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Panipat Textile Industry: चीन में उद्योगों पर पावर कट, पानीपत टेक्सटाइल उद्योगों को लगा करंट

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Panipat Textile Industry: चीन में उद्योगों पर पावर कट, पानीपत टेक्सटाइल उद्योगों को लगा करंट

एक अक्टूबर से केमिकल और डाइस के रेट में और अधिक उछाल आ रहा है। पिछले दो माह में हाइड्रो केमिकल के रेट 100 रुपये किलो से बढ़कर 150 रुपये हो चुके हैं। चीन में औद्योगिक क्षेत्रों में सप्ताह में तीन दिन ही उद्योगों की चलाने की अनुमति दी जा रही है। चार दिनों का पावर कट लागू किया गया। चीन से रंग रसायन सहित अन्य उद्योगों में पानीपत के कारोबारियों की जो एडवांस बुकिंग कर रखी उसे रद्द कर दिया है। अब नए रेट में आठ अक्टूबर के बाद माल बुक किया जा सकेगा।

रंग रसायन कारोबार से जुडे़ व्यापारियों का कहना है कि अक्टूबर में 30-40 प्रतिशत तक तेजी आने की संभावना है। चीन से माल आना बंद हो चुका है। कंटेनर के रेट छह गुणा बढ़ चुके हैं। मुंबई गुजरात से जो केमिकल आ रहा है उसके भाव भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चीन में भारत से कच्चा माल जा भी नहीं पा रहा है। चीन कारोबारियों द्वारा सौदे रद्द किये जाने से पानीपत के उद्यमियों में हड़कंप की स्थिति बनी है।

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चीन के औद्योगिक क्षेत्रों में तीन दिन पावर कट।

पानीपत के सबसे अधिक प्रभावित होने वाले कारोबार

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पानीपत में मिंक कंबल, पोलर 3 डी चादर का कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। निर्यातकों को भी समस्या झेलनी पड़ रही है। बाथ मेट से लेकर अन्य कपड़े की कोस्ट भी बढ़ेगी। दीवाली तक कंबल का सीजन पीक पर होते हैं। इस समय केमिकल डाइस न मिलने तथा रेट अनाप शनाप होने से कंबल पर दोहरी मार पड़ रही है। तैयार कंबल के दाम बढ़ नहीं रहे। जबकि कच्चे माल में लगातार उछाल जारी है। तीन दिन पहले पोलियस्टर यार्न के दामों में भी 3-4 किलो बढ़ा दिए गए। इससे कंबल, 3 डी चादर की इनपुट कोस्ट में जबरदस्त इजाफा होगा।

1 से 8 अक्टूबर तक चीन में अवकाश

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एक अक्टूबर से आठ अक्टूबर तक चीन में अवकाश रहता है। इस दौरान उद्योग धंधें बंद रहते हैं। चीन के व्यापारियों का कहना है कि आठ अक्टूबर के बाद ही नया रेट निर्धारित किया जाएगा।

माल की कमी, भाव और बढ़ेंगे

डाइस एंड केमिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान संजीव मनचंदा का कहना है कि सेट्रिक एसिड फूड ग्रेन मोनो हाइड्रेट का भाव अप्रैल में 80-85 रुपये चल रहा था जो अब 168 रुपये है। हाईड्रो की सबसे अधिक खपत होती है। जिसका भाव 100 से 150 हो चुका है। अक्टूबर में 200 से अधिक जाने की संभावना है। यही हालत सिलिकान आयल की बनी हुई है। फिलहाल बाजार में आर्डर भुगता नहीं पा रहे हैं। चीन ने आर्डर कैंसिल कर दिए हैं, लेकिन यहां के जो आर्डर बुक किए गए हैं। उनमें विवाद हो रहे हैं।

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