Connect with us

City

माैत के गड्ढे

Published

on

Advertisement

कहीं खाली प्लाॅट और शामलात की जमीन में बने तालाब ताे कहीं नालाें और सीवर की टूटी पड़ी स्लैब बनी जानलेवा

 

प्लाॅट मालिकों काे नाेटिस दे चारदीवारी व जमीन की फेंसिंग करवाने की जिम्मेदारी निगम की, नहीं करवाए काम वार्ड-11 की सैनी काॅलाेनी में ही जानलेवा तालाब नहीं है। इस तरह के माैत के तालाब और गड्ढे शहर में और भी बहुत जगहाें पर हैं। अग्रवाल मंडी, नूरवाला की हरि सिंह काॅलाेनी व कुटानी राेड स्थित राकेश नगर का तालाब ताे इतना खतरनाक व दलदली है कि इनमें बच्चे ताे बच्चे अगर काेई बड़ा आदमी भी गिर गया ताे उसकी भी जान नहीं बचेगी। अग्रवाल मंडी का तालाब ताे इतना गहरा है कि इसमें गिरने से आए भैंस, गाय व सांड समेत अन्य पशु गिरने से जान गंवाते रहते हैं।

Advertisement

शहर में जहां कहीं भी खाली प्लाॅट पड़े हैं, उनमें चारदिवारी निकलवाने के लिए मालिकाें काे नाेटिस देने की जिम्मेदारी निगम की है। मेयर अवनीत कौर का कहना है कि खाली प्लाॅट मालिकाें काे नाेटिस देने और शामलात की खाली जमीन में फेंसिंग आदि करने काे लेकर नगर निगम अधिकारियों व पार्षदाें के साथ बैठक की जाएगी।

घरों के चाराें और फैल गया तालाब का पानी
कुटानी राेड के राकेश नगर में बने तालाब ने आसपास के घराें काे भी अपने अंदर समेट लिया है। तालाब किनारे बने 5 घराें के चाराें और तालाब का पानी फैल चुका है। पीड़ित शिव चरण व राहुल ने बताया कि घराें में आना जाना ताे मुश्किल हाे गया है। बच्चाें का बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है। तालाब में पनपने वाले जहरीले जीव भी घराें में घुसते रहते हैं।

Advertisement

सेक्टर-11/12 की सड़क पर टूटी स्लैब
एंजल माॅल से गाेसअली तक बना नाला भी जानलेवा है। इसकी आधे से ज्यादा स्लैब टूटी हुई हैं। इसी सप्ताह में 2 बार हुई बारिश में इस नाले, सड़क व आसपास के एरिया का कुछ पता नहीं था कि कहां क्या है। बरसाती पानी इतना ज्यादा भर गया था कि नाले टूटी स्लैब वाले हिस्से भी आने जाने वाले राहगीराें काे नहीं दिख रहे थे। गनीमत यही रही कि काेई इनमें गिरा नहीं। अगर काेई गिनता ताे जान भी जान सकती थी। शहरवासियों ने इसे सही करने की मांग की है।

बनियाे वाले श्मशानघाट के पास टूटी स्लैब
ड्रेन-1 किनारे बनी सड़क पर अब 24 घंटे पैदल राहगीर व वाहन चालक चलते हैं। इस सड़क पर बनियाे वाले श्मशान घाट के पास सड़क के बीचाें बीच करीब 6 माह से स्लैब टूटी हुई है। देशराज काॅलाेनी निवासी दिनेश जैन ने बताया कि इसकी फाेटाे करके नगर निगम व पब्लिक हेल्थ काे कई बार दे चुके हैं। स्लैब नहीं बदली है।

Advertisement

दलदली तालाब को खत्म करने की ओर कोई ध्यान नहीं
अग्रवाल मंडी में विवादित तालाब है। आसपास के लाेग इसे पक्का तालाब बाेल रहे हैं। वहीं कुछ लाेग इस जमीन पर मालिकाना हक जता रहे हैं। काेर्ट केस चला हुआ है, लेकिन दलदली तालाब काे खत्म करने की ओर काेई ध्यान नहीं है। तालाब के 2 हिस्साें में घर लगते हैं। एक हिस्से में सड़क और एक हिस्से में कुछ मकानाें की पिछली दीवार है।

Advertisement