अब निजी स्कूल संचालक आरटीआइ को लेकर मांगी गई सूचनाओं देने में आनाकानी नहीं कर सकेंगे। यदि कोई ऐसा करता है तो उसकी मान्यता वापस हो सकती है। इसको लेकर हरियाणा सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने राज्य सूचना आयोग के निर्देशानुसार जिला पानीपत व पंचकूला के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने पत्र जारी कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी निजी स्कूल प्राइवेट संस्था होने की दलील देकर आरटीआइ की सूचना का जवाब देने से इंकार नहीं कर सकता।

प्राइवेट स्‍कूलों को भी आरटीआइ के तहत सूचना देनी होगी।

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आयोग ने खारिज की दलील

स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन पंचकूला में सदस्य जिरकपुर निवासी मनीष बांगड़ ने आरटीआइ के तहत निजी स्कूलों से संबंधित कुछ सूचनाएं मांगी थी। लेकिन पंचकूला व पानीपत के निजी स्कूलों द्वारा सूचना देने की बजाय ये कहकर पल्ला झाड़ लिया गया की वह प्राइवेट संस्था है, ऐसे में सूचना देने के लिए बाध्य नहीं हैं। इस पर मनीष ने राज्य सूचना आयोग के समक्ष शिकायत की। मामले में एक सितंबर को आयोग ने सुनवाई की। जिसमें पंचकूला और पानीपत के निजी स्कूलों द्वारा आरटीआई की मांगी गई सूचना का जवाब नहीं दिए जाने संबंधी तथ्य रखे गए थे। मामले में सुनवाई के बाद आयोग ने प्रार्थी को पंद्रह दिन के अंदर सूचना भेजने के हेतू कहा हैं। साथ ही जिन स्कूलों ने वह प्राइवेट संस्था, सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है कहकर सूचना देने से इंकार कर दिया। आयोग ने उनकी उक्त दलील को खारिज कर दिया है।

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पंद्रह दिन में सूचना दिलाने के निर्देश

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राज्य सूचना आयोग के निर्देश के बाद सेकेंडरी शिक्षा निदेशालय ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। निदेशालय ने पत्र लिखकर पंचकूला व पानीपत के जिला शिक्षा अधिकारियों को संबंधित स्कूल से सूचना लेकर राज्य सूचना आयोग के अनुसार आरटीआइ कार्यकर्ता को 15 दिन की निर्धारित अवधि में उपलब्ध कराएं। यदि कोई स्कूल सूचना उपलब्ध नहीं करवाता है तो निदेशालय के आदेशों को न मानने के कारण स्कूल की मान्यता वापिस लेने बारे शो काज नोटिस जारी किया जाए।

सूचना न देने पर शो काज नोटिस किया जाएगा जारी

जिला शिक्षा अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि निदेशालय के निर्देशानुसार संबंधित प्राइवेट स्कूल से लेकर पंद्रह दिन के अंदर प्रार्थी को उपलब्ध कराई जाएगी। यदि संचालक सूचना उपलब्ध नहीं कराता है तो उसे मान्यता वापस लेने बारे शो काज नोटिस जारी किया जाएगा।

आयोग के आदेश से मिलेगा सबक

आरटीआइ कार्यकर्ता का कहना है कि आरटीआइ के तहत सूचना मांगने पर काफी प्राइवेट स्कूल संचालक प्राइवेट संस्था का बहाना बनाकर सूचना नहीं देते हैं। ऐसे आयोग के इस आदेश से ऐसे स्कूल संचालकों को सबक मिलेगा और सभी निजी स्कूल समय पर सूचना देने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि खामियों को छिपाने के लिए स्कूल संचालक सूचना देने की बजाय ऐसी बहानेबाजी करते हैं।