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पानीपत की फर्म ने किराए पर ली फैक्‍ट्री, पुलिस ने की छापेमारी, नकली शराब का पर्दाफाश

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पानीपत की फर्म ने किराए पर ली फैक्‍ट्री, पुलिस ने की छापेमारी, नकली शराब का पर्दाफाश

यमुनानगर में नकली शराब का तैयार करने और रखने का पर्दाफाश हुआ। रादौर में पकड़ी गई नकली शराब के तार अब जगाधरी से जुड़ गए हैं। यहां पर नकली शराब तैयार करने व रखने का ठिकाना बनाया हुआ था। इस मामले में इनपुट मिलने के बाद शुक्रवार की देर रात जगाधरी में शांति कालोनी में देव इंडस्ट्री नाम की फैक्ट्री पर पुलिस ने रेड की। जहां से शराब की बोतलें व अन्य सामान मिला है।

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पुलिस ने जगाधरी की फैक्‍ट्री में छापेमारी की।

एसपी कमलदीप गोयल भारी पुलिस बल के साथ फैक्ट्री में पहुंचे। फैक्ट्री को चारों ओर से पुलिस ने घेर लिया और बाहर से गेट बंद कर दिया। अंदर पुलिस की टीमें कार्रवाई कर रही थी। बाद में आबकारी विभाग से भी इंस्पेक्टर राजीव दुग्गल टीम के साथ पहुंचे। बताया जा रहा है कि पानीपत की फर्म ने यह फैक्ट्री किराये पर ली थी। फैक्ट्री से शराब तैयार करने का सामान भी मिला है। जिले भर के थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ फैक्ट्री व उसके आसपास मौजूद हैं। अभी इस मामले में कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है।

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एसपी कमलदीप गोयल का कहना है कि अभी वह मौके पर ही हैं। जांच चल रही है। एक साथ पुलिस की इतनी गाड़ियों को देख लोगों में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों का कहना था कि इस फैक्ट्री का गेट कभी खुला नहीं देखा। यदि दिन में यहां कोई आता, तो तुरंत ही गेट बंद कर दिया जाता था। कभी यहां पर काम होते नहीं देखा। आसपास फैक्ट्रियों में कार्य करने वाले लेबर के क्वार्टर भी बने हुए थे। कोई छत पर चढ़ा हुआ था, तो कोई सड़क पर खड़ा था। पुलिस ने सभी को वहां से हटाया।

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खाली ड्रम खरीदने व बेचने का लगा बोर्ड

फैक्ट्री के बाहर देव इंडस्ट्रीज के नाम का बोर्ड लगा है। जिस पर लिखा हुआ है कि यहां पर खाली ड्रम खरीदे व बेचे जाते हैं। पार्षद हरलीन कोहली के पति अमरजीत कोहली भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस फैक्ट्री के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, क्योंकि इसका गेट हमेशा बंद रहता था। कभी यहां पर कोई आते जाते नहीं देखा।

 

आठ अक्टूबर को रजिस्टर्ड हुई फैक्ट्री 

देव इंडस्ट्री फर्म आठ अक्टूबर को ही रजिस्टर्ड हुई थी। सेल टैक्स के अधिकारियों के अनुसार नौ सितंबर को इस फर्म ने आवेदन किया था। आठ अक्टूबर को रजिस्टर्ड हुई। पैकेजिंग का कार्य दिखाकर फर्म रजिस्टर्ड कराई गई थी। प्रवीण नाम के व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड हुई थी। अभी तक कोई रिटर्न इस फर्म की ओर से सेल टैक्स को नहीं मिला। वहीं जिस नंबर पर यह फर्म रजिस्टर्ड है। वह भी बंद आ रहा है।

 

11 सितंबर को रादौर में पकड़ी गई थी नकली शराब 

पुलिस में दर्ज केस के मुताबिक, पुलिस को बुबका निवासी गौरव व घिलौर माजरी निवासी प्रदीप ने सूचना दी थी कि रादौर व बुबका के बीच बालाजी इंजीनियरिंग कालेज के पास कैंटर खड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची। मौके से कुरुक्षेत्र के गांव मथाना निवासी प्रदीप कुमार को पकड़ा। जबकि कैंटर के पास स्वीफ्ट कार व सफारी कार में सवार पानीपत निवासी विकास, मथाना निवासी पोला व राजू व एक अन्य पुलिस को देखकर भाग निकले थे। पकड़ा गया प्रदीप कैंटर में लोड की गई देसी शराब की पेटियों का लाइसेंस व परमिट नहीं दिखा सका। कैंटर से 689 पेटियां मस्ती माल्टा देसी शराब की बरामद हुई। जिन पर पिकाडली एग्रो इंडस्ट्री भादसो का मार्का लगा था। कंपनी के अधिकारियों ने उनकी शराब होने से इंकार किया था। जिससे पता लगा कि यह शराब नकली है। बाद में इस मामले में उप्र के बिजनौर जिले के गांव अलाहाबाद निवासी बिट्टू सिंह को पकड़ा गया था। अब पिछले दिनों जिन लोगों ने यह शराब पकड़वाई थी। उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। नकली शराब तस्करी का मुख्य सरगना पानीपत निवासी विकास बताया जा रहा है।

 

 

 

Source : Jagran

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