सिविल लाइन पुलिस सफीदों रोड पर निजी अस्पताल में पहुंची और घायल आशीष को नागरिक अस्पताल में लेकर आई। जहां से चिकित्सकों ने पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।

 

चंडीगढ़ गया हुआ था लड़की का भाई

युवक नवीन के पिता सुल्तान ने नागरिक अस्पताल में दाखिल उसके दोस्त जितेंद्र व प्रवीन से घटना के बारे में जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि वह हमला करने वाले सभी युवकों को नहीं पहचानते हैं। दूसरे गांव का उनका दोस्त चंडीगढ़ गया हुआ था और वह सभी युवकों को पहचानता है। हम तो उसके कहने पर ही बस स्टैंड पर गए थे। इसलिए स्वजनों ने बस स्टैंड पर भेजने वाले युवक के आने तक बयान नहीं दिए।

 

तनाव को देखते हुए पुलिस बल बुलाया

नवीन की मौत का पता चलते ही काफी युवक नागरिक अस्पताल में पहुंच गए। पहले तो नवीन, जितेंद्र व प्रवीन को नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखा गया। बाद में दूसरे गुट का आशीष को भी इमरजेंसी में लेकर आए। इस दौरान दोनों गुटों में झगड़ा न हो जाए इसलिए अस्पताल में भारी पुलिस बल को बुला लिया गया और इमरजेंसी के बाहर पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी। बाद में आशीष को पुलिस कर्मियों के साथ पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। उसके बाद अस्पताल से फोर्स को वापस भेजा।

 

 

Source : Jagran

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