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पानीपत

पानीपत में नई लाइटें लगने वाली है, पुरानी लाइट में हुए करोड़ों के घपले पर सब चुप

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पानीपत में नई लाइटें लगने वाली है, पुरानी लाइट में हुए करोड़ों के घपले पर सब चुप

 

नगर निगम के अधिकारियों और नेताओं ने शहर में नई 9800 स्ट्रीट लाइटें लगाने की तैयारी कर ली है, लेकिन पुराने का भी ध्यान रखें। रहवासी यह मांग उठा रहे हैं। भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के कारण पुरानी लाइटें ठीक नहीं हो पा रही हैं। जब तक उनकी जांच हो जाएगी, तब तक वे न तो ठीक हो पाएंगे और न ही उनकी जगह पर कोई नई लाइट लगाई जाएगी।

2 साल पहले लगाई गई 10 हजार से ज्यादा लाइटें लगाने में भ्रष्टाचार की जांच अभी लंबित है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक इन लाइटों की जांच की जाएगी तब तक इन्हें न तो मौके से हटाया जाएगा और न ही क्षतिग्रस्त लाइटों को ठीक किया जाएगा।

आयुक्त सुशील कुमार ने बताया कि शहर में अभी जिन स्ट्रीट लाइटों की जांच चल रही है, उन्हें न तो सुधारा जा सकता है और न ही उन्हें बदला जा सकता है। शहर में नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट के तहत शहरवासियों को हर तरह से सहयोग करने की कोशिश होगी।

इन 3 स्थानों पर जहां छाया खराब रोशनी के कारण अंधेरा रहता है
ईदगाह रोड: इस सड़क पर 50 से अधिक लाइटें हैं। यह सब बुरा है । इसमें से अधिकांश टूट चुके हैं। 5 डंडे ऐसे हैं जिनकी दिशा भी मुड़ गई है। 7 डंडे ऐसे हैं, जिनमें लाइट नहीं है। जबकि यह सड़क शहर की सबसे व्यस्त मानी जाती है, क्योंकि यह रेलवे स्टेशन के पीछे से जुड़ी हुई है। इस कारण बाहर से ट्रेनों में आने वाले यात्री इसी सड़क से आते-जाते हैं।

भगत सिंह मार्केट: इस मार्केट में भी 50 से ज्यादा पाइपों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाई गई है। इनमें से ज्यादातर खराब हो जाते हैं। 10 पाइप हैं जिन पर उनके ऊपर लगी लाइट टूटी हुई है और नीचे झुकी हुई है। लोग इस सड़क से पूरी रात आते और जाते हैं। ऐसी स्थिति में अंधेरे में आने वालों के साथ लूटपाट का खतरा बना रहता है।
तहसील कैंपः तहसील कैंप के चौक-चौराहों में टावर और स्ट्रीट लाइट सहित करीब 3000 लाइटें लगी हैं। इनमें से ज्यादातर खराब हैं। इनके कारण अंधेरी सड़कों से आने वाले लोग खतरे से खाली नहीं हैं।